…धराली “आपदा में अवसर” की तलाश में तो नहीं थे “कर्नल साहब”! तो क्या सूंघ कर बता रहे मलबे में दबे हैं 147 शव! बगैर किसी ऑथेंटिक आधार, इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणी “कर्नल” पर कर रही कई सवाल खड़े!
…धराली “आपदा में अवसर” की तलाश में तो नहीं हैं “कर्नल साहब”! तो क्या सूंघ कर बता रहे मलबे में दबे हैं 147 शव! बगैर किसी ऑथेंटिक आधार, इस तरह…


