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क्लेमेंटाउन थाना क्षेत्र में पति-पत्नी की हुई थी हत्या! पहले पहल सबने समझा आत्महत्या, पुलिस ने परिस्थितिय संदेह के आधार पर दर्ज किया था हत्या का मुकदमा! मृतका का भाई ही निकला हत्यारा, घटनास्थल पर हत्या वाली रात एक सफेद कार की मौजूदगी ने खोला रहस्य

देहरादून। clementown थाना क्षेत्र में कमरे में मृत मिले पति-पत्नी ने आत्महत्या नहीं कि थी बल्कि दोनों की हत्या मृतका के ही भाई ने की थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए देहरादून पुलिस ने बताया कि परिजनों के द्वारा हत्या सम्बंधी कोई संदेह न जताने के बावजूद घटनास्थल की परिस्थितियों के अनुसार पुलिस ने अपने स्तर से हत्या को लेकर सन्देह के आधार पर प्राथमिक पड़ताल के बाद परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। आज इस मामले में अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया जिसने रंजिशन हत्या की बात कबूली है। घटना वाली रात एक सफेद कार की मौजूदगी ने हत्याकांड का रहस्य खोलकर रख दिया और अभियुक्त सलाखों के पीछे पहुँच गया।

घटना का विवरण

13/06/2023 को जरिए कंट्रोल रूम थाना क्लेमेन्टाउन को सूचना प्राप्त हुई थी कि टर्नर रोड पर स्थित एक घर से काफी बदबू आ रही है जिसके अन्दर सम्भवतः किसी का शव पड़ा हुआ है। इस सूचना पर थानाध्यक्ष क्लेमेंट टाउन मय फोर्स के मौके पर गए तो पाया कि टर्नर रोड सी- 13 में मकान मालिक सोहेल निवासी जोशियाडा उत्तरकाशी के मकान में काशिफ पुत्र मोहतशिम निवासी चहलोली थाना नागल जिला सहारनपुर अपनी पत्नी अनम के साथ पिछले 4 महीने से निवास कर रहा था, जिसके कमरे के एक दरवाजे पर बाहर से ताला लगा था तथा दूसरे दरवाजे पर अंदर से कुंडी बंद थी। मौके पर दरवाजे की जाली काटकर कुंडी खोली गई तो कमरे के फर्श पर मृतक पति-पत्नी की बॉडी पड़ी थी, जिनसे काफी बदबू आ रही थी तथा दोनों बॉडी लगभग दो-तीन दिन पुरानी लग रही थी। मौके पर एफ0एस0एल टीम को बुलाया गया था, टीम द्वारा दोनों बॉडी को भली-भांति चेक किया गया लेकिन दोनों मृतकों के शव काफी फूल चुके थे, जिनमें कीड़े पड़ गए थे, जिस कारण शरीर पर आई चोट का पता नही चल पा रहा था। दोनों मृतकों के बीच में एक छोटा बच्चा जो चार-पांच दिन का था, वह जीवित था। बच्चे को तुरंत निकालकर 108 एंबुलेंस के माध्यम से दून चिकित्सालय भिजवाया गया। मृतकों के परिजनों के समक्ष पंचायत नामा भरकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया । मृतक के परिजनों से पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि मृतक कि 1 साल पहले ही दूसरी शादी हुई थी तथा पहली पत्नी से उसका एक 5 साल का बच्चा है। पहली पत्नी नुसरत ने बताया कि पिछले दो-तीन दिन से मेरे पति फोन नहीं उठा रहे थे और फिर उनका फोन बंद हो गया तो दिनांक 13/06/23 को समय 2:00 बजे में टर्नर रोड़ पर उक्त मकान पर आई थी लेकिन जब उनके दरवाजे बंद मिले तो मेरे द्वारा अपने सास व देवर को इस सम्बन्ध में बताया गया तत्पश्चात उनके द्वारा मृतक के परिचित अशवद को सूचना देकर मौके पर बुलाया, जिसके द्वारा मौके से 112 कंट्रोल रूम को घटना के सम्बन्ध में सूचना दी गई। परिजनों व पहली पत्नी से जानकारी की गई तो उसके द्वारा बताया गया कि मृतक काशिफ से उनकी आखिरी बार बात 10 जून को रात्रि लगभग 11:00 – 11:30 बजे हुई थी तो मृतक द्वारा बताया गया था कि वह कल गांव आयेगा क्योंकि उसके द्वारा किसी से ₹ 500000/- उधार लिए थे जो उसको वापस करने थे क्योंकि उनके द्वारा उसे 10 जून का समय दिया गया था तथा इससे पूर्व भी वह दो बार समय ले चुका था।
प्रथम दृष्ठया मृतक के परिजनों द्वारा दोनों का आत्महत्या करना बताया गया था तथा किसी पर भी कोई शक नहीं जताया गया था, लेकिन फिर भी घटना संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस द्वारा अपनी जांच जारी रखी गई थी । पीएम रिपोर्ट में भी मृत्यु का कोई स्पष्ट कारण परिलक्षित नही हुआ था, घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पुलिस अधीक्षक अपराध महोदय तथा पुलिस अधीक्षक नगर महोदया एवं पुलिस उपाधीक्षक सदर महोदय को घटना के संबंध में जांच कर मृत्यु के सही कारणों की जानकारी करने हेतु निर्देशित किया गया था, जिस पर थानाध्यक्ष क्लेमेंट टाउन द्वारा उक्त संबंध में टीम गठित कर लगातार घटनास्थल के आसपास लोगों से जानकारी की जा रही थी तो जानकारी करने पर पता चला कि दिनांक 12/13 जून की रात्रि एक सफेद रंग की कार घटनास्थल पर आती-जाती देखी गई थी, जिस पर घटनास्थल स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरो से जानकारी मिली की दिनांक 12/13 जून की रात्रि मैं गाड़ी नंबर UK07DG 4786 घटनास्थल पर आई थी और तुरंत वापस चली गई थी। मृतकों के परिजनों से उक्त वाहन के बारे में जानकारी की गई तो पता चला उक्त वाहन अशवद का है। जिसके द्वारा दिनांक 13/06/23 को कंट्रोल रूम को घटना के सम्बन्ध में जानकारी दी गई थी। जिस पर अशवद से जानकारी की गई तो उसके द्वारा बताया गया कि मेरी कार दिनांक 12 /13 की रात्रि को सहवाज लेकर गया था, जब मेरे द्वारा शहवाज को रात्रि 1:30 बजे लगभग फोन किया तो उसका फोन बंद आ रहा था और फिर वह उसी रात में सुबह 4:00 बजे वापस आ गया था तो मैंने उससे जानकारी की तो उसने बताया मैं छुटमलपुर पार्टी में गया था, जिस पर मृतकों के परिजनों द्वारा मृतका अनम के भाई शहवाज पर शक जताया गया और एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर बाद जांच दिनांक 21 जून को शहवाज के खिलाफ मु0अ0स0 71/23 धारा 302 IPC के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया । अभियोग में नामजद अभियुक्त शहवाज को पुलिस द्वारा पुछताछ हेतु थाने लाया गया जिससे सख्ती से पुछताछ करने पर उसके द्वारा अपना जुर्म कबूल करते हुए दिनांक 10/06/23 की रात्रि में आशिफ व अपनी बहन अनम की हत्या किया जाना स्वीकार किया गया। अभिय़ुक्त की निशानदेही पर पुलिस द्वारा घटना के समय अभियुक्त द्वारा पहने गये खून लगे कपड़े आशारोड़ी के जंगल से बरामद किये गये। अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार किया गया जिसे समय से मा0 न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।

ऐसे हुआ खुलासा

पूछताछ में अभियुक्त शहवाज द्वारा बताया गया कि हम दो भाई तथा एक बहन हैं। सबसे बड़े भाई का नाम शादाब है फिर मेरी बहिन अनम है और फिर मैं हूं। मेरी माता का नाम शहनाज है जो हमें छोड़कर कहीं चली गई थी और किसी दूसरे से शादी कर ली थी तब हम भाई बहिन छोटे थे, फिर मेरे पिताजी द्वारा हमारा पालन-पोषण किया था मेरे पिता भी हाइड्रा चलाते थे, जिनकी मृत्यु 8-10 साल पहले हाइड्रा मशीन के नीचे दबने से हो गई थी लेकिन मुझे पता चला था कि अशजद ने मेरे पिता को जानबूझकर हाईड्रा से टक्कर मारकर मारा था जिसे Accident बताया था , अशजद हमारे गांव का रहने वाला है तथा कासिफ के ताऊ का लड़का है लेकिन उस समय हम छोटे थे तो कुछ नहीं कर पाये, हमारी दादी ने हम तीनों भाई बहनों का पालन पोषण किया, कासिफ भी मेरे गांव का ही रहने वाला था जिसकी दोस्ती हम दोनो भाईयों से थी तथा उसका हमारे घर आना जाना था, इसी बीच मेरी अपनी खाला (मौसी) की लड़की आईशा जो कराल्टी थाना फतेहपुर जिला सहारनपुर की रहने वाली है, के साथ दोस्ती हो गई , वह उस समय 8 या 9 वी क्लास में पढती थी फिर हम दोनो में प्यार हो गया और मैं उसे अगस्त 2021 में भगाकर इलाहाबाद ले गया था.वो उस समय नाबालिग थी जिस कारण हमारी शादी नही हो पाई थी। फिर आईशा के घर वालों ने मेरे तथा मेरे बड़े भाई व कासिफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था क्य़ोकि कासिफ भी मेरे साथ था उसने भी लडकी भगाने मे मेरी मदद की थी उसके बाद मुझे और मेरे बड़े भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जहां में आठ महिने जेल मे रहा तथा अभी जमानत पर बाहर आया हुं जब मैं और मेरा बड़ा भाई जेल में थे तो इस दौरान मेरी बहिन घर पर अकेली थी तथा कासिफ का घर पर आना जाना ज्यादा हो गया था । जब मैं जेल से बाहर आया तो मुझे गांव वालो ने कासिफ और मेरी बहन अनम की सारी वातें बताई तो मैने कासिफ को घर में आने से मना कर दिया था क्योकि कासिफ की हरकते कुछ ठीक नहीं थी उसने मेरी बहिन को अपने प्यार में फंसा दिया था और उसकी अश्लील बीडियो भी बना दी थी जिस कारण जैसे वह कहता था वैसी मेरी बहिन करती थी जबकि कासिफ की पहले शादी हो रखी थी कुछ समय बाद कासिफ मेरी बहन को भगा कर ले गया और कोर्ट मे उससे शादी कर ली । इस सम्बन्ध में मेरे भाई की तरफ से नागल थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी पर मेरी बहिन से हमारे खिलाफ वीडियो और आडियो बनाकर गांव वालो को भेज दी थी जिसमें मेरी बहिन हमारे खिलाफ बयान दे रही थी कि मुझे अपने भाईयों से जान का खतरा है । उसके बाद पुलिस मेरी बहन को नागल लेकर आयी जहां से उसे मेरे मौसा के सुपुर्द किया गया तथा मेरे मौसा ने उसका निकाह कासिफ से करा दिया क्योकिं मेरा मौसा भी हमारे खिलाफ था क्योकिं मै अपने मौसा की लडकी आइशा को भगाकर ले गया था , कासिफ और अनम के निकाह से गांव में हमारी काफी बेज्जती हुई थी तथा मुझे पता चला कि कासिफ ने ही अनम को हमारे खिलाफ भड़का कर वो वीडियों और ओडियों बनायी थी जिस कारण मैने उसी दिन सोच लिया था कि कासिफ को जिन्दा नही छोडूंगा , उसके बाद मैने कासिफ से फिर दोस्ती कर ली और उसके घर मेरा आना जाना शुरु कर दिया इसी बीच मुझे गांव मे लोगों द्वारा बताया कि मेरी बहिन अनम के नाम से जो 3 बीघा जमीन थी वह भी कासिफ ने कुछ दिन पहले गिरवी रखवा ली थी और गांव में यह बात फैला दी कि आधे पैसे उसने हमे दिये और आधे खुद रखे ,वह बार वार गांव में हमारी बेईज्जती करवा रहा था ,मै कई दिनों से उसे मारने के लिए मौका तलाश रहा था कि दि0 7/06/23 को कासिफ ने मुझे उत्तरकाशी में अपनी हाइड्रा मशीन पलटने तथा उसके साथ उत्तरकशी चलने की बात कहीं जिस पर मैं दिं0 7/6/23 को उसके साथ अपनी मोटरसाइकिल सं0 यूके 17क्यू -3190 R-1-5 से सहारनपुर से देहरादून आया तथा देहरादून से स्विफ्ट डिजायर से हम दोनो दि0 7/6/23 की रात लगभग 10-11 बजे देहरादून से उत्तरकाशी के लिये निकले उत्तरकाशी पहुंचने पर कासिफ को अनम ने फोन कर बताया कि उसे दर्द उठ रहा हैं फिर कासिफ ने मोहल्ले की आशा को फोन कर उसके साथ अनम को अस्पताल भेज दिया और हम भी उत्तरकाशी से वापस देहरादून आ गये थे उस दिन भी में कासिफ को मारने की फिराक में था लेकिन उस दिन अनम को पता था कि कासिफ मेरे साथ गया है ,उसके बाद मैं वापस अपने गांव चला गया । गांव के सभी लोग मेरे मामा बनने की तरह तरह की बाते बना रहे थे जिससे मैं और अधिक गुस्से में आ गया था, दिनांक 09/06/23 को कासिफ ने मुझे फोन कर 10 जून को उत्तरकाशी चलने की बात कहीं जिस पर मेंने उसे इस बार मारने की ठान ली। दिनांक 10/6/23 को समय लगभग 8.30 बजे मैं गणेशपुर मोहंड साईड पर अपने दोस्त के कमरे में चला गया जहां मेने अपना फोन बंद कर दिया था और लगभग 9.30 बजे मे कासिफ के कमरे पर पहुचा । रात्री के समय कासिफ और मैं जमीन पर सो गये तथा अनम ऊपर बेड मे सो गई थी, मेरे दिमाग मे पुरानी सारी बातें चल रही थी तो मै सोय़ा नही था। रात्री में मैं मौका देख कर किचन मे गया, और वहां से एक चाकू लाकर जमीन पर सोये कासिफ की गर्दन पर उससे वार कर दिया, जिससे वह बेसूध हो गया और उसकी गर्दन से काफी खून बहने लगा। इसी बीच अनम उठ गयीं और चिल्लाने लगी, जिस पर मेने एक हाथ से उसका मुंह दबा कर दूसरे हाथ से उसका गला दबा दिया, जिससे वह भी मर गयी थी फिर मैने उसको भी नीचे जमीन पर लेटा दिया और दीवार पर जो खून लगा था उसे साफ किया और बच्चे को भी कासिफ के दोनो पांव के बीच मे रख दिया था, मैने सोचा था कि बच्चा खुद मर जायेगा। उसके बाद मेने अपने कपड़े बदले और कमरे के बाहर ताला लगाकर मैं वहां से वापस अपने दोस्त के कमरे मे आ गया। रास्ते में मैंने आशारोड़ी के जंगलो में खून लगे हुए कपड़े एक पन्नी में बांधकर फेंक दिये, फिर मेने अपने दोस्त शुभम, जो मुझे जेल मे मिला था, को घटना के बारे में बताया तथा दिनांक 12/6/23 को शुभम को लेकर मैं अशवद की गाड़ी से दोबारा टर्नर रोड से होते हुये कासिफ के कमरे पर आये और ताला खोलकर देखा तो काफी बदबू आ रही थी और बाडी फूल गयी थी, तो फिर हम दोनो तालाबंद कर के वहां से मिर्जापुर वाले रास्ते से बेहट होते हुये सुबह 4 बजे लगभग गणेशपुर साईट पर कमरे मे पहुंच गये जहां अशवद जगा हुआ था, अशवद के पुछने पर मेने उसे छुटमलपुर पार्टी में जाना बताया उसके बाद मै सहारनपुर चला गया था ।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें