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राजधानी के सरकारी स्कूलों में न टीचर न छात्र, शिक्षा महानिदेशक ने मारा छापा तो खुल गई सरकारी शिक्षा की पोल

Dehradoon. राजधानी देहरादून में आज शिक्षा महानिदेशक वंशीधर तिवारी ने अपने कार्यलय से कुछ दूरी पर स्थित कुछ सरकारी स्कूलों पर छापा मारा तो शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलने में देर न लगी। स्कूलों में न टीचर मिले, न बच्चे। सोचिए जब राजधानी का ये हाल है तो राज्य के बाकि जिलों में कितनी अव्यवस्था होगी।

बंशीधर तिवारी, महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड द्वारा जनपद देहरादून के रायपुर विकास खण्ड के अन्तर्गत सात विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय नालापानी में निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापिका को निर्देशित किया गया कि विद्यालय का संचालन निर्धारित समय तक किया गया जाए और विद्यालय में किचन गार्डन को तैयार कर एमडीएम में किचन गार्डन का अधिक से अधिक से उपयोग किया जाय। साथ ही विद्यालय भवन के जीर्णोधार के लिए आगामी वार्षिक कार्ययोजना तक आगणन तैयार मुख्य शिक्षा अधिकारी/जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा के माध्यम से उपलब्ध करायें।

वंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून तत्काल जनपद के सभी विद्यालयों में छात्र संख्यानुसार प्रश्न पत्र सैट उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेंगे।

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सुन्दरवाला: निरीक्षण के समय अपराह्न 02ः00 बजे विद्यालय भवन के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था और विद्यालय में कार्यरत तीनों अध्यापिकाओं में से कोई भी उपस्थित नहीं थी। विद्यालय परिसर में ही संचालित प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा अवगत कराया गया कि बच्चों की फेयरवेल पार्टी थी, जिस कारण वहां के अध्यापक एवं बच्चों की छुट्टी हो गयी।
वर्तमान समय पर छात्र-छात्राओं की गृह वार्षिक परीक्षाओं के दृष्टिगत छात्र-छात्राओं का अध्यापन के दृष्टिगत महत्वपूर्ण समय है, फिर भी सम्बन्धित विद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं को विद्यालय संचालन हेतु निर्धारित समय से पूर्व ही छुट्टी कर घर भेज दिया गया, जो सम्बन्धित अध्यापिकाओं का अपने दायित्वों के प्रति अत्यन्त लापरवाही का द्योतक है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को निर्देशित किया है कि तत्काल विद्यालय का निरीक्षण करते हुये सम्बन्धित अध्यापिकाओं से स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुये उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करते हुये एक सप्ताह के अन्दर अधोहस्ताक्षरी को आख्या उपलब्ध करायेंगे।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुन्दरवाला: रा.प्रा.वि. सुन्दरवाला में भी निरीक्षण के समय छात्रों की छुट्टी कर दी गई थी। विद्यालय प्राधानाध्यापिका उपस्थित थीं किन्तु एक अन्य सहायक अध्यापिका अनुपस्थित थी, यद्यपि उनके द्वारा उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर किये गये हैं। विद्यालय प्रधानाध्यापिका को निर्देश दिए गए कि विद्यालय में छात्र-छात्राओं को संचालन हेतु निर्धारित समयावधि तक अध्यापन कार्य करें।
मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को निर्देशित किया गया कि तत्काल अनुपस्थिति अध्यापिका स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुये उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करते हुये एक सप्ताह के अन्दर अधोहस्ताक्षरी को आख्या उपलब्ध करायेंगे।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लाड़पुर में निरीक्षण के समय कोई भी शिक्षक कक्षा में अध्यापन करता हुआ नहीं पाया गया। विद्यालय में छात्र-छात्रायें इधर-उधर घूम रहे थे, जो कि अत्यंत निराशाजनक स्थिति है।प्रभारी प्रधानाध्यापक को विद्यालय में पठन-पाठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है, निकट भविष्य में उक्त स्थिति की पुनरावृत्ति पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी गई।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय गढवाली कॉलोनी विद्यालय में प्रधानाध्यापक सहित कार्यरत 06 अध्यापकों में से निरीक्षण के समय प्रधानाध्यापिका एवं चार सहायक अध्यापिकायें उपस्थित थीं। विद्यालय में कुल 179 बच्चें पंजीकृत हैं, जिनमें से 128 बच्चों को उपस्थिति पंजिका में उपस्थित दिखाया गया है, किन्तु निरीक्षण के समय कोई भी बच्चा विद्यालय में उपस्थित नहीं था। जिससे स्पष्ट है कि अध्यापकों द्वारा बच्चों को निर्धारित समय से पूर्व ही घर भेज दिया गया। इस प्रकार की प्रवृत्ति से बच्चों को पठन-पाठन निश्चित रूप से प्रभावित होता है। विद्यालयों शिक्षकों द्वारा छात्र-छात्राओं के अध्यापन के प्रति जिम्मेदार न होना उनके स्वंय के दायित्वों के विपरीत है। विद्यालय में शौचालय प्रयोगहीन पाये गये। विद्यालय के पास जमीन की उपलब्धता है, किन्तु उसका सही उपयोग विद्यालय द्वारा नहीं किया जा रहा है।

प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया गया कि विद्यालय में उपलब्ध भूमि पर किचन गार्डन बनाया जाय तथा विद्यालय में छात्रों का अध्यापन कार्य पूर्ण समय तक सुनिश्चित करें। साथ ही अधोहस्ताक्षरी द्वारा रा.प्रा.वि. गढ़वाली कलोनी को स्वयं गोद लिया गया।

 

राजकीय प्राथमिक विद्यालय अम्बेडकर बस्ती नत्थनुपर- विद्यालय में एक प्रधानाध्यापिका एवं 02 अध्यापिकायें कार्यरत हैं जिसमें से प्रधानाध्यापिका सी0सीएल0 पर थी एवं एक अध्यापिका निरीक्षण के समय अनुपस्थित पायी गयीं। अवगत कराया गया कि एक अध्यापिका उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर पेपर लेने गयीं हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि तत्काल उक्त तथ्य की जांच करें तथा तथ्य गलत पाये जाने पर सम्बन्धितों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नत्थनपुर: विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक व दो अध्यापिकायें उपस्थित थीं लेकिन कोई भी अध्यापक कक्षा-कक्ष में शिक्षण कार्य नहीं करवा रहा था। इस सम्बन्ध में पृच्छा करने पर अवगत कराया गया कि कल से गृह परीक्षाएं आयोजित होनी हैं, जिस कारण आज से सीटिंग प्लान किया जा रहा है।
इन विद्यालयों के आकस्मिक निरीक्षण में किसी भी विद्यालय में यह देखने को नहीं मिला कि अध्यापक-अध्यापिकायें छात्र-छात्राओं के अध्यापन के प्रति गम्भीर हैं, जबकि कोविड-19 के कारण विद्यालय लम्बी अवधि के उपरान्त भौतिक रूप से संचालित हो रहे हैं, किन्तु फिर भी अध्यापकों द्वारा विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण न बनाना अत्यंत चिंताजनक/खेदजनक है।

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उक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून का व्यक्तिगत ध्यान अपेक्षित करते हुये निर्देशित किया गया कि इन विद्यालयों के साथ ही जनपद के समस्त विद्यालयों का समय-समय पर अनुश्रवण/निरीक्षण करवाकर विद्यालयों में अध्यापन कार्य को सुदृढ़ बनाया जाय। इस हेतु कोई भी अधिकारी या शिक्षक लापरवाही करता है तो उसके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही अमल में लायी जाये

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By amit

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