ख़बर शेयर करें -

– 2017 के विधानसभा चुनाव में 24 सीटों में हार-जीत का फैसला 5000 वोटों से कम के अंतर से हुआ था

– तब हार-जीत के कम अंतर वाली इन अधिकांश सीटों पर तिकोना या चौकोना मुकाबला भी देखा गया था

-मामूली अंतर वाली इन 24 सीटों में से 14 भाजपा ने, 8 कांग्रेस ने और दो निर्दली उम्मीदवारों ने जीतीं थीं

अरविंद शेखर

देहरादून। मतदान के बाद सभी दल अपनी-अपनी संभावित सीटों के गुणा गणित में जुटे हैं। 2022 के विधानसभा उनकी सबसे ज्यादा चिंता सूबे की उन 24 सीटों को लेकर है जिनमें बीते यानी 2017 के विस चुनाव में हार-जीत 5000 वोटों से कम के अंतर से तय हुई थी। प्रदेश के दो प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस इस आकलन में लगे हैं कि इन सीटों पर मतों का ऊंट किस करवट बैठा है। इनमें से 12 विस सीटों में इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ा है जबकि 12 में घटा है। ऐसे में राजनीतिक दल इस बात का आकलन भी कर रहे हैं कि मामूली अंतर वाली सीटों पर इसका क्या असर पड़ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि हार जीत के कम अंतर वाली इन सीटों पर ज्यादातर चतुष्कोणीय से लेकर त्रिकोणीय मुकाबला भी देखा गया। इन 24 सीटों में से 14 भाजपा ने, 8 कांग्रेस ने और दो निर्दलीयों ने जीतीं थीं।

अब बात विधानसभा सीट वार। केदारनाथ विस सीट में कांग्रेस के मनोज रावत को महज 869 वोटों से निर्दलीय कुलदीप सिंह रावत पर जीत मिली। यहां भाजपा की शैलारानी रावत निर्दलीय आशा नौटियाल के बाद चौथे स्थान पर रहीं।

नरेंद्रनगर में भाजपा के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल 3499 वोट से निर्दलीय ओमगोपाल से जीते। यहां कांग्रेस के हिमांशु बिजल्वाण तीसरे व उक्रांद के सरदार सिंह चौथे स्थान पर रहे। कांग्रेस के 4328 व उक्रांद को 3314 वोट मिले।

प्रतापनगर में भाजपा के विजय सिंह पंवार उर्फ गुड्डू पंवार को कांग्रेस के विक्रम सिंह नेगी पर 1939 वोट से जीत मिली। आईबीयूएसपी के राजेश्वर प्रसाद उनियाल 5594 व निर्दलीय मुरारीलाल खंडवाल 3774 वोट पाकर तीसरे व चौथे स्थान पर रहे।
धनौल्टी में निर्दलीय प्रीतम सिंह पंवार ने भाजपा के नारायण सिंह राणा को 1615 वोट से हराया। यहां कांग्रेस के मनमोहन मल्ल 12193 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे।
चकराता में कांग्रेस के प्रीतम सिंह ने भाजपा की मधु चौहान को 1543 वोट से हराया। यहां निर्दलीय दौलत कुंवर 2375 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।

ज्वालापुर में भाजपा के सुरेश राठौर 4788 वोट से कांग्रेस के एसपी सिंह इंजीनियर से जीते। यहां बसपा के मुल्कीराज 19483 वोट के साथ तीसरे व निर्दलीय ब्रजरानी 9338 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहीं।
भगवानपुर से कांग्रेस की ममता राकेश ने भाजपा के सुबोध राकेश को 2513 वोट से हराया। यहां बसपा के राम कुमार राणा 4069 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
झबरेड़ा में भाजपा के देशराज कर्णवाल ने कांग्रेस के राजपाल सिंह को 2253 वोटों से हराया। यहां बसपा के भगवत सिंह 20668 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
पिरान कलियर में कांग्रेस के फुरकान अहमद अंसारी ने भाजपा के जयभगवान को 1359 मतों से हराया। निर्दलीय शहजाद 23843 मत के साथ तीसरे व बसपा के राव साजिद 6188 मतों के साथ चौथे स्थान पर रहे।
मंगलौर में कांग्रेस के काजी निजामुद्दीन ने बसपा के सरवत करीम अंसारी को 2668 वोटों से हराया। भाजपा के ऋषपाल बालियान 16964 व बसपा के लेतेश कुमार 3263 मत के साथ तीसरे व चौथे स्थान पर रहे।
लक्सर सीट पर भाजपा के संजय गुप्ता ने 1604 मतों से कांग्रेस के हाजी तस्लीम अहमद को हराया। यहां बसपा के सुभाष चौधरी 19656 वोट के साथ तीसरे ,निर्दलीय कुशलपाल सिंह 6087 मतों के साथ चौथे तो निर्दलीय सुमित 2414 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर रहे।
धारचूला में कांग्रेस के हरीश सिंह धामी ने भाजपा के विरेंद्र पाल सिंह को 3085 वोट से हराया। यहां निर्दलीय दुर्गा प्रसाद 2717 तो उक्रांद के लाल सिंह 876 व निर्दलीय देवेंद्र सिंह 631 , वीरेंद्र सिंह 540 व उक्रांद के जितेंद्र कुमार 437 वोट लेकर क्रमशः तीसरे चौथे, पांचवें, छठे व आठवें स्थान पर रहे।500 मतों के साथ नोटा सातवें स्थान पर रहा।
डीडीहाट में भाजपा के बिशन सिंह चुफाल निर्दलीय किशन भंडारी से 2368 वोट से जीते। 14275 वोट लेकर कांग्रेस के प्रदीप सिंह पाल तीसरे, उक्रांद के काशी सिंह ऐरी 2843 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे।
पिथौरागढ़ में भाजपा के प्रकाश पंत ने कांग्रेस के मयूख महर को 2684 वोट से हराया। गंगोलीहाट में भाजपा की मीना गंगोला ने कांग्रेस के नारायण राम आर्य को 805 मतों से हराया। यहां निर्दलीय खजान चंद्र 10621 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
सल्ट ने भाजपा के सुरेंद्र सिंह जीना ने कांग्रेस की गंगा पंचोली को 2904 वोट से हराया। रानीखेत में कांग्रेस के करन महरा ने भाजपा के अजय भट्ट को 4981 मतों से हराया। यहां भाजपा के बागी प्रमोद नैनवाल 5681 तो बसपा के कृपाल राम 1143 वोट लेकर तीसरे व चौथे स्थान पर रहे।
सोमेश्वर में भाजपा की रेखा आर्य ने कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 710 वोट से हराया। यहीं 1084 वोट के साथ नोटा तीसरे स्थान पर रहा।
जागेश्वर में कांग्रेस के गोविंद सिंह कुंजवाल भाजपा के सुभाष पांडे से 399 वोट से जीते। बसपा के तारादत्त पांडे1336 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यहां नोटा पर 896 तो उक्रांद के महेंद्र सिंह रावत को 790 वोट मिले। कुंजवाल प्रदेश में सबसे कम अंतर से जीतने वाले प्रत्याशी रहे।
लोहाघाट में भाजपा के पूरन सिंह फर्त्याल ने कांग्रेस के खुशाल सिंह अधिकारी को 834 वोट से हराया। 1256 वोट के साथ नोटा तीसरे स्थान पर रहा।
भीमताल में निर्दलीय राम सिंह कैड़ा ने भाजपा के गोविंद सिंह बिष्ट को 3446 वोट से हराया। कांग्रेस के दान सिंह भंडारी 14702 मत और बसपा के तारा दत्त पांडे 8402 मतों के साथ तीसरे व चौथे स्थान पर रहे।
किच्छा में भाजपा के राजेश शुक्ला ने कांग्रेस के तत्कालीन सीएम हरीश रावत को 2127 मतों से हराया। यहां बसपा के राजेश प्रताप सिंह 7754 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
खटीमा में मौजूदा सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के भुवन चंद्र कापड़ी को 2709 मतों से पराजित किया। यहां बसपा के रमेश चंद्र राणा 17804, निर्दलीय ललित सिंह 4452 मतों के साथ चौथे व पांचवें स्थान पर रहे। यहां नोटा 890 वोट के साथ छठे स्थान पर रहा।

जीत का अंतर– विस सीटों की संख्या
1000 से नीचे 05
2000 से नीचे 05
3000 से नीचे 08
4000 से नीचे 03
5000 से नीचे 03

इन 12 सीटों पर बढ़ा मतदान प्रतिशत

विस सीट 2022 2017
केदारनाथ 66.43 65.77
देवप्रयाग 54.94 53.29
धनौल्टी 65.89 64.44
झबरेड़ा 78.42 76.32
धारचूला 62.74 62.41
डीडीहाट 64.01 61.11
गंगोलीहाट 55.39 54.92
रानीखेत 51.80 51.77
सोमेश्वर 56.92 53.88
लोहाघाट 58.96 57.09
भीमताल 65.44 63.48
खटीमा 76.63 76.48

 

इन 12 सीटों पर घटा मतदान प्रतिशत

विस सीट 2022 2017
नरेंद्रनगर 62.18 62.25
प्रतापनगर 49.99 51.24
चकराता 68.24 72.70
ज्वालापुर 79.35 79.89
भगवानपुर 79.92 80.03
पिरान कलियर77.44 81.60
मंगलौर 75.95 78.29
लक्सर 79.51 81.76
पिथौरागढ़ 62.15 62.61
सल्ट 45.92 46.01
जागेश्वर 56.07 56.50
किच्छा 71.66 73.38

Ad Ad Ad Ad

By amit

You missed

*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें