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राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों का संगठन बना — AGMFU की प्रथम कार्यकारिणी घोषित

देहरादून। असोसिएशन ऑफ गवर्नमेंट मेडिकल फैकल्टी, उत्तराखंड (AGMFU) की प्रथम कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। इस नवगठित कार्यकारिणी में राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के वरिष्ठ एवं सक्रिय संकाय सदस्यों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं कार्यक्रम से डॉक्टरों के एक गुट के दूरी बनाने पर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। डॉक्टरों के एक समूह द्वारा निर्धारित कार्यक्रम में जानबूझकर अनुपस्थित रहने तथा व्हाट्सएप के माध्यम से प्रायोजित एवं भ्रामक सूचना प्रसारित करने के प्रकरण को उच्च स्तर पर अत्यंत गंभीरता से लिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम से नदारद रहने और इस स्थिति को उत्पन्न करने में शामिल व्यक्तियों/समूहों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
कार्यकारिणी में डॉ. चन्द्रशेखर (हरिद्वार) को अध्यक्ष तथा डॉ. पवनीश लोहान (देहरादून) को महासचिव नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त डॉ. साधना अवस्थी (हल्द्वानी) एवं डॉ. सुशील ओझा (देहरादून) को उपाध्यक्ष बनाया गया है।

संयुक्त सचिव के रूप में डॉ. मनीष भट्ट (अल्मोड़ा), डॉ. सुरेन्द्र सिंह (श्रीनगर), डॉ. आशीष कुमार (हल्द्वानी) एवं डॉ. योगेश्वरी (देहरादून) को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कार्यकारिणी सदस्य के रूप में डॉ. योगेश कुमार (पिथौरागढ़), डॉ. सृजन श्रीवास्तव (रुद्रपुर), डॉ. मोहित सोनी (श्रीनगर), डॉ. डी. सी. पुनेरा (अल्मोड़ा) एवं डॉ. एन. एस. बिष्ट (देहरादून) को शामिल किया गया है।

इस अवसर पर कार्यक्रम के दौरान निदेशक डॉ. अजय आर्य ने सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को संबोधित करते हुए ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

🗣️ उद्धरण (Quote):
“संगठन की मजबूती पारदर्शिता, ईमानदारी और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें और चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करें।” — डॉ. अजय आर्य, निदेशक

🗣️ अध्यक्ष का वक्तव्य:
“हम सभी को मिलकर चिकित्सा शिक्षा के उन्नयन का बीड़ा उठाना होगा। यह संगठन केवल प्रतिनिधित्व का मंच नहीं, बल्कि राज्य में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प है।” — डॉ. चन्द्रशेखर, अध्यक्ष

🗣️ स्वास्थ्य मंत्री का वक्तव्य:
“एकता किसी भी संगठन की सबसे बड़ी ताकत होती है। सभी सदस्यों को मिलकर संगठन को मजबूत बनाना चाहिए और अनावश्यक मतभेदों से बचना चाहिए।” — सुबोध उनियाल

मंत्रीजी ने इस दौरान अख़बारों में प्रकाशित कुछ खबरों का हवाला देते हुए कहा कि संगठन में मतभेद और दूरी की बातों को बढ़ावा देना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकारात्मकता कभी सफल नहीं होती और इस प्रकार की खबरों के पीछे की वास्तविकता को समझना आवश्यक है।

नवगठित कार्यकारिणी के सदस्यों ने संगठन को सशक्त बनाने एवं राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन हेतु मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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By amit