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*मुख्यमंत्री ने किया 550 करोड़ की योजनाओं लोकार्पण एवं शिलान्यास*

*भ्रष्टाचारी जेल जाने के लिए रहें तैयार- मुख्यमंत्री*

*जनपद हरिद्वार के चहुंमुखी विकास हेतु मुख्यमंत्री ने की 13 घोषणाएं*

*विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किये 75.81 लाख रूपये के चैक वितरित*

हरिद्वार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित विकास संकल्प पर्व में प्रतिभाग कर 550 करोड़ की 107 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लालढांग में सिंचाई सुविधा हेतु झील का निर्माण, लालढांग पीएचसी का उच्चीकरण कर सीएचसी बनाए जाने, भगवानपुर से इकबालपुर तक सड़क का चौड़ीकरण, भगवानपुर से सिकरौदा तक सड़क निर्माण, निरंजनपुर में डिग्री कालेज का निर्माण किए जाने, मुबारकपुर-अलीपुर में हाईस्कूल का उच्चीकरण किए जाने, मोहम्मदपुर जटगांव में रजवाहे के दोनों ओर पटरी पर सीसी सड़क का निर्माण किए जाने, विधान सभा झबरेड़ा के अन्तर्गत रुड़की नगर निगम वार्ड न0 22 व 23 में पानी निकासी व सड़क निर्माण किए जाने, खानपुर में ढाडेकी के सौलानी नदी पर पुल निर्माण किए जाने, गिद्धावाली में गंगा नदी घाट पर पुल निर्माण, नागड पलोनी से रांगढ वाला होते हुए भगवानपुर के पास तक मोटर रोड का निर्माण, मेवड नागड के शमशान घाट में बाउण्डरी वाल निर्माण किए जाने के साथ, मोहम्मदपुर पाण्डा के अन्तर्गत बाउण्डरी वाल निर्माण किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री द्वारा एनआरएलएम के अन्तर्गत लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह को 2 लाख रूपये, उद्यान विभाग द्वारा दरम्यान सिंह को 50 हजार रूपये, ग्रामोत्थान परियोजनान्तर्गत उजाला सीएलएफ को 21 लाख रूपये, आस्था सीएलएफ को 6 लाख रूपये, मत्स्य विभाग द्वारा अजीत कौर को 4 लाख 20 हजार रूपये, कृषि विभाग द्वारा तरूण सिंह अध्यक्ष वर्क कृषि उत्पादन एवं विपणन स्वयं सहायता समूह को 10 लाख, पशुपालन विभाग द्वारा मीनाक्षी देवी को 30 लाख रूपये, बाल विकास विभाग द्वारा चंचल तोमर को 51 हजार रूपये, सहकारिता विभाग द्वारा आकाश कश्यप को 1 लाख 60 हजार रूपये प्रदान करने के साथ ही सुश्री मीना को पीएम आवास योजनान्तर्गत आवास की चाबी सौंपी गई।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि क्षेत्र के विकास हेतु की गई ये सभी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास की परियोजनाएँ न केवल हरिद्वार जनपद में आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्र के विकास को भी नई गति प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि आज ही के दिन 04 जुलाई 2021 को उन्हें देवभूमि उत्तराखण्ड की सेवा करने का मौका दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे सबसे पहले मां गंगा का आशीर्वाद लेकर जनमानस के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि वे आज प्रदेश के समग्र विकास और जन आकांक्षाओं को पूरा करने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने की इस यात्रा के सफल चार वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। उन्होंने सफल चार वर्ष पूर्ण होने पर देवभूमि उत्तराखंड की समस्त देवतुल्य जनता कस हृदयतल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता द्वारा जताये गए भरोसे के बल पर ही वे आज उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में प्रदेश की सेवा कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता का प्रेम ही है जो उन्हें प्रत्येक दिन प्रदेश के विकास और समाज की प्रगति हेतु समर्पित भाव से कार्य करने की ऊर्जा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से प्रेरणा लेकर गांवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक, व्यापारियों से लेकर कमचारियों तक प्रत्येक क्षेत्र और वर्ग के कल्याण के लिए कई नई योजनाएं बनाईं हैं और उन्हें धरातल पर भी उतारा है। होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी अनेकों योजनाएं लागू कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के इंडेक्स में हमारे उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार जनपद में भी अनेकों विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। धर्मनगरी हरिद्वार को भी काशी विश्वनाथ एवं उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की भांति भव्य और दिव्य रूप देने के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। हरिद्वार में हेली सेवाओं के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण करने के साथ ही नगर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने हेतु पॉड टैक्सी के संचालन की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। हरकी पैड़ी से मां चंडी देवी और मां मनसा देवी तक रोपवे के निर्माण को हरी झंडी देना हो या लालढ़ांग की बरसाती नदी में पुल के निर्माण के साथ ही झूला पुल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम देवनगरी हरिद्वार को विश्वस्तरीय नगरी बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देवनगरी हरिद्वार के लिए कावड़ यात्रा और कुंभ का आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है। कांवड़ यात्रा और वर्ष 2027 में होने वाला कुंभ का आयोजन भव्य,दिव्य,सुरक्षित और ऐतिहासिक हो। इसके लिए हम सभी जरूरी इंतजाम करने के लिए संकल्पित हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी हम पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। हमने प्रदेश में एक ओर जहां धर्मांतरण विरोधी और सख्त दंगारोधी कानूनों को लागू किया है वहीं अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की स्थापना की है। वहीं, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने हेतु प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य के 23 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी नकल के सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘’ज़ीरो टॉलरेंस’’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाने का काम भी किया है। मुख्यमंत्री ने मां गंगा के तट से स्पष्ट सन्देश दिया कि भ्रष्टाचारी जेल जाने के लिए तैयार रहें।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश के साथ-साथ उत्तराखंड भी स्पष्ट नीति एवं विजन के साथ आगे बढ़ रहा है, जहां ‘विकास’ प्राथमिकता है, ‘ईमानदारी’ पहचान है, और ‘सेवा’ संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से उत्तराखण्ड़ को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का हमारा संकल्प अवश्य सिद्ध होगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसदकल्पना सैनी, डॉ.नरेश बंसल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा भी जनता को सम्बोधित करते हुए अपने-अपने विचार व्यक्त किये गये।

इस अवसर पर पशुपालन, रेशम, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, डेदृएनयूएलएम, उद्यान एवम् खाद्य प्रसंस्करण विभाग, कृषि, उद्योग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आदि विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर किरण जेसल, अनीता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, उपाध्यक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनय रोहेला, दर्जा राज्यमंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, सुनील सैनी, श्यामवीर सैनी, जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, शादाब शम्स, बीजेपी जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, मधु सिंह, महामंत्री आशु चौधरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें