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*अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, ऋषिकेश में कई भवन सील, निर्मल बाग और हरिद्वार रोड क्षेत्र में सख्त कार्रवाई, प्राधिकरण ने दी चेतावनी*

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक सीलिंग अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिन्हित कर उन पर सीलिंग की कार्रवाई की। इस दौरान निर्मल बाग ब्लॉक-बी, पशुलोक विस्थापित क्षेत्र तथा हरिद्वार रोड के आसपास अवैध रूप से खड़े किए जा रहे निर्माणों को बंद कराया गया।

प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों को दरकिनार कर किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से कार्यवाही सम्पन्न कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी और जिन निर्माणों को पूर्व में नोटिस दिए गए थे, उन पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

*निर्मल बाग से हरिद्वार रोड तक सीलिंग अभियान*

एमडीडीए द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत सबसे पहले गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी ऋषिकेश में अमर द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को चिन्हित कर उस पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र एवं आवश्यक अनुमति के किया जा रहा था।इसके बाद गली नंबर 11, निर्मल ब्लॉक-बी पशुलोक विस्थापित क्षेत्र में सुमित मल्होत्रा एवं बाबा राम मोहन द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर पुनः सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार पूर्व में चेतावनी के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया था, जिसके चलते दोबारा कठोर कदम उठाया गया। गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी पशुलोक ऋषिकेश में जय चौहान द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर भी पुनः सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों को किसी भी परिस्थिति में नियमित नहीं किया जाएगा और कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है। इसी क्रम में निकट पुरानी चुंगी, हरिद्वार रोड ऋषिकेश में आलोक एवं संजय गोयल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को भी सील कर दिया गया। यह क्षेत्र व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां अनधिकृत निर्माण से यातायात एवं नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी।

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By amit