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*अवैध निर्माण व प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, कई स्थानों पर सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई*

*बिना मानचित्र निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, नियम तोड़े तो टूटेगा निर्माण, एमडीडीए का साफ संदेश*

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत हो रहे अवैध निर्माणों एवं अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में आज विभिन्न क्षेत्रों में चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें सील एवं ध्वस्त किया गया। एमडीडीए की टीम द्वारा कुलदीप द्वारा पैसिफिक गोल्फ, कुल्हान, सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव श्री गौरव चटवाल के आदेशों के क्रम में सहायक अभियंता श्री शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता सुश्री विदिता कुमारी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में सम्पन्न की गई।

इसके अतिरिक्त भावेश जोशी एवं अन्य द्वारा वीरभद्र रोड, वीरभद्र शिव मंदिर के समीप, ऋषिकेश क्षेत्र में किए गए अवैध आवासीय भवन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता श्री अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता सुश्री पूनम सकलानी तथा पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

वहीं मकबूल इरफान, अरविंद मनोडी एवं अन्य द्वारा आरकेडिया ग्रांट, देहरादून क्षेत्र में की जा रही 16 बिघा अवैध प्लॉटिंग पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण किया गया। इस दौरान सहायक अभियंता श्री विजय सिंह रावत, अवर अभियंता श्री अभिजीत सिंह थलवाल एवं सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे।

एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सघन अभियान निरंतर जारी रहेगा।

*उपाध्यक्ष, एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान*
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहर की आधारभूत संरचना, पर्यावरण और जनसुविधाओं पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर चेतावनी दिए जाने के बावजूद यदि कोई नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एमडीडीए से मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। एमडीडीए पारदर्शी, सुरक्षित और सुनियोजित शहरी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

*सचिव, एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान*
प्राधिकरण द्वारा की जा रही सभी कार्रवाई पूर्णतः नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। अवैध निर्माणों को पहले चिन्हित कर संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जाते हैं, इसके उपरांत आवश्यक होने पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। एमडीडीए का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि नियोजित विकास को प्रोत्साहित करना है। सभी नागरिकों से अपेक्षा है कि वे प्राधिकरण के नियमों का पालन करें और सहयोग प्रदान करें, ताकि शहर का सुव्यवस्थित और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें