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*देहरादून में पहली बार ड्रग माफिया के विरूद्ध फाइनेशियल इन्वेस्टिगेशन करते हुए उसकी अवैध सम्पत्ति को कराया फ्रीज।*

*एनडीपीएस एक्ट के तहत फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन कर ड्रग माफिया शिवम गुप्ता की 01 करोड से अधिक मूल्य की अवैध सम्पत्ति ( जमीनें, वाहन व बैंक एकाउंट) को पुलिस ने कराया फ्रीज।*

*फ्रीज़ अवैध सम्पति की Market Value अनुमानित मूल्य से है कई गुना ज्यादा*

*अभियुक्त को अवैध मादक पदार्थ के साथ पूर्व में पटेलनगर क्षेत्र से पुलिस ने किया था गिरफ्तार।*

*अभियुक्त के लगातार मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त रहने पर एसएसपी देहरादून द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध फाइनेंसियल इन्वेस्टीगेशन के दिये थे निर्देश।*

*अभियुक्त की अवैध सम्पत्ति को चिन्हित कर दून पुलिस द्वारा Competent Authority And Administrator SAFEM (FOP) Act And NDPS Act Delhi को भेजी थी रिपोर्ट ।*

*रिपोर्ट के आधार पर मां0 अथॉरिटी द्वारा अभियुक्त की अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति को फ्रीज करने के दिये निर्देश।*

*एसएसपी एसटीएफ रहते हुए एसएसपी देहरादून द्वारा ही उत्तराखण्ड में पहली बार एनडीपीएस एक्ट धारा 68 (f) के तहत बरेली गैंग के विरुद्ध शुरू कराई थी फाइनेंशियल इनवेस्टिगेशन ,PIT NDPS के अंतर्गत पहली बार अभियुक्त शिवम गुप्ता को भी जिला कारागार सुद्धोवाला में 09 माह के लिये कराया गया था निरूद्ध।*

*पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत दून पुलिस द्वारा 02 अन्य नशा तस्करों को जिला कारागार में कराया गया है निरूद्ध, जिनके विरूद्ध भी की जा रही है फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन*

*नशा माफियाओं के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही के साथ-साथ उन्हें आर्थिक चोट पहुंचाने के एसएसपी देहरादून द्वारा दिये गये हैं निर्देश।*

*मा0 मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड की”ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025″* की परिकल्पना को साकार करने के लिये एसएसपी देहरादून द्वारा सभी थाना प्रभारियों को नशा तस्करो के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं, साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी में लगातार सक्रिय रहने वाले अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई सम्पत्ति को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध एनडीपीएस एक्ट धारा 68(f) के तहत फाइनेंशियल इनवेस्टिगेशन करते हुए उनकी अवैध सम्पत्ति को जब्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।

उक्त निर्देशों के क्रम में पुलिस द्वारा कोबरा गैंग के शातिर नशा तस्कर शिवम गुप्ता, जिसे पुलिस द्वारा मार्च 2024 में अवैध मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया गया था तथा अभियुक्त कि विरूद्ध पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी व अन्य अपराधों के कई अभियोग पंजीकृत हैं तथा अभियुक्त को पूर्व में पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त रहने पर पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत 09 माह के लिये जिला कारागार सुद्धोवाला में निरूद्ध किया गया था। उक्त अभियुक्त की अवैध सम्पत्ति को चिन्हित करते हुए उसकी जब्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु एसएसपी देहरादून द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। जिस पर अभियुक्त के विरूद्ध पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत फाइनेंशियल इनवेस्टीगेशन प्रारम्भ की गई।

फाइनेंशियल इनवेस्टीगेशन के दौरान पुलिस द्वारा अभियुक्त की देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर स्थित चल अचल संपत्ति की जानकारी प्राप्त की गई, जिसमें अभियुक्त के नाम पर देहराखास में 25 लाख रू0 कीमत का प्लाट, मेहूवाला माफी में लगभग 45 लाख तथा 15 लाख रू0 कीमत के 02 प्लाट, 11 लाख रू0 कीमत के 03 वाहन तथा अलग-अलग बैंक एकाउण्टो में लगभग 03 लाख 20 हजार रू0 होने की जानकारी प्राप्त हुई है।

अभियुक्त की उक्त अवैध सम्पत्ति के चिन्हिकरण की रिपोर्ट पुलिस द्वाराCompetent Authority And Administrator SAFEM (FOP) Act And NDPS Act Delhi को प्रेषित की गई। जिस पर समबन्धित अथॉरिटी ने अभियुक्त द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई सम्पत्ति को फ्रीज करने के आदेश दिये गये। जिसकी रिपोर्ट पुलिस द्वारा रजिस्ट्रार कार्यालय, आर0टी0ओ0 आफिस , बैंकों व अन्य सम्बन्धित विभागों को प्रेषित की गयी है, जिससे अभियुक्त उक्त अवैध सम्पत्ति का उपयोग अथवा क्रय विक्रय न कर सके।

एनडीपीएस एक्ट के तहत जनपद देहरादून में किसी भी नशा तस्कर की अवैध सम्पत्ति के जब्तीकरण की यह पहली कार्यवाही है। इससे पूर्व एसएसपी एसटीएफ रहते हुए एसएसपी देहरादून द्वारा ही उत्तराखण्ड में पहली बार एनडीपीएस एक्ट धारा 68 (f) के तहत बरेली गैंग के विरुद्ध शुरू कराई थी फाइनेंशियल इनवेस्टिगेशन ,अभियुक्त शिवम गुप्ता को ही जिला कारागार सुद्धोवाला में फिट एनडीपीएस के अंतर्गत 09 माह के लिये कराया गया था निरूद्ध।

इसके अतिरिक्त एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर देहरादून पुलिस द्वारा पटेलनगर तथा रायपुर क्षेत्र से नशे के अवैध व्यापार में लिप्त 02 अन्य अभियुक्तों 01: अमरकांत अतिवाल उर्फ डोला तथा 02: मोहसिन राव को पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत जिला कारागार सुद्धोवाला में निरूद्ध कराया गया, जिनकी अवैध सम्पत्ति के चिन्हिकरण के लिये उनके विरूद्ध भी फाइनेंसियल इन्वेस्टिगेशन की जा रही है।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें