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देहरादूनः मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर, देहरादून में राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ का शुभारंभ किया। राज्य के सभी जनपदों से राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रतिभाग करने आये खिलाड़ियों के बीच जाकर मुख्यमंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की जाएगी। राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ के शुभारंभ के अवसर पर बालक वर्ग की 800 मीटर दौड़ स्पर्धा के प्रथम तीन स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। खेल टीमवर्क से कार्य करने का अवसर प्रदान करते हैं। राज्य स्तर पर आयोजित होने वाला यह खेल महाकुंभ उत्तराखण्ड के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। पंचायत स्तर, ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर खेलने के बाद खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर इस खेल महाकुंभ में अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर की बड़ी खेल प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में होने वाले आगामी 38वें राष्ट्रीय खेल, उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए विभिन्न अवस्थापना सुविधाएं तैयार करना प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय खेल सचिवालय का गठन किया गया है, जिससे इन खेलों का संचालन बेहतर रूप से किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को तेजी से बढ़ावा मिला है। भारत ने हाल में चीन में संपन्न हुए एशियाई खेलों में रिकार्ड 107 पदक जीते। नए जोश के साथ भारत 2030 ’’युवा ओलंपिक’’ और 2036 में ’’ओलंपिक’’ खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों का बजट भी पहले के मुकाबले तीन गुना हो चुका है। उत्तराखण्ड में भी गांव से लेकर शहर तक के युवा खिलाड़ियों के लिए अभिनव प्रयोग किये जा रहे हैं। हरिद्वार बने फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगह का प्रयोग कर वहां बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबाल कोर्ट, ओपन जिम बनाये जा रहे हैं। सरकार युवा खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में खेल कोटे को भी पुनः प्रारंभ करने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी भी देने जा रही है। नई खेल नीति में राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आगामी राष्ट्रीय खेलों के लिए सभी तैयारियां तेजी से की जाए। खिलाड़ियों की डाइट से लेकर उनके रहने व हर सुविधा की व्यवस्थाएं की जाए। उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में राज्य का अच्छा प्रदर्शन हो, इसके लिए अभी से अच्छे खिलाड़ियों की खोज कर उनके बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि टीम वर्क के साथ हमें उत्तराखंड को खेलों में आगे लेकर जाना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस खेल महाकुंभ में प्रतिभाग कर रहे हमारे युवा खिलाड़ी अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रीय खेलों के साथ ही भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य में नई खेल नीति लागू की जा चुकी है। जिसमें खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के प्रयास किये गये हैं। राज्य में 08 से 14 वर्ष की आयु के लगभग चार हजार खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना से राज्य में 14 से 23 वर्ष के 2600 खिलाड़ियों को लाभान्वित किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए स्पोर्ट डेवलपमेंट फंड बनाया जा रहा है। चम्पावत के लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट कॉलेज बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा ‘काऊ’, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अमित सिन्हा, खेल निदेशक श्री जितेन्द्र सोनकर एवं खेल विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें