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रूद्रपुर 04 जनवरी, 2022 (सू.वि.)- केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकारी ने थारू राजकीय इण्टर काॅलेज में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखंड के बारे में पूरे देश में कहा जाता है कि यह देवों की भूमि है। देश-विदेश की जनता उत्तराखंड को देव भूमि और राज्य की जनता को देव तुल्य मानती है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री यह हमारे आस्था, श्रद्धा के प्रतीक है। उन्होने कहा कि यहाॅ केवल उत्तराखंड के ही नही बल्कि पूरी दुनिया से लोग आते है। हमारी पवित्र गंगा का उद्गम स्थान भी उत्तराखंड में है और मेरा यह सौभाग्य रहा है गंगा को अविरल और निर्मल करने की जिम्मेदारी मुझे मिली और उसका मेरे द्वारा 25000 करोड रुपए के अविरल निर्मल गंगा के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट में कार्य किया जा रहा है जिसका 80 प्रतिशत कार्य मेरे कार्यकाल में पूरा हुआ।
उन्होंने बताया कि जब-जब उत्तराखंड में पार्टी अध्यक्ष के रूप में आता था सब यही कहते थे कि हमारे रोड सुधर जाएंगे तो उत्तराखंड का विकास होगा। अमेरिका प्रेसिडेंट जॉन कैनेडी ने कहा था अमेरिका अमीर है इस कारण सड़के अच्छी नहीं है बल्कि यहां की सड़के अच्छी है जिसकी वजह से देश अमीर है। जब मुझे पीएम मोदी के नेतृत्व में रोड एवं परिवहन मंत्रालय मिला तो मैंने तय किया था कि उत्तराखंड को मैं दो लाख करोड़ रुपए दूंगा अभी तक आपने जो विकास देखा है वह एक ट्रेलर था फिल्म अभी शुरू होनी बाकी है। मै इतना ही कहना चाहूंगा कि 2014 से 2021 तक हमने 21 सौ किलोमीटर की नई सड़क बनाई है और उसका मजबूती करण का काम किया है। उन्होंने बताया कि 2022 में 123 किलोमीटर सड़क उन्न्यन का काम अवॉर्ड हो जाएगा और करीब 1353 किलोमीटर सड़क में कर्ण का कार्य होगा। उन्होंने कहा कि 2024 तक 2500 किलोमीटर का काम पूरा करके दो लाख करोड़ का काम पूरा करेंगे। खटीमा आने वाले समय में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, यह क्षेत्र आने वाले समय में विश्व मानचित्र पर होगा। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा जाने वाले इसी रास्ते से जाते हैं और मैं आपको विश्वास देता हूं आज से 1 साल के अंदर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आप सब रोड से जा सकोगे, रोड मैं आपको बना कर दूंगा। उन्होंने कहा कि टनकपुर से पिथौरागढ़ तक कनेक्टिविटी हो गई है, पिथौरागढ़ से लिपुलेख तक सड़क निर्माण का कार्य अभी चल रहा है, टनकपुर से लिपुलेख एक सड़क निर्माण कार्य हो रहा है यह 376 का किलोमीटर है और इस पर 5000 करोड़ रूपया खर्च कर रहे हैं, यहां से सीधा मानसरोवर जा सकेंगे। टनकपुर से पिथौरागढ़ 162 किलोमीटर 1640 करोड़ रुपए खर्च करके 125 किलोमीटर का काम हो गया है और बाकी काम 2022 तक पूरा हो जाएगा पिथौरागढ़ से लिपुलेख 204 किलोमीटर तक 31 सौ करोड़ रूपये खर्च कर रहे हैं, यह काम बीआरओ द्वारा कराया जा रहा है और यह काम 1 साल में पूरा हो जाएगा।
सिमली-मुन्स्यारी-जौलजीबी-ग्वालदम तक सड़क चैड़ीकरण करने की घोषणा की और कहा कि इस परियोजना को भारतमाला परियोेजना मे शामिल कर लिया गया है जिस पर 6 हजार करोड़ रूपये खर्च कर रहे है। खटीमा रिंगरोड निर्माण हेतु चकरपुर-कालापुर होते हुए टेढ़ाघाट वाया पहेनिया बाईपास का निर्माण भारतमाला परियोजना मे लिया जायेगा। खटीमा से पूरनपुर मार्ग को एनएच किया जायेगा, खटीमा चैराहे से थारू विकास भवन तक एनओसी क्लीयर कर दी जायेगी। पीलीभीत मार्ग से टनकपुर मार्ग मे बाहर बाईपास भी बनाया जायेगा। नजीमाबाद से अफजलगढ तक ग्रीनफील्ड न्यू बाईपास का बनाया जायेगा, हल्द्वानी से काठगोदाम और लालकुआं तक बायपास बनाने, हल्द्वानी-ग्वालदम सड़क निर्माण की घोषणा की।
दिल्ली से मेरठ में एक्सप्रेस हाईवे बन गया है 8 को अनेक बार इस अवसर पर आने का मौका मिला पहले 4 घंटे लगते थे अब 40 मिनट में लोग दिल्ली आते हैं। उन्होंने कहा कि रोड कनेक्टिविटी से दिल्ली नजदीक आ गई हैं, 603 करोड़ की लागत से 35 किलोमीटर अस्कोट-लिपुलेख सड़क निर्माण का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। रामेश्वर से अल्मोड़ा तक 2 लेन का डीपीआर तैयार हो गया है जिसका आगामी 6 माह मे कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। हल्द्वानी से कर्णप्रयाग तक 250 किलोमीटर सड़क आॅलवेदर बनाई जा रही है। उन्होने कहा कि आज से 2 साल बाद देहरादून से दिल्ली का सफर कोई भी फ्लाईट से जाना पंसद नही करेंगे। आने वाले समय मे गाड़ियों की स्पीड बढ़ाने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सड़क निर्माण क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों एवं प्रस्तावित कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
श्री गडकरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा कि युवा मुख्यमंत्री दिखने में ही नही काम में भी स्मार्ट हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण से राज्य पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक मजबूत कर सकेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी रोजगार के नए-नए अवसर उपलब्ध होंगे।
केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकारी तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मारक पहुॅचकर शहीदों को पुष्पचक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित की तथा शहीदों के परिवारों से वार्ता की।
इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी को रोड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में क्रांति लाने वाला व्यक्ति बताया। उन्होने कहा आपके मंत्री के रूप में काम करने से सड़कों के क्षेत्र में जो विकास हुआ है वह किसी से छुपा नही है। उन्होंने कहा आज देश में रोड कनेक्टिविटी की परिभाषा को श्री गडकरी जी ने एक नया आयाम दिया है।उन्होंने कहा सडकों और इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की महाराष्ट्र से शुरू हुई आपकी यात्रा आज भी निरंतर जारी है और देश का हर राज्य आपकी बनाई योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है। उन्होंने कहा आदरणीय नितिन गडकरी जी विजन के साथ काम करने वाले जननेता हैं और देश में सड़क, एक्सप्रेसवे और फ्लाईओवर निर्माण का जितना कार्य आपके निर्देशन में हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ।उन्होंने कब श्री गड़करी एक व्यापक सोच के साथ देश के आधारभूत ढांचे को विकसित करने का कार्य कर रहे है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग द्वारा 166 स्वयं सहायता समूहों को 213.50 लाख रूपये के चैक वितरित किये गये।
इस दौरान केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी अपने-अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में काबीना मंत्री यतीश्वरानन्द, सांसद लाॅकेट चटर्जी, विधायक प्रेम सिंह राणा, कैलाश गहतोड़ी, दर्जा राज्य मंत्री सुरेश परिहार, दान सिंह रावत, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, भारत भूषण चुघ, ज्योति प्रसाद गैरोला, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई सहित क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।
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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें