ख़बर शेयर करें -

धामी सरकार युवाओं को सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, विदेशों में भी दिलाएगी रोजगार, सरकार ने चला मास्टर स्ट्रोक, मैकेंजी ग्लोबल की रिपोर्ट पर आगे बढ़ी सरकार, चीन, जापान, कोरिया में उत्तराखंड के दस हजार युवाओं को मिल सकेंगी नौकरियां
देहरादून। धामी सरकार युवाओं को सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, विदेशों में भी रोजगार दिलाएगी। सरकार ने इसके लिए मास्टर स्ट्रोक चल दिया है। मैकेंजी ग्लोबल की रिपोर्ट पर आगे बढ़ते हुए सरकार ने राज्य के दस हजार से अधिक युवाओं को चीन, जापान, कोरिया में नौकरी सुनिश्चित कराने का इंतजाम कर दिया है। धामी कैबिनेट ने इसके लिए बुधवार को सीएम कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को मंजूरी दी।
इस योजना के तहत देश, विदेश में नौकरियों की मांग के अनुरूप युवाओं को तैयार किया जाएगा। जापान, कोरिया, चीन समेत अन्य देशों में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वहां योगा, फिजियोथेरेपी, वेलनेस, नर्सिंग की मांग बढ़ रही है। इसी मांग के अनुरूप उत्तराखंड के युवाओं को तैयार किया जाएगा।
देश, विदेश में युवाओं को किस तरह अधिक से अधिक नौकरियां मिल सकें, इसके लिए कौशल विकास विभाग को मौजूदा मांग के अनुरूप युवाओं को तैयार किए जाने का जिम्मा सौंपा गया है। विदेशों में हेल्थ केयर सेक्टर में रोजगार के बढ़ते मौकों को देखते हुए कौशल विकास विभाग को नए कोर्स डिजाइन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए आईटीआई का बेहतर उपयोग किए जाने पर जोर दिया गया।
कौशल विकास विभाग ने इस सेक्टर में काम करने वाली एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे हैं। सचिव कौशल विकास विजय यादव ने बताया कि इन एजेंसियों को आईटीआई का उपयोग किए जाने के लिए दिया जाएगा। यहां आईटीआई में ये एजेंसियां युवाओं को प्रशिक्षित करेंगी। उन्हें देश, विदेश में नौकरियों के हिसाब से तैयार किए जाने का जिम्मा सौंपा जाएगा। इन एजेंसियों पर न सिर्फ युवाओं को प्रशिक्षित करने का जिम्मा होगा, बल्कि युवाओं को देश, विदेश में नौकरी दिलाने की भी जिम्मेदारी रहेगी। इसके लिए एजेंसियों के चयन के दौरान उनके अनुभव को ध्यान में रखा जाएगा।

सिखाई जाएंगी विदेशी भाषाएं
युवा विदेशों में बेहतर तरीके से काम कर सकें, इसके लिए उन्हें विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी। जापानी, कोरियन, फ्रैंच, जर्मन, रसियन समेत अन्य भाषाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी। सम्बन्धित देशों के रहन सहन, खानपान समेत भाषा के अनुरूप दक्ष बनाया जाएगा।

डाटा बेस तैयार करने को अपुणी सरकार पोर्टल पर एप्लीकेशन विकसित
विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं से सम्बन्धित डाटाबेस तैयार करने के लिए ‘अपुणी सरकार पोर्टल’ पर एप्लीकेशन विकसित की जा चुकी है। इसके अलावा विदेश रोजगार के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किये जा रहें हैं तथा अब तक इसी कड़ी में कई संस्थाओं के प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हो चकें हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को विदेश में उपलब्ध रोजगार से राज्य के युवाओं को जोड़े जाने के लिए प्रदेश में कार्य करने के इच्छुक हैं।इन संस्थाओं से विचार-विमर्श के बाद प्रथम चरण में नर्सिंग और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्रों में राज्य के युवाओं हेतु उपलब्ध विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़े जाने हेतु कार्य किये जाने पर सहमति बनी है। इसके लिए विदेश रोजगार हेतु युवाओं को डोमेन क्षेत्र में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के साथ-साथ सम्बन्धित देश की भाषा, संस्कृति एवं कार्य नियमों आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त चयनित अभ्यर्थियों के टिकट वीजा आदि से सम्बन्धित प्रक्रियाओं में भी सहयोग प्रस्तावित है।

नर्सिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य संग हो चुकी है बैठक
नर्सिंग के क्षेत्र में विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसर की जानकारी देने के लिए समस्त नर्सिंग कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के साथ वर्कशॉप की जा चुकी है तथा उनके द्वारा इस समबन्ध में पूर्ण सहयोग प्रदान किये जाने का आश्वासन भी दिया गया है। इसके अलावा नर्सिंग एवं हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्रों प्रशिक्षण प्रदान कर रहीं विभिन्न संस्थाओं से इस सम्बन्ध में विचार-विमर्श एवं युवाओं के साथ वर्कशॉप की जा चुकी है।

9 मई को होगी वर्कशॉप
आगामी 9 मई को विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों से एएनएम एवं जीएनएम उत्तीर्ण युवाओं हेतु जापान में एल्डरली केअर में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान किये जाने के लिए वर्कशॉप भी रखी गयी है तथा उक्त वर्कशॉप में ही इच्छुक युवाओं का स्क्रीनिंग टेस्ट लिया जायेगा तथा चयनित युवाओं का प्रशिक्षण आरम्भ किया जायेगा ।यह प्रशिक्षण स्किल हब सहसपुर में होना प्रस्तावित है।

विदेशों में हेल्थ केयर सेक्टर में तेजी से रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए राज्य के युवाओं को इस मांग के अनुरूप तैयार किया जाएगा। उन्हें विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि राज्य के युवाओं के लिए विदेशों में भी रोजगार के मौके बढ़ें।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

Ad Ad Ad Ad

By amit

You missed

*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें