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*देहरादून 15 अप्रैल, 2025 (सू. ब्यूरो)*

*मुख्य सचिव ने किया सभी विभागों में बायोमैट्रिक को अनिवार्य*

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 1 मई, 2025 से सभी विभागों में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से बायोमैट्रिक से किये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। यदि विभाग में बायोमैट्रिक मशीनें स्थापित नहीं हैं अथवा पर्याप्त संख्या में नहीं है, इस हेतु समय से आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाय। पूर्व में स्थापित बायोमैट्रिक मशीनों में यदि कोई कमी है तो उसे ठीक करा लिया जाय।

*महत्वपूर्ण प्रस्तावों का विवरण तैयार किये जाने के दिये गये निर्देश*

उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विभागों द्वारा जनहित एवं राज्यहित में आवश्यक, महत्त्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली योजनाओं की सूची तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये, ताकि व्यापक जनहित में इन योजनाओं हेतु धनराशि की व्यवस्था की जा सके तथा इनकी स्वीकृति हेतु समुचित कार्यवाही की जा सके। इन योजनाओं की सूची नियोजन विभाग को तथा उसकी प्रतिलिपि मुख्य सचिव कार्यालय को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये।

*महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर: मुख्य सचिव*

मुख्य सचिव ने एक करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिये सभी विभागों को आवश्यक तैयारी किये जाने के निर्देश दिये गये। भविष्य में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली ई0एफ0सी0 पी0एम0 गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से की जायेगी। विभागीय सचिवगणों से भी विभागीय ई0एफ0सी0 पी0एम0 गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से कराये जाने हेतु निर्देश दिये गये।

साथ ही, उन्होंने सभी विभागों द्वारा तैयार की जाने वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को ई-डीपीआर के रूप में तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी। कुछ राज्यों में ई-डी0पी0आर0 बनाये जाने का कार्य किया जा रहा है। एन0आई0सी0 के माध्यम से इसका अध्ययन कराते हुए भविष्य में परियोजनाओं हेतु ई-डी0पी0आर0 बनाये जाने हेतु समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये।

*विभागीय सचिवगणों तथा अन्य अधिकारियों को अनुभागों का निरीक्षण किये जाने हेतु दिये गये निर्देश*

बैठक में सभी विभागीय सचिवगणों को सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देशों के क्रम में वर्ष में न्यूनतम एक बार अनुभागाों का विस्तृत निरीक्षण किये जाने के निर्देश दिये गये। इसी प्रकार का निरीक्षण रोस्टर के अनुसार अपर सचिवों, संयुक्त सचिवों, उप सचिवों एवं अनुसचिवों को किये जाने के निर्देश दिये गये।

*Annual Work Plan बनाये जाने के दिये गये निर्देश*

बैठक में सभी अधिकारियों को अपने विभाग से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार के कार्यों हेतु Annual Work Plan बनाये जाने के निर्देश दिये गये, ताकि सभी प्रकार के विभागीय कार्यों को समय से पूरा किया जा सके तथा विलम्ब से बचा जा सके।

*Government Assets की सूची तैयार किये जाने हेतु दिये गये निर्देश*

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपनी-अपनी परिसम्पत्तियों की सूची तैयार कर इस हेतु पूर्व में बनाए गए पोर्टल पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए हैं। इस बारे में पूर्व में काफी कार्य किया गया था तथा कई विभागों द्वारा अपनी विभागीय परिसम्पत्तियों की सूची Government Assets Inventory पर अपलोड किया गया था। पुनः सभी विभागों को अपनी-अपनी परिसम्पत्तियों की सूची इस पोर्टल पर अपलोड किये जाने के निर्देश दिये गये।

*कार्मिकों को अपनी अचल सम्पत्ति का विवरण देना होगा*

अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि के बारे में विवरण देते समय अनिवार्य रूप से अचल सम्पत्ति का विवरण दिया जाना अनिवार्य है। बैठक के दौरान यह संज्ञान में लाया गया कि कई विभागीय अधिकारियों द्वारा समय से अपनी वार्षिक अचल सम्पत्ति का विवरण अपने विभागों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। वार्षिक गोपनीय आख्या के बारे में विवरण देते समय अचल सम्पत्ति का विवरण घोषित किये जाने को अनिवार्य बनाये जाने हेतु व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश दिये गये। पदोन्नति के समय यह देखा जायेगा कि कार्मिक द्वारा अचल सम्पत्ति का विवरण प्रस्तुत किया गया है अथवा नहीं।

*प्रदेश का अपना राज्य संग्रहालय तैयार किए जाने के भी दिए निर्देश*

बैठक में देहरादून में राज्य संग्रहालय की आवश्यकता बतायी गयी। इस हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये गये। कोलागढ़ में स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र का अधिक से अधिक उपयोग किये जाने हेतु कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश दिये गये। संस्कृति विभाग में पंजीकृत विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक दलों की आपस में प्रतियोगिता कराते हुए पारदर्शी तथा निष्पक्ष तरीके से इनको श्रेणी ए, बी, सी आदि में रखे जाने के निर्देश दिये गये, ताकि आवश्यकतानुसार इनका उपयोग किया जा सके।

सचिव समिति की बैठक में विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित कुमार सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगोली, श्रीमती राधिका झा, श्री रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. नीरज खैरवाल, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री युगल किशोर पंत, श्री रणवीर सिंह चौहान एवं श्री धीराज सिंह गर्ब्याल उपस्थित थे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें