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*किशोरों के स्वास्थ्य पर दिया जायेगा विशेष ध्यानः डॉ0 धन सिंह रावत*

*राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत तीन लाख किशोरों की काउंसलिंग*

*एनिमिया मुक्त उत्तराखंड के लिये संचालित होंगे जागरूकता अभियान*

देहरादून, 20 जून 2022

राज्य में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की रफ्तार तेज कर दी गई है। अधिक से अधिक संख्या में किशोर एवं किशोरियों को योजना का लाभ पहुंचाने के लिये शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं, ताकि स्कूलों, कॉलेजों को इस योजना से जोड़ा जा सके। प्रदेश के 6 जिलों में संचालित राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कुल 3 लाख 81 हजार सात सौ 66 किशोर एवं किशोरियों का पंजीकरण कर उनकी काउंसलिंग की गई है। किशोरों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने, उनकी काउंसलिंग सहित उपचार कराने के लिये अधिकारियों को पियर एजुकेटर को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये गये हैं। उत्तराखंड को एनिमिया मुक्त करने के लिये जन-जागरूता अभियान संचालित किये जायेंगे।

सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रदेश में बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा है। केन्द्र की इस योजना का लाभ किशोरों को पहुंचाने के लिये शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जायेगा, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना से सूबे आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूलों एवं कॉलेजों को जोड़ा जायेगा और 10 से 19 आयु वर्ग के किशोर एवं किशोरियों को पोषण, यौन प्रजनन, मानसिक स्वास्थ्य, चोट एवं हिंसा, नशावृत्ति एवं गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिये निःशुल्क परामर्श व उपचार दिया जायेगा। डॉ0 रावत ने बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम राज्य के छह जनपदों देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल एवं नैनीताल में संचालित किया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष अल्मोड़ा, रूद्रप्रयाग और बागेश्वर जनपदों को भी राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल कर दिया गया है। जिससे इस योजना का लाभ नौ जनपदों को मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कुल 3 लाख 81 हजार सात सौ 66 किशोर एवं किशोरियों का पंजीकरण कर उनकी काउंसलिंग की गई है। जिसमें 202290 किशोरियां एवं 179476 किशोर शामिल हैं। योजना के तहत पंजीकृत 1,11,967 किशोरियों एवं 89,532 किशोरों का उपचार किया गया। डॉ0 रावत ने कहा कि योजना के तहत पियर एजुकेटर को प्रशिक्षण देने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं ताकि किशोरों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कर उनकी बेहत्तर काउंसलिंग के साथ-साथ उचित उपचार दिया जा सके। उन्होंने स्कूलों में टी-3 कैम्प लगा कर काउंसलरों के माध्यम से किशोरों का रक्त परीक्षण करने निर्देश भी दिये ताकि हीमोग्लोबिन की कमी सहित अन्य बीमारियों का समय पर पता लगाकर किशोरों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। डॉ0 रावत ने कहा कि उत्तराखंड को एनिमिया मुक्त बनाने के लिये शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान संचालित किया जायेंगे। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बी0ई0ओ0, सी0डी0पी0ओ0 स्कूल एवं आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के माध्यम से सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में आगामी 18 जुलाई तक बच्चों को दी जाने वाली विभिन्न दवाएं (सिरप, गुलाबी गोली एवं नीली गोली) उपलब्ध करने के निर्देश दिये।

 

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें