ख़बर शेयर करें -

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आज चार हजार आठ सौ (4800) करोड़ के निवेश का करार*

*लंदन प्रवास में मुख्यमंत्री, कल भी किए थे दो हजार करोड़ के निवेश पर हस्ताक्षर*

*विदेशी निवेशकों में बढ़ा उत्तराखंड में निवेश का क्रेज, देवभूमि में औद्योगिक संभावनाओं को माना सुरक्षित।*

*उत्तराखण्ड सरकार का कयान जेट से साथ 3800 करोड़ का एमओयू*

*उषा ब्रेको लिमिटेड के साथ हुआ 1000 करोड़ का एमओयू*

*उत्तराखण्ड में 2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य की ओर अग्रसर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*

*मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने ब्रिटेन की पार्लियामेंट का भ्रमण किया और ब्रिटिश संसद सदस्यों के साथ विचार साझा किये*

लंदन। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का लंदन प्रवास रंग ला रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हेतु लंदन में उनके विदेशी औद्योगिक घरानों के साथ आयोजित बैठकें सफल रही और लंदन के औद्योगिक जगत में उत्तराखंड सुरक्षित निवेश की संभावनाओं के रूप में उभरा। राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए मुख्यमंत्री जी ने रोड शो में प्रतिभाग करते हुए लंदन के कई प्रमुख बिजनेस हाउसेस के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में अलग-अलग कंपनियों के साथ 4800 करोड़ के इनवेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए।

औद्योगिक समूह कयान जेट के साथ दो अलग-अलग एमओयू में 3800 करोड एवं उषा ब्रेको के साथ 1000 करोड़ रुपए के इनवेस्टमेंट के एमओयू साइन किए गये। कयान जेट द्वारा उत्तराखण्ड में स्कींग रिसॉट विकसित करने के लिए 2100 करोड़ एवं केबल कार प्रोजेक्ट के लिए 1700 करोड़ का इनवेस्टमेंट एमओयू साइन किया गया। कयान जेट द्वारा द्वारा औली, दयारा बुग्याल और मुन्स्यारी में स्कींग रिसॉट प्रोजेक्ट्स विकसित करने को लेकर सहमति बनी।

इसके साथ ही रोपवे के क्षेत्र में अग्रणी उषा ब्रेको लिमिटेड के साथ हरिद्वार और अन्य जनपदों में रोपवे विकसित करने पर सहमति बनी। लंदन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शिक्षा, पर्यटन, आईटी और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विभिन्न 80 उद्योग घरानों ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान प्रतिनिधियों ने इंडिया हाउस और पार्लियामेंट हाउस का दौरा भी किया और ब्रिटेन की संसद के सदस्यों से चर्चा वार्ता की। भ्रमण के दौरान प्रदेश सरकार के डेलिगेशन ने लंदन ने टूर एंड ट्रेवलिंग क्षेत्र से जुड़े प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की और राज्य में बेहतर परिवहन तकनीक पर विचार साझा किये।

मुख्यमंत्री धामी ने सभी निवेशकों को आगामी दिसंबर माह में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हेतु उत्तराखण्ड आने के लिए आमंत्रित किया किया।

संयोग से आज विश्व पर्यटन दिवस भी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन बाने की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है उत्तराखण्ड में वेलनेस टूरिज्म और विलेज टूरिज्म जैसी अनेक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में ऋषिकेश योग और आध्यात्म की वैश्विक राजधानी के रुप में जाना जाता है। यूरोप से लेकर अन्य देशों के पर्यटक हर साल बड़ी तादात में योग आध्यात्म के लिए उत्तराखण्ड का रुख करते हैं। श्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ऋषिकेश एवं अन्य स्थानों पर विश्वस्तरीय कन्वेशनर सेंटर की स्थापना हेतु निवेशकों से बातचीत कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जीे के नेतृत्व में आयोजित जी20 समिट के सफल आयोजन से व्रिटेन और भारत दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आगामी दिसंबर माह में आयोजित होने वाले उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 2.5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है जो प्रदेश की आर्थिकी को नई गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

इस दौरान भारतीय उच्चायुक्त महामहिम विक्रम दोरईस्वामी ने उत्तराखण्ड सरकार की विभिन्न नीतियों और सकारात्मक विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश की राष्ट्रीय राजधानी से कुछ दूरी पर होने के कारण कारण दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए वीकेंड्स डेस्टिनेशन के रुप में विकसित हो गया है। उच्चायुक्त ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी से जुड़े स्मरण साझा किए। इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव उद्योग विनय शंकर पांड्ेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा समेत डेलिगेशन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Ad Ad Ad Ad

By amit

You missed

*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें