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“अपनी जड़ों से जुड़े रहें” – बंशीधर तिवारी

“पहाड़ कैसे हों आबाद?” विषय पर विचार मंथन

उत्तरजन टुडे सम्मान समारोह 2025 का भव्य आयोजन

देहरादून। सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग के महानिदेशक एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपनी जन्मभूमि के प्रति निष्ठावान रहते हुए उसके विकास में सक्रिय योगदान दे। उन्होंने कहा कि भले ही सकारात्मक पलायन हो रहा हो, फिर भी व्यक्ति को अपनी मिट्टी से जुड़े रहना चाहिए।

बंशीधर तिवारी उत्तरजन टुडे सेंचुरियन क्लब द्वारा आयोजित “पहाड़ कैसे हों आबाद?” विषयक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार पलायन को रोकने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सीमांत गांवों को पुनः बसाने के प्रयास हो रहे हैं। विगत तीन वर्षों में अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को क्रियान्वित किया गया है जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि धामी सरकार का उद्देश्य पलायन रोकने के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। महिला सशक्तीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। सरकार सामाजिक सहभागिता को भी इस दिशा में महत्वपूर्ण मानती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में सरकार संकल्पित है। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया।

“मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई” – ताजबर सिंह जग्गी

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त तथा ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि राज्य सरकार मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। पूरे प्रदेश में मिलावटी उत्पादों की जांच हेतु छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए उपभोक्ताओं को जागरूक भी किया जा रहा है।

“पलायन रोकने में सामूहिक सहभागिता आवश्यक” – शैलेंद्र सिंह नेगी

ऋषिकेश के नगर आयुक्त शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि पलायन रोकने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग शहरों में बस गए हैं, वे अपने मूल गांवों की ओर भी ध्यान दें। उन्होंने भूमि बंदोबस्त एवं भूमि क्रय-विक्रय को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर मॉडल को उत्तराखंड में अपनाने का सुझाव दिया।

“भारत सामरिक रूप से आत्मनिर्भर” – जनरल नेगी

पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह नेगी ने कहा कि भारत ने हालिया आतंकी घटनाओं के बाद कड़े कदम उठाए हैं और यह दर्शाया है कि देश सामरिक दृष्टि से आत्मनिर्भर है। उन्होंने सिंधु घाटी की नदियों के जल के सदुपयोग के लिए नई रणनीति की आवश्यकता पर बल दिया।

“प्रकाशन की चुनौतियों को समझें” – योगेश भट्ट

राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने एक सशक्त और प्रतिनिधि पत्रिका की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रकाशन की चुनौतियों और जमीनी कठिनाइयों को विस्तार से बताया। उन्होंने आरटीआई को जनहित का सशक्त माध्यम बताते हुए इसके प्रभावशाली उपयोग पर जोर दिया।

कार्यक्रम में उत्तरजन टुडे के संपादक पी.सी. थपलियाल ने पत्रिका के नौ वर्षों की यात्रा को साझा करते हुए कहा कि पत्रिका सीमांत गांवों को बसाने की दिशा में सरकार के प्रयासों में भागीदार बनेगी। अध्यक्षीय संबोधन में शिक्षाविद् एवं पूर्व कुलपति डॉ. सुधा रानी ने पत्रिका की सराहना की और इसे जनता और सरकार के बीच सेतु बताया। संचालन वरिष्ठ पत्रकार वर्षा सिंह ने किया।

उत्तरजन टुडे सम्मान से सम्मानित विभूतियाँ

लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार: कर्नल (सेनि) राकेश कुकरेती एवं हवलदार बंशीधर इस्टवाल (1971 युद्ध नायक)

शिक्षा क्षेत्र: नमिता ममगाई (प्रिंसिपल, ओएनजीसी महिला पॉलिटेक्निक), नीरिजा जुयाल डंडरियाल (प्रिंसिपल, सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल)

खेल: संतोष राय (महिला मास्टर्स), निर्मला नेगी (बैडमिंटन)

चिकित्सा: डॉ. उदय बलूनी, डॉ. प्रीति पांडे, डॉ. रचित गर्ग, डॉ. मारिषा पंवार

पत्रकारिता: सुरेंद्र डसीला

उद्यमिता: सुशील कुमार (गैस इंजीनियरिंग)

संसाधन विकास: संजय भार्गव (रीजनल चीफ, हुडको)

जनसंपर्क: सुनील राणा

गढ़भोज प्रोत्साहन: द्वारिका प्रसाद सेमवाल

डिजिटल क्षेत्र: आकाश शर्मा

उपस्थित गणमान्य अतिथि

ब्रिगेडियर बिनोद पसबोला, कर्नल (सेनि) राकेश कुकरेती, कर्नल (सेनि) यदुवीर सिंह रावत, ले. कर्नल उमेश रावत, विपिन बलूनी (एमडी, बलूनी ग्रुप), निशांत थपलियाल (चेयरमैन, आईटीएम), ललित जोशी (चेयरमैन, सीएमआई), राकेश बिजल्वाण (संपादक, विचार एक नई सोच), हर्षमणि व्यास, संजीव सुद्रियाल (डीडी न्यूज), अनिल भारती (दूरदर्शन), संजीव भार्गव (हुडको), डॉ. नूतन गैरोला, डॉ. उमा भट्ट, राजेश रावत, अरुण शर्मा, गणेश काला, दयाशंकर पांडे, प्रदीप रावत, अजय नैथानी, सुरेश भट्ट, प्रशांत, इरा कुकरेती, कौशल्या थपलियाल, शोभा जोशी, भानमती, संगीता, सुषमा मंजेड़ा, सुमिता नेगी, बबीता जोशी, प्रमिला रावत, मोहित डिमरी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें