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-राज्य सरकार के विजनरी आर्किटेक्टस के हिसाब से तैयार हो रहे संशोधित बायलाज

-नए बायलॉज में सिस्मिक जोन आदि का ख्याल रखते हुए किये जा रहे संशोधन

-कहा, नए प्रस्तावित बायलाज से शहर में अवैध निर्माण कराने वाले होंगे हतोत्साहित

देहरादून। उत्तराखंड के एकमात्र क्वालिफाइड आर्किटेक्टस के संगठन “देवभूमि आर्किटेक्ट एसोसिएशन” ने भवन निर्माण बायलॉस के लिए बनी कमेटी के प्रस्तावित संशोधनों का स्वागत किया है। उन्होंने प्रस्तावित संशोधन की सराहना करते हुए कहा कि इससे शहर में अवैध निर्माणों को हतोत्साहित किया जा सकेगा। एसोसिएशन का कहना है ये तमाम संशोधन राज्य सरकार के विजनरी आर्किटेक्ट के द्वारा शहर हित को ध्यान में रख तैयार किये जा रहे हैं। जिसमे देहरादून की भूकंप के लिहाज से संवेदनशीलता को देखते हुए संशोधन प्रस्तावित हैं।
उत्तराखंड के एकमात्र क्वालिफाइड आर्किटेक्टस की एसोसिएशन देवभूमि आर्किटेक्ट एसोसिएशन बायलाज संशोधन के पक्ष में आगे आई है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आर्किटेक्ट डीके सिंह, सचिव विनय सिंह और कोषाध्यक्ष गौरव सिंह का कहना है कि बिल्डिंग बायलाज में संशोधन के लिए टाउन प्लानिंग, उड़ा, शहरी विकास विभाग एवं अन्य पक्षों की जो कमेटी बनी है उसके द्वारा शहर के नियोजित विकास को लेकर ही बदलाव प्रस्तावित किये जा रहे हैं।
एमडीडीए के वर्ष 1985 में बने बायलाज में दर्ज है कि ड्राफ्टमैन 200 वर्ग मीटर तक काम कर सकता है। अलबत्ता, बीते कुछ वर्षों में बगैर किसी जीओ आदि के कितनी भी बड़ी जमीन पर अपने मनमुताबिक काम किया जा रहा है।
अब बायलॉज में संशोधन नियमानुसार और शहर हित में हो रहे हैं तो कमेटी कि कार्यप्रणाली को प्रभावित करने के लिए अनर्गल तरह से दबाव बनाया जा रहा है।
देवभूमि आर्किटेक्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि “कॉउन्सिल ऑफ आर्किटेक्चर” के नियमों के हिसाब से भी ड्राफ्टमैन 200 वर्ग मीटर तक कार्य करने के लिए अधिकृत हैं।
उनके मुताबिक क्वालिफाइड आर्किटेक्ट शहर के नियोजित विकास को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हम नक्शा बनाते और पास कराते समय राज्य सरकार के नियमों से लेकर सन, विंड डायरेक्शन के साथ ही फायर फाइटिंग के इंतजाम आदि का पूरी तरह से पालन करते हैं ताकि नियोजित कार्य हो सके। उन्होंने कहा कि उनकी एसोसिएशन समय-समय पर टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट को अपने सुझाव प्रेषित करता रहता है जिसके क्रम में अब शहर हित के ठोस अहम निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपना धंधा जारी रहे इसलिए अवैध निर्माण कराने का ठीकरा एमडीडीए पर फोड़ते हैं। सच्चाई यह है कि प्राधिकरण कभी भी किसी गलत निर्माण को प्रश्रय नहीं देता। जबकि बदनाम प्राधिकरण को कर दिया जाता है।

इस मुद्दे पर भी मुखर

देवभूमि आर्किटेक्ट एसोसिएशन का यह भी कहना है कि शहर में अभी साढ़े सात मीटर की सड़क पर केवल स्टिल्ट के साथ दो फ्लोर के नक्शा पास करने की अनुमति प्रदान की जा रही है अगर प्राधिकरण पूर्व की भांति तीन फ्लोर पास कराने की अनुमति प्रदान करेगा तो इससे न केवल आमजन को एक अतिरिक्त फ्लोर मिलेगा बल्कि अवैध निर्माण पर रोक लगाने में भी यह कारगर साबित होगा। प्रमुखता से मांग उठाई गई कि जब 25 फ़ीट कि सड़क पर रोड widning नौ मीटर के हिसाब से छुड़वाई जाती है तो उसे नौ मीटर के हिसाब से 12 मीटर की ऊंचाई भी प्रदान की जाए। इसके साथ ही उन तमाम लोगों के पास भी आमजन को गुमराह करने कि कोई राह नहीं रह जाएगी जो आम व्यक्ति को गलत राह पर लेकर जाते हैं। इसके अलावा छोटे प्लाटों पर एफएआर, ग्राउंड कवरेज आदि में छूट मिलने से निम्न तबके को बड़ी राहत मिलेगी। इससे अवैध निर्माणों पर भी स्वतः ही रोक लगेगी और प्राधिकरण को कोई बेवजह कोई बदनाम भी नहीं कर सकेगा।

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By amit

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