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*मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की तैयारी तेज*

*एसआईआर-2026 के तहत घर-घर पहुंचेंगे गणना फार्म, बीएलओ को मिला विशेष प्रशिक्षण*

आगामी निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-2026) को सफल और प्रभावी बनाने के लिए सोमवार को नगर निगम सभागार में धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), बीएलओ सुपरवाइजरों और सहायक कार्मिकों के लिए दूसरे चरण का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना रहा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज न हो सके।

*लोकतंत्र की मजबूती का आधार है सटीक मतदाता सूची:- गौरव चटवाल (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी धर्मपुर विधानसभा)*
प्रशिक्षण कार्यक्रम में धर्मपुर विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी गौरव चटवाल ने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती सटीक और अद्यतन मतदाता सूची पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में त्रुटियों को न्यूनतम करने और प्रत्येक पात्र नागरिक तक निर्वाचन प्रक्रिया की पहुंच सुनिश्चित करने में बीएलओ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी कार्मिकों से पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

*8 जून से शुरू होगा गणना फार्म वितरण अभियान*
प्रशिक्षण में एसआईआर-2026 के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि 8 जून से 17 जून 2026 तक पहले चरण में गणना फार्मों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवधि में बीएलओ अपने-अपने बूथ क्षेत्रों में घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता तक गणना फार्म पहुंचाएंगे। अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार अथवा पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से छूट न पाए।

*18 जून से प्राप्त किए जाएंगे भरे हुए फार्म*
अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 18 जून से होगी। इस दौरान बीएलओ मतदाताओं से भरे हुए एवं हस्ताक्षरित गणना फार्म प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक मतदाता को फार्म जमा करने के बाद दूसरी प्रति पर प्राप्ति रसीद अवश्य प्रदान की जाए। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहेगी। साथ ही वितरण और प्राप्ति से संबंधित सभी अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

*डिजिटल तकनीक से होगी रियल टाइम निगरानी*
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिजिटल तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि प्राप्त होने वाले प्रत्येक गणना फार्म को बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटाइज्ड कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इससे निर्वाचन संबंधी सूचनाओं का रियल टाइम संकलन, सत्यापन और निगरानी संभव हो सकेगी। बीएलओ को एप के नवीनतम संस्करण के उपयोग, डेटा एंट्री, दस्तावेज अपलोड और ऑनलाइन सबमिशन की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

*मतदाताओं को भी मिलेगी ऑनलाइन सुविधा*
निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल प्लेटफॉर्मों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मतदाता वोटर हेल्पलाइन एप और ईसीआई नेट पोर्टल के माध्यम से गणना फार्म डाउनलोड कर सकते हैं, उसे भरकर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं तथा निर्वाचन संबंधी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बीएलओ को निर्देश दिए गए कि वे मतदाताओं को इन सुविधाओं के प्रति जागरूक करें, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बन सके।

*बीएलओ को वितरित की गई प्रशिक्षण सामग्री और किट*
प्रशिक्षण सत्र में गणना फार्म को बीएलओ एप पर अपडेट करने, दस्तावेजों के सत्यापन और अंतिम डेटा सबमिशन की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी दक्षता बढ़ने से पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा। इसके लिए सभी बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण सामग्री और कार्य निष्पादन हेतु विशेष किट भी उपलब्ध कराई गई।

*हर पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना लक्ष्य*
गौरव चटवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य केवल मतदाता सूची का पुनरीक्षण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों से समयबद्ध एवं जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से कार्य करने की अपील की।

*अधिक सटीक और अद्यतन होगी मतदाता सूची*
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि एसआईआर-2026 अभियान के माध्यम से धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को और अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा। साथ ही यह अभियान पात्र मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें