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देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला, देहरादून में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘‘प्रवेशोत्सव’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में आज से प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एक माह तक चलेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला में बालिकाओं का प्रवेशोत्सव विद्यारम्भ संस्कार के साथ शुरू किया गया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय बनियावाला के उच्चीकृत भवन का शिलान्यास भी किया। उन्होंने विद्यालय से 8वीं पास करने वाली बालिकाओं को मैट्रिकुलेशन सेरेमनी से अलंकृत भी किया। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालयों के 21 हजार से अधिक अध्यापकों को टेबलेट के लिए उनके स्कूलों में डीबीटी के माध्यम से 21 करोड़ 76 लाख रूपये की धनराशि हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर कुछ अध्यापकों को टेबलेट भी प्रदान किये। इनका उपयोग शिक्षा शिक्षण अधिगम के लिए करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास बनियावाला में उपलब्ध भूमि की चाहरदीवारी एवं उपलब्ध भूमि के अनुरूप खेल का मैदान बनाया जायेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावासों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावासों में मानदेय पर कार्यरत अल्पकालिक शिक्षकों तथा अन्य कार्मिकों के मानदेय में तर्कसंगत वृद्धि की जायेगी। राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अन्तर्गत मानदेय पर रखे गये भोजनमाता एवं अनुसेवकों के लिए कल्याणकोष की स्थापना की जायेगी। इस कल्याण कोष का उपयोग संबंधित भोजनमाता एवं अनुसेवकों के द्वारा एक निश्चित योगदान अवधि पूर्ण करने के बाद विद्यालय से मुक्त होने पर उन्हें एकमुश्त तर्कसंगत धनराशि दिये जाने के लिए किया जायेगा। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास बनियावाला के लिए डाइनिंग हॉल एवं 02 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने स्कूलों में प्रवेशोत्सव करने पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो रहा है, वहीं दूसरी और विद्यार्थियों के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ से उच्चीकृत एक नए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास का भी शिलान्यास किया जा रहा है। इस समय राज्य में टनकपुर, चम्पावत, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल, उधमसिंह नगर, पीठसेन में कुल 11 ऐसे आवासीय छात्रावास स्वीकृत हुए हैं, जिनके माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिल रही है, इसके अलावा इस वित्तीय वर्ष में 2 नये आवासीय छात्रावास टनकपुर एवं श्रीनगर में स्वीकृत किये गये हैं साथ ही 3 छात्रावास गदरपुर, पीठसेन एवं बनियावाला को भी उच्चीकृत किया गया है। इन छात्रावासां के माध्यम से बालकों तथा बालिकाओं दोनों को निःशुल्क भोजन, आवास, गणवेश, शिक्षण सामग्री आदि उपलब्ध कराई जा रही है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को डिजिटल सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से टीचर रिर्सोस पैकेज के तहत टैबलेट क्रय के लिए दस हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समय के साथ शिक्षा में इनोवेशन बहुत जरूरी है। ज्ञान और शिक्षा सिर्फ किताबी नहीं हो सकते हैं। शिक्षा का मकसद व्यक्ति के हर आयाम का सन्तुलित विकास करना है। सन्तुलित विकास इनोवेशन के बिना सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें उच्च विचार, उच्च आचार, उच्च संस्कार और उच्च व्यवहार के साथ ही समाज की समस्याओं का उच्च समाधान भी उपलब्ध कराती है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने बेटी पढ़ाओ, बेटी बढाओ का जो नारा दिया है उस नारे को हमें सार्थक करके दिखाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे नौनिहाल इस देश का भी भविष्य हैं, बच्चे ही वो मजबूत नींव है, जिस पर नए भारत की तकदीर और नए भारत का भविष्य टिका हुआ है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा के द्वारा ही कोई समाज समृद्धशाली और शक्तिशाली बन सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से रोजगार परक शिक्षा मिलेगी, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़ेगी। इससे शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा तथा देश को विकसित राष्ट्र बनाने में नई शिक्षा नीति कारगर साबित होगी। उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम एक माह तक चलेगा। स्कूलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधिगण भी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या को शून्य प्रतिशत करने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में जल्द ही विद्या समीक्षा केन्द्र का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के अलावा अशासकीय विद्यालयों के बच्चों को भी मुफ्त में किताबें देने का निर्णय सरकार ने लिया है, जल्द ही सभी को किताबें मिल जायेंगी। अब प्रत्येक स्कूलों में बुक बैंक बना रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जितने भी अल्पसंख्यक स्कूल हैं, उन सभी स्कूलों को सर्वे किया जा रहा है, जिन मानकों के हिसाब से स्कूलों को अल्पसंख्यक का दर्जा मिला है, उनका कितना पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में स्थानान्तरण की पॉलिसी को मजबूत बनाया जा रहा है। राज्य में माह में बच्चों को स्कूलों में एक दिन बस्ता फ्री दिवस करने जा रहे हैं, उस दिन व्यायाम, योगा एवं अन्य गतिविधियां कराई जायेंगी। जल्द ही शिक्षा के पांचों बोर्ड की बैठक की जायेगी, इस बैठक में बच्चों के बस्ते के वजन को कम करने के लिए निर्णय लिया जायेगा।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें