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रीढ़ की सर्जरी के अगले ही दिन मरीज खड़ा — राजकीय दून चिकित्सालय ने रचा नई चिकित्सा उपलब्धि का इतिहास
अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक डिस्क सर्जरी से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में नया आयाम

राजकीय दून चिकित्सालय लगातार चिकित्सा नवाचारों के माध्यम से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बना रहा है। इसी क्रम में संस्थान के न्यूरोसर्जन डॉ. डी. पी. तिवारी ने अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक डिस्क सर्जरी तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाकर रीढ़ की सर्जरी को अधिक सुरक्षित, सटीक और मरीज-अनुकूल बना दिया है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे उत्तराखंड के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।

इस उन्नत तकनीक में केवल 6 मिलीमीटर का सूक्ष्म चीरा लगाया जाता है और सर्जरी लोकल एनेस्थीसिया के साथ Awake Sedation में की जाती है। कम दर्द, न्यूनतम रक्तस्राव और तेज रिकवरी इसके प्रमुख लाभ हैं। यही कारण है कि कई मरीज सर्जरी के अगले ही दिन खड़े होकर चलने में सक्षम हो रहे हैं—जो आधुनिक चिकित्सा की दिशा में एक बड़ी छलांग मानी जा रही है।

अब तक संस्थान में पाँच मरीजों का सफल उपचार इस तकनीक से किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि राजकीय दून चिकित्सालय उत्तराखंड का एकमात्र सरकारी अस्पताल है, जहाँ Transforaminal Endoscopic Disc Surgery बिना टांकों (stitchless) और Awake तकनीक के साथ उपलब्ध है। इस पहल से प्रदेश के मरीजों को उन्नत उपचार के लिए महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च—दोनों की बचत होगी।

प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने इस महत्वपूर्ण सफलता पर डॉ. डी. पी. तिवारी और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि नवाचार किसी भी संस्थान की प्रगति का मूल आधार होते हैं। उन्होंने चिकित्सालय के अन्य डॉक्टरों से भी आधुनिक तकनीकों को अपनाने, शोध को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से संस्थान की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने की प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

राजकीय दून चिकित्सालय की यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि सरकारी अस्पताल अब अत्याधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में सुलभ, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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By amit

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