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*देहरादून के भविष्य को आकार देने उमड़ रही जनता, महायोजना-2041 पर दूसरे चरण की सुनवाई में बढ़ी भागीदारी*

*दूसरे दिन 28 आपत्तियां और सुझाव दर्ज, शहर के सुनियोजित विकास के लिए नागरिकों, सामाजिक संगठनों और कॉलोनीवासियों ने रखे अहम प्रस्ताव*

देहरादून के भावी विकास की दिशा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 (प्रारूप) को अधिक व्यावहारिक, समावेशी और जनोन्मुख बनाने के उद्देश्य से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा शुरू किए गए दूसरे चरण के जनसुनवाई अभियान को लगातार सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर 28 जुलाई से प्राधिकरण कार्यालय में प्रारम्भ हुई पुनः सुनवाई के दूसरे दिन भी विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक, सामाजिक संगठन, कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन, व्यापारिक प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधि पहुंचे और शहर के भविष्य से जुड़े अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं। दूसरे दिन करीब 28 आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें सड़क नेटवर्क, यातायात प्रबंधन, भूमि उपयोग, सार्वजनिक सुविधाओं, पार्किंग, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, जल निकासी व्यवस्था तथा आवासीय एवं व्यावसायिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुख रहे।

*जनभागीदारी से तैयार होगा विकास का ब्लूप्रिंट*

प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार महायोजना-2041 केवल शहरी विकास का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में देहरादून की विकास यात्रा का व्यापक रोडमैप है। यही कारण है कि इसे अंतिम रूप देने से पहले प्रत्येक हितधारक और नागरिक की राय को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों एवं सुझावों का नियोजन विशेषज्ञों और तकनीकी अधिकारियों द्वारा विस्तृत परीक्षण किया जाएगा तथा जो सुझाव व्यवहारिक, नियमानुकूल और जनहित में होंगे, उन्हें महायोजना में समाहित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

*हर वर्ग को मिल रहा अपनी बात रखने का अवसर*

एमडीडीए का मानना है कि किसी भी महायोजना की सफलता तभी संभव है जब उसमें आमजन की अपेक्षाओं और स्थानीय जरूरतों का समुचित समावेश हो। इसी सोच के साथ पहले चरण की सेक्टरवार सुनवाई पूरी होने के बाद नागरिकों की सुविधा के लिए दूसरा चरण प्रारम्भ किया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति या सुझाव प्रस्तुत करने से वंचित न रहे। सुनवाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें यातायात सुधार, आधारभूत ढांचे का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं का विकास, जल निकासी व्यवस्था और पार्किंग जैसी आवश्यकताओं को प्रमुखता से उठाया गया।

*जनसंवाद से तैयार होगी भविष्य की आधुनिक महायोजना*

प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल आपत्तियां दर्ज करना नहीं, बल्कि नागरिकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित कर ऐसी महायोजना तैयार करना है जो भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप, संतुलित और टिकाऊ विकास सुनिश्चित कर सके। सभी प्राप्त सुझावों को विशेषज्ञ समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और तकनीकी परीक्षण के बाद उपयुक्त सुझावों को अंतिम प्रारूप में शामिल किया जाएगा। एमडीडीए का लक्ष्य देहरादून को सुव्यवस्थित, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित करना है।

*”जनसहभागिता ही महायोजना की सबसे बड़ी ताकत” : बंशीधर तिवारी*

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 को तैयार करने में जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। हमारा उद्देश्य केवल विकास का खाका तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसा विजन डॉक्यूमेंट बनाना है जो शहर की वर्तमान जरूरतों के साथ आने वाले दशकों की चुनौतियों का भी समाधान प्रस्तुत करे। पहले चरण की सुनवाई में मिले सुझावों के बाद आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए दूसरे चरण की सुनवाई शुरू की गई है, ताकि प्रत्येक नागरिक सीधे प्राधिकरण के समक्ष अपनी बात रख सके। सभी आपत्तियों और सुझावों का तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा जो सुझाव नियोजन की दृष्टि से उपयुक्त, व्यवहारिक और जनहित में होंगे, उन्हें महायोजना में शामिल किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि देहरादून का विकास पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और संतुलित शहरी नियोजन के साथ आगे बढ़े। जनसहयोग से तैयार होने वाली यह महायोजना आने वाले वर्षों में देहरादून के सुनियोजित विकास की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।

*”हर सुझाव का निष्पक्ष और तकनीकी परीक्षण होगा” : मोहन सिंह बर्निया*

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि दूसरे चरण की सुनवाई में लगातार नागरिकों और विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों एवं सुझावों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत विधिवत अभिलेखित किया जा रहा है। प्रत्येक सुझाव का तकनीकी एवं नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा तथा जो सुझाव महायोजना के उद्देश्यों और जनहित के अनुरूप होंगे, उन्हें अंतिम प्रारूप में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हमारा प्रयास है कि देहरादून महायोजना-2041 व्यापक जनभागीदारी और गुणवत्तापूर्ण शहरी नियोजन का आदर्श दस्तावेज बने।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें