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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युक्रेन से हर नागरिक को सकुशल वापस लाएगी सरकार, संकट के समय में राजनीति करने से बाज आये कांग्रेसी

देहरादून। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल जी ने युक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए चिंता वयक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार हर नागरिक की सुरक्षा व कल्याण को प्रतिबद्ध है। चुनौती पुर्ण महोल मे भी मोदी सरकार युद्ध स्तर पर भारतीय लोगों को सुरक्षित भारत लाने को ठोस प्रयास कर रही है। सासंद बंसल ने कहा कि वह जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार हर नागरिक को सकुशल वापस लाएगी। सासंद ने भगवान बद्री विशाल जी व बाबा केदार नाथ जी से भी विश्व कल्याण व सभी युक्रेन में फंसे भारतीयों के सही सलामत लोटने की कामना की।

सासंद राज्य सभा उत्तराखंड नरेश बंसल ने कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को बचाने का पूरा श्रेय भारत सरकार को जाना चाहिए। उन्होंने मंत्रियों को विशेष दूत के रूप में भेजने के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के फैसले की भी सराहना की। सासंद ने कहा कि विशेष दूत के रूप में वहां पहुंचे मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ निकासी प्रयासों में समन्वय स्थापित कर रहे हैं। सासंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन संकट पर खुद हाई लेवल मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे है। पीएम मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता छात्रों और अन्य लोगों को यूक्रेन से बाहर निकालना है। उसके लिए अगर वायुसेना को भी भेजना पडेगा तो भारत तैयार है।सांसद ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यूक्रेन में फंसे हज़ारों भारतीय छात्रों की सुविधा के लिए विदेश मंत्रालय ने 24×7 हेल्पलाइन नंबर सेवा शुरू की है, एवं पोलैंड, हंगरी और रोमानिया के रास्ते छात्रों की स्वदेश वापसी की जा रही है। भारत सरकार विश्व में रह रहे प्रत्येक भारतीय नागरिक की सुरक्षा हेतु संकल्पित है।

सासंद बंसल ने युक्रेन में मारे गए भारतीय छात्र के हताहत होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है । उन्होंने कहा कि यह नही होना चाहिए था। सासंद बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वंय छात्र के परिवार जनों से बात कर ढाढ़स बंधाया। सासंद ने कहा कि राष्ट्र को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए एक मजबूत सरकार एवं दमदार नेतृत्व करने वाला नेता होना चाहिए जो आज भारत के पास है तभी संपूर्ण विश्व भारत की ओर देख रहा है।सासंद ने कहा कि आदरणीय प्रधान मंत्री मोदीजी जो आत्मनिर्भर बनने को बोल रहे है। आज हम यूक्रेन की हालत देख के समझ आ गया होगा की यह कितना आवश्यक है।

सासंद बंसल ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रियों व अधिकारीयो से हुई बातचीत में पता चला कि यूक्रेन में करीब 20 हजार भारतीय मौजूद थे। इनमें से 12 हजार अब तक निकल चुके हैं। बाकी आठ हजार में से 50 प्रतिशत पश्चिमी हिस्से की तरफ आ चुके हैं। शेष 50 फीसदी अभी भी खारकीव, सूमी तथा दक्षिणी हिस्से में हैं जो संघर्ष वाले क्षेत्र हैं। कीव से करीब करीब सभी भारतीय निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन चार दिनों के दौरान 7700 लोगों ने पश्चिम सीमा क्षेत्र का रुख किया है। इनमें से दो हजार लोगों को भारत लाया जा चुका है तथा बाकी लोग सीमाओं पर मौजूद हैं। उनकी वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं।

सांसद ने कहा कि अगले तीन दिनों में 26 उड़ानें छात्रों और नागरिकों को लेने यूक्रेन के चार पड़ोसी देशों में जाएंगी।एयरफोर्स के सी-17 विमान भी रवाना होंगे। चार मंत्री भारतीयों की वापसी के अभियान में समन्वय के लिए पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के मानवीय सहायता लेकर भारत की एक फ्लाइट मंगलवार को पोलैंड रवाना हुई है। दूसरी फ्लाइट बुधवार को जाएगी। इसमें दवाएं एवं अन्य जरूरी सामग्री है। सांसद नरेश बंसल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस व अन्य विपक्ष के नेता हमेशा की तरह अभी भी राजनीति कर रहे है। वो कभी मोदी को गाली देते है, कभी देश की सेना को । अभी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा प्रयासों को सहराहने की जगह फिर राजनिती से प्रेरित बयान दे रहे है। यह निम्न स्तर की राजनीति है। उन्होंने कहा कि यह केवल मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए है इन्हे जो विदेश में फंसे है उनकी कोई चिंता नहीं ।

सांसद ने कहा कि मैं कांग्रेस नेताओ और उनके जैसे विपक्ष के सभी लोगों को बता दूं कि ऐसे मामलों में राजनीति न करें। भारत सरकार ने पहली ही सीसीएस की बैठक में अहम फैसला लेकर ऑपरेशन गंगा शुरू किया और अभी एक-एक छात्र को लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सासंद बंसल ने कहा कि यह समय राजनीति चमकाने का नहीं यह समय युक्रेन में फंसे भारतीयों को सुरक्षित भारत लाने का है, जिसके लिए हरसंभव प्रयास मोदी सरकार द्वारा उठाए जा रहे हैं व इस हेतु सरकार प्रतिबद्ध है।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें