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देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कोर्ट रोड़, देहरादून स्थित नव निर्मित सरदार पटेल भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित भवन का निरीक्षण कर विभिन्न जानकारियां प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने 112 कंट्रोल रूम, स्टेट वीडियो सर्विलेंस सेंटर का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पुलिस की ई-बीट एप्प, उत्तराखंड के नागरिकों हेतु सी.ई.आई.आर सेवा पोर्टल का शुभारंभ भी किया। आरक्षी नागरिक पुलिस, अन्तः कक्ष प्रशिक्षण विषय पुस्तिका का विमोचन भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भवन के लोकार्पण के पश्चात अब पुलिस विभाग को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पडे़गा। डायल 112 का क्रियान्वयन भी भवन से किया जा रहा है। जिससे आम लोगों की शिकायतों एवं समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सकेगा। राज्य सरकार पुलिस कार्मिकों के कल्याण तथा उनकी आवासीय एवं अनावासीय सुविधाओं की पूर्ति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। हमने विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु धनराशि में बढोत्तरी करते हुये 45 करोड़ का प्राविधान किया है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ई-बीट एप्प को पुलिस एवं आम जनता से सम्बन्धित विभिन्न सेवाओं के ऑनलाइन समाधान, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं पुलिस कार्यप्रणाली को पेपरलेस बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड पुलिस के विकास हेतु भविष्य में भी पर्याप्त बजट उपलब्ध कराएगी तथा केन्द्रीय योजनाओं से भी पुलिस विभाग को अधिकतम बजट उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। सरकार उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट पुलिस बनाने की ओर अग्रसर है। हम पुलिस को और अधिक सशक्त एवं संवेदनशील, तकनीकी रूप से दक्ष बनाना चाहते हैं। राज्य सरकार पुलिस जवानों को आधुनिक उपकरण एवं शस्त्र उपलब्ध कराने के साथ-साथ कार्यालयों को भी हाईटेक किये जाने हेतु प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में राज्य में चारधाम यात्रा गतिमान है। जिसमें देश-विदेश से लाखों संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पुलिस द्वारा चारधाम यात्रा को बेहतरीन तरीके से संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार और पुलिस चारधाम यात्रा को आमजन के लिये सुगम व सुरक्षित बनाये रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप हम उत्तराखंड पुलिस को एक आधुनिक और स्मार्ट पुलिस बल बनाने के लिए निरंतर कार्य करे रहे हैं। इस “संकल्प” को पूर्ण करने में सभी जवान और अधिकारियों का साथ भी जरूरी है। उन्होंने कहा सम्पूर्ण देश में उत्तराखण्ड राज्य की पुलिस ने मित्रता, सेवा एवं सुरक्षा के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। अपने अथक प्रयासों से इस गौरवशाली सेवा को सुशोभित कर उत्तराखंड पुलिस की कर्तव्यनिष्ठ और मित्र पुलिस की छवि को हमेशा बरकरार रखेंगे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज को सुधारने में पुलिस की अहम भूमिका होती है। करोड़ों की संख्या में हमारे राज्य में पर्यटक अन्य राज्यों से आते हैं। ऐसे में पुलिस राज्य सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर काम करती है। उन्होंने कहा उत्तराखंड पुलिस को वर्तमान समय के साथ भविष्य के लिए भी खुद को तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा राज्य में पुलिस विभाग के उत्थान एवं आधुनिकीकरण के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध होकर निरंतर कार्य करती रहेगी।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि सरकार निरंतर स्मार्ट पुलिस के मंत्र पर काम कर रही है। बीते वर्षों में पुलिस को आधुनिकता से जोड़ने के लिए कई कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में नवीन भवनों का निर्माण कार्य हो रहा है जिसमें उसकी गुणवत्ता और समयावधि का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि सरदार पटेल भवन के लोकार्पित होने से उत्तराखंड पुलिस को एक बहुउद्देशीय कार्यालय भवन मिला है। सरकार पटेल भवन में परिक्षेत्रीय कार्यालय के अतिरिक्त यातायात निदेशालय, एस०डी०आर०एफ० प्रशिक्षण, अग्निशमन एवं आपात सेवा आदि कार्यालय शिफ्ट किये गये हैं। जिसमें लगभग 250 अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं।

इस दौरान कार्यक्रम सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक खजान दास, अपर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें