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Dehradun. 14.10.2023 को थाना रायपुर पर वादी श्री विक्रम रावत पुत्र श्री श्याम सिंह रावत निवासी फ्लैट 301 अपेक्स टावर अशोक विहार गुडगांव डिप्टी मैनेजर JAGSONPAL PHARMACEUTICALS LIMITED द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि सचिन शर्मा प्रोपराईटर एस0एस0 मेडिकोज अमन विहार देहरादून द्वारा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर वादी की कम्पनी JAGSONPAL PHARMACEUTICALS LIMITED के नाम से जालसाजी, कूटरचना व धोखाधडी कर नकली/मिलावटी दवाइयां बेची जा रही हैं। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के आदेशानुसार थाना रायपुर पर मु0अ0सं0 445/2023 धारा 420/467/468/471/483/486/336 भादवि पंजीकृत किया गया।

घटना की गम्भीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा क्षेत्राधिकारी डोईवाला के नेतृत्व में थाना रायपुर व एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम गठित करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।

*पुलिस टीम द्वारा की गयी कार्यवाही:-*

दिनांक 14.10.2023 को गठित पुलिस टीम द्वारा नामजद अभियुक्त सचिन शर्मा के सम्बन्ध में जानकारी की गयी तो अभियुक्त की अमन विहार में एक मेडिकल शॉप होने के सम्बन्ध में जानकारी मिली, जिस पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्त सचिन शर्मा व उसके पार्टनर विकास कुमार को पाल्टेक्निक रोड धर्मकांटा रायपुर के पास से रेंज रोवर गाडी के साथ गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से वाहन में रखी इन्डोकेप व इन्डोकेप एस0आर0 दवाईयों के 24 डिब्बे कुल 7200 कैप्सूल नकली दवाईयां बरामद हुई।
अभियुक्त गणों से पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया कि मकदूमपुर गांव पर उनकी एक फर्जी फैक्ट्री है तथा गोदावरी रूडकी स्थित फ्लैट में उनके द्वारा नकली दवाईयां व उससे सम्बन्धित सामाग्री रखी हुई है, जिसे वह मूल दवाई की कम्पनी के नाम से विभिन्न राज्यों में सप्लाई करते है । पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त गण की निशानदेही पर मकदुमपुर गांव निकट लकनौंता चौराहा झबरेडा हरिद्वार स्थित फैक्ट्री व अभियुक्त सचिन शर्मा के गोदावरी रूडकी हरिद्वार स्थित फ्लैट से भारी मात्रा में नकली दवाईयाँ, नकली दवाईयां बनाने के उपकरण,नकली दवाईयां बनाने के लिये कच्चा माल व अन्य सामाग्री की बरामद की गयी है व मकदूमपुर हरिद्वार में स्थित फैक्ट्री को सील किया गया । अभियुक्त गणों के द्वारा नकली दवाईयाँ की पूर्व में की गयी सप्लाई के सम्बन्ध में भी साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की जा रही है । अभियुक्त गण को आज समय से मा0 न्यायालय पेश किया जा रहा है ।

*पूछताछ का विवरण :-*

अभियुक्त सचिन शर्मा द्वारा बताया कि हम दोनो एक दूसरे को पहले से जानते है। मैं स्टेफफोर्ड लैबोरेट्री लिमिटेड भगवानपुर में सुपरवाईजर का काम करता था, जहाँ दवाईयाँ बनती है तथा विकास जगसन पाल फार्मास्यूटिकल कम्पनी में हरिद्वार में मार्केटिंग का काम करता था। हमारी कोरोना में नौकरी छूट गयी थी। हम दोनो ने प्लान बनाया कि हम लोग जैगसन पाँल कम्पनी एंव वर्लटर बूसनल कम्पनी की नकली दवाईयाँ तैयार कर मार्केट में बेच सकते है, जिससे हम लोग करोड़ो कमा सकते है।
हम दोनो को दवाईयाँ का कम्पनी में रह कर दवाईयों के बनाने की जानकारी हो गयी थी, कि दवाईयाँ कैसे बनती है। इससे पहले हमारे द्वारा कई फर्म खोली गयी। वर्तमान में हमारे द्वारा वर्ष दिसम्बर 2022 से एक एस0एस0 मेडिकोँज नाम से एक फर्म खोली थी, जिसका प्रोपराईटर मै हूँ, परन्तु यह फर्म हम दोनो की पार्टनरशिप फर्म है। हमे इस फर्म से जितना लाभ प्राप्त होता है, उसको हम दोनो 50-50 प्रतिशत बराबर बाँट लेते है। मै लाभ का पैसा विकास कुमार को उसके खाते में डाल देता हूँ ।
हमारे द्वारा उक्त कम्पनी की दवाईयाँ अपनी फैक्ट्री मकदूमपुर गाँव निकट लखनौता चौराहा झबरेड़ा में बनाते है, जहाँ हमारे द्वारा उक्त फैक्ट्री में दवाईयाँ बनाने के लिये मशीने रखी है और वहां हमारा कच्चा माल भी रखा है। हम लोग दवाईयाँ बनाने के लिये कच्चा माल रोलेक्स फार्मा बाम्बे की एक कम्पनी से खरीदते थे, जिसका भुगतान हमारे द्वारा आँनलाईन किया जाता था, जहां से कच्चा माल विजयलक्ष्मी ट्रांसपोर्ट से रुड़की आता है, जिसे हम रुड़की में उतारकर अपनी फैक्ट्री में ले जाते है। हमारे द्वारा कच्चे माल की डिलीवरी हफ्ते में ली जाती है। उसके बाद वहाँ मेरे व विकास के द्वारा फार्मा स्यूटिकल कम्पनी एंव अन्य कम्पनी की दवाईयाँ को उनके कम्पोजिशन के आधार पर कुछ कम मात्रा में भरकर नकली दवाईयाँ बनायी जाती है। जिसे हम अपनी एस0एस0 मेडिकोज नाम की फर्म से सेल करते है। एस0एस0 मेडिकोज की फर्म बनाने के लिये मैने अपने नाम पर ड्रग लाईसेन्स लिया है, जो मैने वर्ष 2022 में बनाया था। हमारी एसएस मेडिकोज नाम की फर्म का आँफिस देहरादून में सहस्त्रधारा रोड़ में खोला है, जहाँ से हम लोग उक्त दवाईयो को दिल्ली, लखनऊ एंव कोलकाता आदि शहरो में बेचते है।
मार्केटिंग में होने के कारण विकास के पहले से मेडिकल डीलरों से सम्पर्क थे । जिस पर हम लोग अन्य राज्यो के मेडिकल स्टोर एंव डीलरो को हमारे द्वारा अपनी फैक्ट्री में तैयार दवाईयाँ बेचते थे। हम हफ्ते में दवाई के 10 पेटी करीब 200 डिब्बे तैयार कर लेते है, जिन्हे बेचकर हमारे द्वारा करोड़ो रुपये का लाभ और कई सम्पत्तियाँ भी अर्जित की गयी है, मैंने रेंज रोवर कार भी इन्ही पैसो से ली है। इसके अतिरिक्त विकास ने रुड़की में 35 लाख रुपये का प्लाँट व 12 लाख रुपये की KIA सोनेट कम्पनी की गाड़ी खरीदी है । इसके अतिरिक्त उषा इन्क्लेव में 50 लाख रुपये का मकान व मकदून पुर में फैक्ट्री के लिये 04 बीघा जमीन भी ली है। जिस पर हमारा फैक्ट्री स्थापित किये जाने का विचार है । मै उक्त दवाईयों के लिये रेपर दिल्ली एंव भगवानपुर में एक व्यक्ति को प्रिन्ट करने के लिये देता हूँ, जो कि हमें 800 रुपये किलो के हिसाब से रेपर प्रिंट करता था। मेरे द्वारा सारे कूटरचित बिल अपने लैपटाँप पर एडिट करके तैयार किये गये है। जो मेरे लैपटाँप पर पड़े है। अभियुक्त विकास द्वारा धोखाधडी से अर्जित की गयी वाहन KIA को भी कब्जे पुलिस लिया गया है ।

*गिरफ्तार अभियुक्त:-*

1- सचिन शर्मा पुत्र नरेन्द्र कुमार शर्मा निवसी अशोका पुरम निकट गोदावरी होटल दिल्ली रोड़ थाना मंगलौर रुड़की हरिद्वार हाल पता- अमेजन कालोनी, सहस्त्रधारा रोड़ निकट एसआर पैट्रोल पम्प वाली गली नं0 03 रायपुर देहरादून, उम्र- 40 वर्ष
2- विकास पुत्र श्री उदयवीर निवासी ग्राम बेड़ाआसा पोस्ट बेड़ाआसा तहसील जानसठ थाना सिखेडा जिला मुजफ्फरनगर उ0प्र0 हाल पता- अमेजन कालोनी सहस्त्रधारा रोड़ थाना रायपुर जनपद देहरादून उम्र- 32 वर्ष

*बरामदगी का विवरण*
1- INDOCAP एस0आर0 कैप्सूल की 20 पेटी में रखे कुल 2500 डिब्बे कुल 7,50,000 कैप्सूल
2- नीले प्लास्टिक के 07 डिब्बों में रखे कुल 9,01,000 कैप्सूल
3- काली रंग की 11 प्लास्टिक की पन्नी में रखे 12,82,600 कैप्सूल
4- विभिन्न बैंको की 24 चौक बुक
5- INDOCAP एस0आर0 खाली कैप्सूल बाक्स के रैपर 3000
6- खाली कैप्सूल 1,00,000/-
7- दवाई बनाने हेतु कच्चा माल 50 किलो
8- सीलिंग हेतु कम्पनी के टेप रोल 107
9- कम्पनी का प्रिन्टेड फायल कवर बडे 15
10- कम्पनी के गत्ते की खाली पेटी 50
11- नकली दवाईयों की टैक्स इनवाइस बिल -07
12- HP लैपटाप -1,
13- मोबाइल फोन -07
14- रैंज रोवर गाडी सं0 TO 923 CH7967B- 01 (कीमत लगभग एक करोड रूपये)
15- KIA गाडी सं0 UK 17R-2647 -01
16- नकली दवाईयां बनाने के उपकरण
17- नकली दवाईयां बनाने की मशीनें

 

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें