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*सीएम धामी के कड़े निर्देश, बख्शे नहीं जाएंगे मिलावटखोर, जांच समिति का गठन, तीन दिन में रिपोर्ट देगी समिति*

*प्रदेशभर में एफडीए के ताबड़तोड़ छापे, अब तक पंद्रह सौ से अधिक दुकानों में छापे, दो दर्जन दुकानों को नोटिस, बड़ी मात्रा में कुट्टू का आटा किया गया नष्ट*

स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर दूषित कुट्टू के आटे से अस्पतालों में भर्ती मरीजों के प्रकरण की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यह समिति तीन दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस समिति के अध्यक्ष ताजबर सिंह, अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन होंगे। अन्य सदस्यों में राजेंद्र सिंह रावत, उपायुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, सतर्कता सह अभिसूचना शाखा के अधिकारी तथा महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा नामित दो वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि समस्त पहलुओं की गहन जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपयुक्त सुझाव भी रिपोर्ट में शामिल करने को कहा गया है। इससे पहले, 31 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री को दूषित कुट्टू के आटे से बीमार मरीजों से जुड़ी निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे खाद्य उत्पादों की खरीद में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

*पंद्रह सौ से अधिक दुकानों पर छापेमारी*
खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मिलावटखोरों के खिलाफ मंगलवार को प्रदेशभर में दुकानों और खाद्य गोदामों में छापेमारी की। एफडीए की टीमों ने सभी 13 जनपदों में अब तक पंद्रह सौ से अधिक दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 100 से अधिक सैंपल लिए गए और दो दर्जन से अधिक दुकानों को नोटिस थमाए गए हैं। एफडीए आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत छापेमारी अभियान चलाया गया। राज्य के सभी जनपदों में दूषित कुट्टू के आटे की जांच की गई। आयुक्त ने कहा मिलावटखोरों से सख्ती से निपटेंगे। मिलावटखोरी के खिलाफ जनता को भी जागरूक किया जा रहा है। खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि कुट्टू के आटे के मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। इस दौरान दुकानों से कुट्टू के आटे समेत कई वस्तुओं के सैंपल लिए गए हैं। मिलावट की आशंका को देखते हुए कई जनपदों में कुट्टू के आटे को बड़ी मात्रा में नष्ट कर दिया गया। एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि सभी 13 जिलों में छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेशभर में लगभग पंद्रह सौ से भी अधिक दुकानों पर छापेमारी की गई है। कई दुकानों से सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा दो दर्जन से भी अधिक दुकानदारों को नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

*दुकानदारों पर नोटिस*
खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि विभाग ने यह स्पष्ट किया कि उन दुकानदारों को कड़ी सजा दी जाएगी, जो मिलावट में शामिल पाए जाएंगे। विभाग ने दुकानदारों से शुद्ध सामग्री बेचने की अपील की और कहा कि किसी भी हाल में मिलावट करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।

*देहरादून में 100 किलो आटा नष्ट*
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने उपायुक्त गढ़वाल आर. एस. रावत और जिला अभिहित अधिकारी के नेतृत्व में रेसकोर्स, आराघर, धर्मपुर, नेहरू कॉलोनी, आढत बाजार, हनुमान चैक सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, संजय तिवारी, संतोष कुमार सिंह और सतर्कता अभिसूचना एफ.डी.ए. के जगदीश रतूडी समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान 21 प्रतिष्ठानों में कुट्टू का आटा विक्रय हेतु नहीं पाया गया, केवल गोयल आटा चक्की, रेस्ट कैंप में पैक्ड कुट्टू का आटा बिक्री पर था, जिसका नमूना जांच के लिए लिया गया। जांच दल ने करीब 100 किलो दूषित कुट्टू के आटे को जब्त कर कारगी ट्रेचिंग ग्राउंड में नष्ट कर दिया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

*आयुक्त ने ली एफडीए अधिकारियों की बैठक*
खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने प्रदेशभर में युद्धस्तर पर हुई छापेमारी की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अभियान लगातार जारी रहे। अभियान को व्यापक बनाकर चलाया जाए। इसी माह चारधाम यात्रा भी शुरू हो रही है। इसलिए यात्रा से संबंधित जनपदों व यात्रा मार्ग पर खास फोकस किया जाए। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अभियान में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

*आम जनता से अपील*
डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि यह केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम जनता को भी मिलावटखोरों के खिलाफ जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनता की सहायता से ही मिलावटखोरी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। लोगों को यह समझना होगा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हो सकते हैं। मिलावटखोरी का मामला सिर्फ एक कानूनी चुनौती नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे हम सबको मिलकर हल करना है।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें