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• उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी करेंगे शुभारंभ।

• कई देशों के राजदूत, केंद्रीय मंत्री, प्रमुख उद्योगपतियों समेत विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल।

• 44 हज़ार करोड़ के प्रोजेक्ट्स की होगी ग्राउंडिंग

देहरादून: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आगामी 8 दिसंबर को “उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023” का शुभारंभ करेंगे। 8 और 9 दिसंबर को फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून में चलने वाले इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश- दुनिया के हज़ार से अधिक इन्वेस्टर और डेलीगेट्स शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 दिसंबर को ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के उद्घाटन सत्र के बाद वापस दिल्ली लौट जाएंगे। उत्तराखंड सरकार द्वारा इस बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की थीम “पीस टू प्रोस्पेरिटी” को रखा गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर सभी तैयारी पूरी हो चुकी हैं। सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को निवेश की नई डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ढाई लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया था। जिसमें निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त उद्योग समूहों के साथ एमओयू साइन किए जाने का कार्य गतिमान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार निवेश के माध्यम से राज्य में रोजगार सृजन एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु निरंतर कार्य कर रही है।

लन्दन, दुबई समेत देश के महानगरों में किये गए रोड शो।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन से पहले उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 4 इंटरनेशनल और 5 डोमेस्टिक रोड शो आयोजित किए गए। देश से बाहर लंदन,बर्मिघम, अबुधाबी, दुबई में 4 इंटरनेशनल रोड शो हो चुके हैं जबकि देशभर में प्रदेश सरकार दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और मुंबई में रोड शो कर चुकी है। बीते 14 सितंबर और 4 अक्टूबर को धामी सरकार दिल्ली में ₹26575 करोड़, 26 और 27 सितंबर को ब्रिटेन में ₹12500 करोड़, 17 और 18 अक्टूबर को यूएई में ₹15475 करोड़ के निवेश का करार कर चुकी है। इसके अलावा 26 अक्टूबर को चेन्नई में ₹10150 करोड़, 28 अक्टूबर को बेंगलुरु में ₹4600 करोड़ और 1 नवंबर को अहमदाबाद में ₹24000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव का करार हुआ है। जबकि 5 नवम्बर को मुंबई रोड शो में ₹30200 करोड़ रुपए के एमओयू किए गए। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा देहरादून- हरिद्वार जनपद का हरिद्वार में और नैनीताल- ऊधमसिंह नगर का रुद्रपुर में “रिजनल कॉन्क्लेव” आयोजित किया गया। इसके अतरिक्त सभी 9 जनपदों में भी “डिस्ट्रिक्ट लेबल मिनी कॉन्क्लेव” आयोजित किए गए ताकि प्रदेश के अन्य छोटे- बड़े उद्यमियों को भी निवेश हेतु प्रोत्साहित किया जा सके। अब तक प्रदेश सरकार द्वारा जिन निवेशकों से इन्वेंस्टमेंट एमओयू साइन किए गए हैं। उनमें प्रमुखतः टूरिज्म हास्पिटैलिटी सेक्टर, आयुष वेलनेस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, फार्मा सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग, रियल एस्टेट-इंफ्रा, पंप्ड स्टोरेज सेक्टर, ग्रीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी एवं ऑटोमोबाइल सेक्टर शामिल हैं।

3 केंद्रीय मंत्री, प्रमुख उद्योगपतियों समेत कई विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल।

इस आयोजन के उद्घाटन सत्र में कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने का अनुमान है। जिसमें भारत सरकार के तीन केंद्रीय मंत्रीयों के साथ ही राज्य सरकार के 7 कैबिनेट मंत्री, सभी पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, विधायकगण एवं कई विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र में 8 प्रमुख वक्ता के रूप में देश के प्रमुख उद्योगपति शामिल रहेंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में 15 महामहिम राजदूत / हैड आफ मिशन-स्पेन, स्लोवानिया, नेपाल, क्यूबा, ग्रीस, आस्ट्रिया, जापान, साउदी अरब आदि शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त प्रमुख उद्योगपति आदि भी मौजूद रहेंगे। राज्य
44 हज़ार करोड़ के प्रोजेक्ट्स होंगे ग्राउंड

इस वर्ष राज्य सरकार ने शत- प्रतिशत ग्राउंडिंग का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के उद्घाटन सत्र के दौरान ₹44000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स ग्राउंडिंग का शुभारंभ करेंगे। जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े 16 प्रोजेक्ट शामिल है। उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के पहले दिन ही ₹44000 करोड़ की ग्राउंडिंग प्रदेश की आर्थिक गति को और रफ्तार देगी। यह पहला मौका होगा जब पहले इतने बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट की ग्राउंडिंग शुरू की जा रही हो।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें