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Delhi. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से भेंट कर उत्तराखण्ड में सड़क कनेक्टीवीटी से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को कंडाली (बिच्छु घास) से बनी स्टॉल के साथ ही राज्य के अन्य स्थानीय उत्पाद भी भेंट किये। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से सी.आईआर.एफ के प्रस्तावों पर वित्तीय एवं प्रशासकीय अनुमोदन के लिए अनुरोध किया। केन्द्रीय संड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि सी.आईआर.एफ में राज्य को 250 करोड़ रूपये की परियोजना की स्वीकृति प्रदान की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित आपदा से क्षतिग्रस्त हुये राष्ट्रीय राजमार्गों को सुचारू किये जाने के लिए एफ0डी0आर0 (सी0) के अन्तर्गत धनराशि का भुगतान किये जाने का अनुरोध केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इसके लिए बाढ़ क्षति की मरम्मत के तहत पुनः प्रस्ताव भेजा जाय। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग -109 k के ज्यामितीय सुधार एवं चौड़ीकरण कार्य के लिये उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को निर्माण एजेन्सी के रूप में नामित किये जाने की स्वीकृति प्रदान किये जाने का भी अनुरोध किया। इसके लिए केन्द्रीय मंत्री ने सहमति दी। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने मसूरी की महत्वपूर्ण 02-लेन टनल परियोजना के कार्य को शीघ्रता से करने के एन.एच.ए.आई के अधिकारियों को निर्देश दिये।

यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-123(507) डामटा से बड़कोट के 2-लेन चौड़ीकरण हेतु डी0पी0आर0 लागत रू0 367.35 करोड़ मात्र की स्वीकृति प्रदान करने का भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग है। केन्द्रीय मंत्री द्वारा इसकी स्वीकृति जल्द दिये जाने का आश्वासन दिया गया।

मुख्यमंत्री ने खटीमा – पीलीभीत बाईपास का निर्माण एन0एच0ए0आई0 के माध्यम से कराये जाने का अनुरोध किया जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जायेगा। खटीमा मेलाघाट वनमहोलिया मार्ग तथा खटीमा लोहियाहैड मार्ग में आर0ओ0बी0 का निर्माण के लिए मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केन्द्रीय मंत्री ने आरओबी के लिए परीक्षण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून रिंग रोड निर्माण कार्य के लिए एन0एच0ए0आई0 द्वारा संरेखण के अंतिमीकरण की कार्रवाई की जा रही हैै। मुख्यमंत्री ने एन0एच0-(ओ0) के अन्तर्गत इनकी जल्द स्वीकृति का अनुरोध केंद्रीय मंत्री से किया। केन्द्रीय मंत्री ने इस पर त्वरित कार्यवाही के लिए एनएचएआई को निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से कुमॉऊ से गढ़वाल मण्डल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-87ई0 (109) (ज्योलीकोट से कर्णप्रयाग) और उत्तराखण्ड एवं हिमाचल राज्य को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-72बी0 (707)(फेडिज से सनैल) के 2-लेन में परिवर्तन के समरेखण प्रस्ताव पर शीघ्र अनुमोदन दिये जाने का अनुरोध किया। श्रीनगर शहरी क्षेत्र में अत्यधिक यातायात घनत्व को दृष्टिगत रखते हुये बाईपास निर्माण के लिए भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने इन तीनों योजनाओं की डीपीआर पर इस माह में स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से अनुरोध किया कि जनपद पिथौरागढ़ के जौलिंगकांग (व्यास घाटी) से बेदाग के मध्य 5 कि०मी० टनल का निर्माण वेदांग से गो एवं सिपु तक 20 कि०मी० मार्ग सहित किये जाने से बी०आर०ओ० एवं सी0पी0डब्लू0डी० द्वारा निर्मित तवाघाट से वेदांग तक का मार्ग संयोजित हो जायेगा। यह जौलिंगकांग एवं बेदांग की दूरी 161 कि०मी० कम कर देगा। सिपु से तोला के मध्य लगभग 22 कि०मी० लम्बाई की टनल का निर्माण किये जाने से दारमा वैली तथा जोहार वैली एक दूसरे से कनेक्ट हो जायेंगे। उन्होंने कहा मिलम से लथल तक 30 कि०मी० टनल का निर्माण होने से जनपद पिथौरागढ़ की जोहार घाटी एवं जनपद चमोली का लप्थल सड़क मार्ग को कनेक्ट किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 03 टनल मार्गों एवं 20 कि०मी० सड़क मार्ग के निर्माण से जौलिंगकांग से लप्थल की दूरी लगभग 42 कि०मी० हो जायेगी, जो कि वर्तमान में 490 कि0मी0 है। मुख्यमंत्री ने गो गांव से आगे बेदांग तक मोटर मार्ग निर्माण किये जाने एवं व्यास वैली में जौलिंगकांग से दारमा वैली के बेदांग गांव को जोड़ने हेतु दोनों ओर से लगभग 19 कि०मी० लम्बाई के मोटर मार्ग एवं लगभग 3 कि०मी० लम्बाई के टनल निर्माण की किये जाने का भी अनुरोध किया।

बैठक के दौरान उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री, लोक निर्माण विभाग श्री सतपाल महाराज सचिव पीडब्लूडी डॉक्टर पंकज पांडेय भी उपस्थित थे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें