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*कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क वसूलना पड़ा महंगा: बेबी हग कंपनी पर उपभोक्ता आयोग ने लगाया 25,000 रुपये का अर्थदंड*

देहरादून। एक जानी-मानी ब्रांडेड कंपनी द्वारा ग्राहक से पेपर कैरी बैग के नाम पर 14.50 रुपये अतिरिक्त वसूलना महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, देहरादून ने बेबी हग (ब्रायन बीज सॉल्यूशंस) पर सेवा में कमी मानते हुए कुल 25,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।

प्रकरण के अनुसार, 15 फरवरी 2022 को अधिवक्ता शिवा वर्मा के माध्यम से परिवादी अभिषेक वर्मा ने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था। परिवादी ने अपनी पुत्री के लिए बेबी हग स्टोर से कुछ कपड़े खरीदे थे। बिलिंग के समय कंपनी ने पेपर कैरी बैग के लिए 14.50 रुपये अतिरिक्त वसूल लिए। उस पेपर बैग पर “बेबी हग (भारत का सबसे बड़ा बच्चे और किड्स ब्रांड)” मुद्रित था।

परिवाद में कहा गया कि स्टोर में कहीं भी पूर्व सूचना, संकेत या विज्ञापन के माध्यम से यह नहीं दर्शाया गया था कि खरीदारी पर पेपर कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। अधिवक्ता शिवा वर्मा ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि खुदरा विक्रेता अपने लोगो वाले कैरी बैग के लिए शुल्क नहीं ले सकते क्योंकि यह अनुचित व्यापार प्रथा है। ग्राहकों को विज्ञापन वाले ब्रांडेड बैग खरीदने के लिए मजबूर करना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। खुदरा विक्रेता से यह अपेक्षा की जाती है कि वह पैक किए गए सामान को ले जाने हेतु कैरी बैग निःशुल्क उपलब्ध कराए।

लगभग 4 वर्ष तक चले इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद माननीय आयोग ने निर्णय सुनाया। आयोग ने कहा कि विपक्षी कंपनी द्वारा अपने संस्थान का विज्ञापन करने वाले पेपर कैरी बैग का अतिरिक्त शुल्क लेना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी है।

*आयोग का आदेश:*
1. विपक्षी कंपनी 45 दिन के भीतर परिवादी को कैरी बैग की राशि 14.50 रुपये वापस करे। साथ ही सेवा में कमी के लिए 20,000 रुपये की क्षतिपूर्ति तथा वाद व्यय के रूप में 5,000 रुपये का भुगतान करे। 20,000 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि में से 10,000 रुपये परिवादी को दिए जाएंगे तथा 10,000 रुपये उपभोक्ता कल्याण निधि में जमा कराए जाएंगे।
2. यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है, तो परिवादी को कुल राशि पर 15.02.2022 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 7% वार्षिक दर से साधारण ब्याज भी देय होगा।

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By amit

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