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*इंग्लैंड निवासी NRI महिला की करोड़ो की भूमि के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का दून पुलिस ने किया भंडाफोड़*

*03 शातिर अभियुक्तों को किया गिरफ्तार, मुख्य अभियुक्त ओमवीर के विरुद्ध भूमि धोखाधड़ी के कई अभियोग है पंजीकृत*

*अभियुक्त ओमवीर देहरादून में विवादित तथा काफी समय से खाली पड़ी जमीनो पर रखता था नजर, मौका मिलते ही अपने साथियो के साथ उक्त जमीनो के कूटरचित प्रपत्र बनाकर अन्य लोगो को कर देता था विक्रय*

*अभियुक्तो द्वारा NRI महिला की भूमि के भी मुजफ्फरनगर निवासी एक व्यक्ति के नाम पर बनाये थे कूटरचित विलेख पत्र*

*जमीन फर्जीवाड़े में दून पुलिस जड़ तक जाकर सभी सक्रिय गैंग का पर्दाफाश करेगी,कुछ अन्य लोगो का भी इस तरह संगठित गैंग बनाकर लंबे समय से देहरादून में जमीनों की धोखाधड़ी करना प्रकाश में आया है प्रारंभिक साक्ष्यों व लगातार सामने आ रहे ऐसे प्रकरणों से ऐसा लगता है की जमीन धोखाधड़ी में कही न कही जो अवैध अकूत संपति ऐसे अपराधियों द्वारा अर्जित की गई है, उसके पीछे कई अन्य बड़े अपराध भी अपराधियों द्वारा किए जाने की संभावना है, जिनकी गहनता से विस्तृत जांच कर ऐसे सभी अपराधियों की संपत्ति को जब्त कराने के साथ साथ ऐसे अपराधियों द्वारा प्रताड़ित सभी पीड़ितों को न्याय दिलाना दून पुलिस की प्राथमिकता है : – एसएसपी देहरादून*

*कोतवाली नगरः-*

देहरादून में कई जमीनो के कूटरचित विलेख व अन्य प्रपत्रों को तैयार कर उन्हे रजिस्ट्रार कार्यालय मे सम्बन्धित रजिस्टरों में फर्जी व्यक्तियो के नाम पर दर्ज कर जमीनों की खरीद फरोख्त का फर्जीवाड़ा प्रकाश में आने पर रजिस्ट्रार कार्यालय के सहायक महानिरीक्षक निबन्धन श्री संदीप श्रीवास्तव द्वारा कोतवाली नगर देहरादून में अब तक 09 अभियोग पंजीकृत कराये जा चुके है। जिनमें SIT टीम द्वारा लगातार अथक प्रयासों से साक्ष्य संकलन कर गहन विवेचना की जा रही है। उक्त प्रकरण में अब तक 13 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जिनसे पूछताछ में उक्त जमीनो के फर्जीवाडे में और भी अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आ रहे है।
दिनांक 06.10.23 को गिरफ्तार अभियुक्त अजय मोहन पालिवाल से गहन पूछताछ में यह बात प्रकाश में आयी कि अभियुक्त फॉरेन्सिक एक्सपर्ट था जिसने अभियुक्त कमल बिरमानी, के0पी0 सिंह आदि के साथ मिलकर कई जमींनो के फर्जी विलेख पत्रों में फर्जी राइटिंग एवं हस्ताक्षर बनाये थे, जिसका प्रयोग कर अभियुक्तगणों द्वारा फर्जी तरीके से जमीनो को बेच कर करोड़ो रूपये कमाये गये । पूछताछ में अजय मोहन पालीवाल द्वारा के0पी0 सिंह के कहने पर एक NRI महिला रक्षा सिन्हा की राजपुर रोड पर स्थित भूमि के कूटरचित विलेख पत्र रामरतन शर्मा के नाम से बनाकर देहरादून निवासी ओमवीर व मुजफ्फर नगर निवासी सतीश व संजय को को दिये जाने की बात बताई गयी थी।
अजय मोहन पालीवाल के बयानों को तस्दीक करने पर ज्ञात हुआ कि राजपुर रोड मधुबन होटल के सामने एन0आर0आई0 महिला रक्षा सिन्हा की करीब दो ढाई बीघा भूमि है, जिसके कूटरचित दस्तावेजो को रजिस्ट्रार कार्यालय में सम्बन्धित रजिस्टर में लगा देने के सम्बन्ध में सहायक महानिरीक्षक निबन्धन द्वारा कोतवाली नगर में मु0अ0सं0 412/23 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भादवि पंजीकृत कराया गया है, जिसकी विवेचना SIT टीम द्वारा की जा रही है। अजय मोहन पालीवाल के बयानों के आधार पर SIT टीम द्वारा ओमवीर, सतीश व संजय के विरुद्ध साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुये उन्हे गिरफ्तार किया गया ।

*पूछताछ का विवरणः-*

अभियुक्तो से पूछताछ करने पर प्रकाश में आया कि देहरादून निवासी ओमवीर का पूर्व से ही जमीनो के फर्जीवाड़े का आपराधिक इतिहास रहा है तथा पूर्व में कई विवादित जमीनो में भी इसकी संलिप्ता रही है। ओमवीर की जान पहचान सहारनपुर निवासी के0पी0 सिंह से थी तथा ओमवीर भी देहरादून में विवादित व खाली पड़ी जमीनो पर नजर रखता था । ओमवीर की नजर राजपुर रोड मधुबन के पास स्थित दो-ढाई बीघा जमीन पर पड़ी जिसके सम्बन्ध में जानकारी करने पर उसे ज्ञात हुआ कि उक्त जमीन विदेश में रहने वाली NRI महिला रक्षा सिन्हा के नाम पर है, जो काफी वर्षों से देहरादून नहीं आई है, ओमवीर ने रक्षा सिन्हा की पूरी जानकारी निकाली तो उसे पता चला कि रक्षा सिन्हा के पिता पी0सी0 निश्चल देहरादून में ही रहते थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है ।
इस जमींन के बारे में ओमवीर के द्वारा के0पी0 सिंह को बताया गया तथा के0पी0 ने उक्त जमीन को उत्तराखण्ड के बाहर किसी बुजुर्ग व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड विलेख पत्र के माध्यम से करा देने का आश्वासन दिया परन्तु इसके लिए ओमवीर को किसी बाहरी बुजुर्ग व्यक्ति को लाने की जिम्मेदारी दी गयी। ओमवीर ने अपने परिचित सतीश के माध्यम से उसके दोस्त संजय, जो की मुजफ्फरनगर का रहने वाला है ,के पिता रामरतन शर्मा के नाम पर उक्त भूमि के फर्जी विलेख पत्र के0पी0 सिह के माध्यम से तैयार करवाये गये तथा उक्त भूमि को सन् 1979 में पी0सी0 निश्चल से राम रतन के नाम क्रय-विक्रय करना दिखाया गया। इसके पश्चात इनके द्वारा कूटरचित विलेख पत्र को सोनू, जो रजिस्ट्रार कार्यालय में बाईन्डर का कार्य करता था, के माध्यम से रजिस्ट्रार कार्यालय में सम्बन्धित रजिस्टरों पर लगा दिये गये।
इसके पश्चात ओमवीर द्वारा उक्त प्रॉपर्टी को मार्केट में बिकने हेतु उतारी गयी। पूर्व से ही इस प्रॉपर्टी की अच्छी जानकारी रखने वाले देहरादून निवासी मनोज तालीयान को उक्त प्रॉपर्टी के सम्बन्ध में जानकारी होने पर इनके द्वारा राम रतन शर्मा व इनके बेटे संजय शर्मा से मुजफ्फर नगर में मिलकर उक्त जमीन का सौदा ग्रीन अर्थ सोलर पावर लिमिटेड से 3 करोड़ 10 लाख में सौदा तय कराया तथा एग्रीमेन्ट का 1 करोड़ 90 लाख रूपये संजय सिंह को दिये,जिसमें से पूर्व में तय अनुसार संजय सिंह को 66 लाख और ओमवीर को 96 लाख व सतीश को 38 लाख के करीब की धनराशि मिली। उक्त भूमि की सम्बन्धित कम्पनी को रजिस्ट्री की जानी थी परन्तु सम्बन्धित कम्पनी द्वारा उक्त भूमि के पूर्व में चले आ रहे विवाद के हल होने के बाद ही रजिस्ट्री कराने तथा शेष रकम रजिस्ट्री के बाद देने की बात कही गयी थी। इससे पूर्व विवाद का हल होता देहरादून में विभिन्न जमीनो के फर्जी विलेख तैयार करने सम्बन्धी मामला उजागर हो गया।

*गिरफ्तार अभियुक्त*

1- संजय कुमार शर्मा पुत्र श्री रामरतन शर्मा निवासी पंचेड़ा रोड निकट गोल्डन पब्लिक स्कूल थाना नई मंडी, मुज्जफरनगर उत्तर प्रदेश, उम्र 48 वर्ष।
2- ओमवीर तोमर पुत्र स्व0 श्री ओमप्रकाश निवासी B 220 सेक्टर 2, डिफेंस कॉलोनी देहरादून, उम्र 67 वर्ष।
3. सतीश कुमार पुत्र स्व0 श्री फूल सिंह निवासी 1728 जनकपुरी रुड़की रोड़ थाना सिविल लाइन, मुज्जफरनगर, उत्तर प्रदेश, उम्र 60 वर्ष।

*आपराधिक इतिहास अभि0 ओमवीर तोमर-*

1- मु0अ0सं0 27/14 धारा 420,467,467,120बी भादवि थाना क्लेमनटाउन जनपद देहरादून
2- मु0अ0सं0 29/15 धारा 364,302,201,120बी,34 भादवि थाना क्लेमनटाउन जनपद देहरादून
3- मु0अ0सं0 36/17 धारा 406,420,120बी, 323,504,506 भादवि थाना क्लेमनटाउन, जनपद देहरादून

*पुलिस टीम :-*

1- निरीक्षक राकेश कुमार गुसांई (प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर)
2- निरीक्षक नन्द किशोर भट्ट प्रभारी एसओजी
3- उ0नि0 प्रदीप सिंह रावत, व0उ0नि0 कोतवाली नगर
4. उ0नि0 श्री मनमोहन नेगी (एसआईटी)
5.- उ0नि0 हर्ष अरोड़ा (SOG)
6- उ0नि0 श्री अमित मोहन ममगई (विवेचक)
7- हे0का0 किरण (SOG)
8- कानि0 ललित, देवेन्द्र , पंकज , आशीष शर्मा (SOG)

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें