ख़बर शेयर करें -

*एसजीएसटी संग्रह में नए आयाम स्थापित कर रहा उत्तराखंड।*

*इस वर्ष माह अगस्त तक कुल 2507 करोड़ रुपये का किया जा चुका है राजस्व संग्रहण।*

*विगत वर्ष अगस्त माह तक हुआ था कुल 2202 करोड़ का जीएसटी संग्रहण।*

*औसत वृद्धि दर में उत्तराखण्ड देश मे चौथे स्थान पर।*

एस जीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) संग्रहण के मामले में उत्तराखंड नए आयाम स्थापित कर रहा है। वर्ष 2024 में माह अगस्त तक राज्य कर विभाग द्वारा 2507 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण किया गया है जो गत वर्ष इसी अवधि के सापेक्ष 14 प्रतिशत अधिक है। जबकि विगत वर्ष अगस्त माह तक कुल 2202 करोड़ का एस जीएसटी संग्रहण हुआ था। नेट एस०जी०एस०टी० के अन्तर्गत माह अगस्त, 2024 तक किये गये कुल राजस्व संग्रहण की तुलना में अन्य राज्यों के राजस्व संग्रहण से करने पर औसत वृद्धि दर के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य चौथे स्थान पर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों का प्रयास रहा है कि राज्य के राजस्व अर्जन में बढ़ोत्तरी की जाए। इसमें राज्य कर विभाग अहम भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में एस जीएसटी संग्रहण से राजस्व वृद्धि पर आधिकाधिक ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए टैक्स चोरी करने वालों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। ’बिल लाओ, इनाम पाओ’ जैसी योजनाओं के जरिये आम उपभोक्ता को एस जीएसटी के सम्बंध में न केवल जागरूक किया जा रहा है बल्कि इससे कर चोरी रोकने में भी मदद मिल रही है।

राज्य कर विभाग के अनुसार एस०जी०एस०टी० के अन्तर्गत माह अगस्त, 2024 तक राज्य कर विभाग द्वारा कुल रू0 2,507 करोड का राजस्व संग्रहण किया गया है, जो गत वर्ष की इसी अवधि के कुल एस०जी०एस०टी० संग्रहण रू0 2,202 करोड़ के सापेक्ष 14 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार नेट एस०जी०एस०टी० (एस०जी०एस०टी०आई०जी०एस०टी० सेटलमेन्ट) के अन्तर्गत माह अगस्त, 2024 तक राज्य कर विभाग का कुल राजस्व संग्रहण रू0 3,880 करोड़ है, जो गत वर्ष की इसी अवधि के कुल राजस्व संग्रहण रू० 3444 करोड़ के सापेक्ष 13 प्रतिशत अधिक रहा है। माह अगस्त, 2024 तक एस०जी०एस०टी० संग्रहण की राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 09 प्रतिशत एवं नेट एस०जी०एस०टी० संग्रहण की राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 11 प्रतिशत रही है।

Ad Ad Ad Ad

By amit

You missed

*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें