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Dehradun. दून में लोगो को बिल्डर बनकर फ्लैट देने के नाम पर करोड़ों रुपए लेकर फरार होने के बाद पंजाब में रह रहे थे ऐश से। लोगों से अलग-अलग प्रोजेक्टों में निवेश कराने के नाम पर निवेशकों व बैंकों के करोड़ो रू0 हडपने वाले गिरोह को दून पुलिस ने पंजाब से धर दबोचा।अभियुक्त बेहद शातिर किस्म के हैं अपराधी, जिनके विरूद्ध जनपद के विभिन्न थानों में गैंगस्टर सहित धोखाधडी के एक दर्जन अभियोग हैं पंजीकृत।

वादी उ0नि0 जितेन्द्र चौहान, थानाध्यक्ष राजपुर द्वारा थाना राजपुर में उ0प्र0 गिरोहबंद समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधि0 1986 के तहत अभियोग पंजीकृत कराया, जिसमें एस0ए0 बिल्डटेक कम्पनी के फाउंडर प्रेमदत्त शर्मा द्वारा अपने अन्य सहयोगियों सुनीता शर्मा, अराधना शर्मा, अरूण सेगन तथा गौरव आहूजा के साथ मिलकर एक सुनियोजित आपराधिक षडयंत्र के तहत राजपुर क्षेत्रान्तर्गत मालसी में आर्टिगो रेजीडेंसी के नाम से बहुमंजिला आवासीय परिसर में फ्लैट विक्रय करने के नाम पर लोगो से करोडों रूपये निवेश करवाया गया तथा निवेषकों को फ्लैट पर कब्जा दिया गया और न ही रजिस्ट्री की गई। उक्त व्यक्तियों द्वारा एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हुए धोखाधडी से आपराधिक षडयंत्र रचकर लोगों की धनराशि को हडप लिया गया, जिसके सम्बन्ध में *थाना राजपुर में पहले से ही अभियुक्तों के विरूद्ध धोखाधडी के 07 अभियोग पंजीकृत हैं*

*थाना कोतवाली नगर पर श्री विजय भूषण पाण्डे अधिकृत अधिवक्ता भारतीय स्टेट बैंक शाखा न्यू कैण्ट रोड द्वारा अभियोग पंजीकृत कराये गये, जिसमें एस0ए0 बिल्डटेक के साझेदार प्रेमदत्त शर्मा, सुनीता शर्मा, विजय लवाई, अराधना शर्मा व अन्य के द्वारा वर्ष 2013 में रायपुर क्षेत्र में *लवाई अपार्टमेंट* के नाम पर प्रोजेक्ट शुरू करने तथा उक्त प्रोजेक्ट के तहत अलग-अलग लोगों को फ्लैट देने के एवज में भवन निर्माता द्वारा एसबीआई बैंक से एक त्रिपक्षीय अनुबंध पत्र सम्पादित करते हुए 04 अलग-अलग खरीददारों के नाम से बैंक लोन एप्रुवड कराकर उक्त धनराशि को अपने खातों में प्राप्त करते हुए उक्त फ्लैटों के विक्रय पत्र किसी अन्य के नाम पर सम्पादित करते हुए बैंक की कुल *एक करोड़ बीस लाख पचास हजार रू0 की धनराशि हडप लेने के सम्बन्ध में 04 अलग-अलग अभियोग पंजीकृत कराये गये*

अभियुक्तगणों द्वारा स्वयं को आईसीआईसीआई बैंक से एप्रूवड बताकर थाना राजपुर क्षेत्र में वर्ष 2014 में *आर्टिगो अपार्टमेंट* के नाम से प्रोजेक्ट शुरू करने तथा लोगों से उक्त प्रोजेक्ट में निवेश करने की एवज में उन्हें फ्लैट उपलब्ध कराने से सम्बन्धित एग्रीमेंट किये गये तथा आईसीआईसीआई बैंक के माध्यम से उक्त लोगों के नाम पर फ्लैट के एवज में लोन पास करवाते हुए उक्त धनराशि को अपने खातों में प्राप्त किया गया तथा क्रेताओं/निवेशकों को न तो फ्लैट उपलब्ध कराये गये और न ही रजिस्ट्री सम्बन्धित कोई भी कागजात दिये गये, इसके अतितिक्त अर्टिगो रेजिडेंसी की जमीन के स्वामी द्वारा भी आरोप लगाया गया कि अभियुक्तगण द्वारा उनके साथ एक जॉइंट MOU बनाया गया था, जिसमें वादी द्वारा अपनी जमीन अर्टिगो रेजिडेंसी प्रोजेक्ट बनाने के लिए दी गई थी, जिसमें कंस्ट्रक्शन अभियुक्तगणों को करना था, तथा दोनों प्रोजेक्ट में 50-50% के पार्टनर थे। लेकिन अभियुक्त द्वारा सारे फ्लैट स्वयं बेच दिए गए और वादी को उसके पैसे नहीं दिए। जिसके सम्बन्ध में अभियुक्त गणों के विरूद्ध *थाना राजपुर में धोखाधडी के 07 अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किये गये*

जनपद देहरादून में अभियुक्तों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत होने के बाद से ये सभी विभिन्न अभियोगों में लगातार फरार चल रहे थे। जिनके विरूद्ध मा0 न्यायालय द्वारा गैर जमानती वांरट भी जारी किये गये थे। पुलिस द्वारा पूर्व में कई बार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु उनके सम्भावित स्थलों पर दबिशें दी गई, परन्तु पुलिस टीम को कुछ खास सफलता हाथ नहीं लगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा संगठित गिरोह बनाकर व्हाइट कालर क्राइम करने वाले अभियुक्तों के विरूद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिये गये थे, लेकिन उक्त प्रकरणों में थाना स्तर पर विवेचक व गठित टीम द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु लगातार किये जा रहे प्रयासों के बाद भी कोई खास कामयाबी न मिलने पर *वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु एक स्पेशल टीम का गठन किया गया तथा टीम द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु की जा रही कार्यवाहियों की नियमित रूप से मानीटरिंग करते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये, गठित टीम द्वारा अभियुक्तों के सम्बन्ध में गोपनीय रूप से जानकारी एकत्रित करते हुए गैंगस्टर एक्ट में वांछित चारों अभियुक्तों को दिनांक: 01/02-10-23 की देर रात्रि रूपनगर पंजाब से गिरफ्तार किया गया है*
*अपराध करने का तरीका:* अभियुक्तगणों द्वारा स्वंय की एक कम्पनी बनाकर जनपद देहरादून में विभिन्न स्थानों पर प्रोजेक्ट शुरू किये जाते थे तथा लोगो को विश्वास में लेने के लिये अपने प्रोजेक्ट को अधिकृत बैंक से एप्रूवड बताया जाता था। लोगों से प्रोजेक्ट में निवेश करने तथा फ्लैट लेने के एवज में उनसे अग्रिम धनराशि प्राप्त की जाती थी तथा सम्बन्धित बैंक से उक्त फ्लैटो के एवज में खरीद दारों/निवेशकों के नाम पर लोन अपने खातों में प्राप्त किया जाता था । इसके बाद अभियुक्तों द्वारा उक्त फ्लैटों का विक्रय पत्र किसी अन्य के नाम पर सम्पादित कर सम्बन्धित खरीददार व बैंक का पैसा हडप लिया जाता था।

*विवरण गिरफ्तार अभियुक्तगण:-*

1- प्रेम दत्त शर्मा पुत्र स्वर्गीय यज्ञ दत्त शर्मा निवासी ग्राम तखतगढ़ थाना नूरपुर बेदी जिला रूपनगर पंजाब
2- सुनीता शर्मा पत्नी प्रेम दत्त शर्मा निवासी उपरोक्त
3- अरुण सेगन पुत्र विजय सैगन निवासी उपरोक्त
4- आराधना शर्मा पत्नी अरुण सेगन निवासी उपरोक्त

*आपराधिक इतिहास:-*

01: मु0अ0सं0: 108/23 धारा: 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि, थाना कोतवाली नगर
02: मु0अ0सं0: 109/23 धारा: 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि, थाना कोतवाली नगर
03: मु0अ0सं0: 110/23 धारा: 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि, थाना कोतवाली नगर
04: मु0अ0सं0: 111/23 धारा: 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि, थाना कोतवाली नगर
05: मु0अ0सं0: 25/22 धारा: 420, 120 बी भादवि, थाना राजपुर
06: मु0अ0सं0: 39/22 धारा: 420, 406, 504 120 बी भादवि, थाना राजपुर
07: मु0अ0सं0: 145/22 धारा: 420, 120 बी भादवि, थाना राजपुर
08: मु0अ0सं0: 160/22 धारा: 420, 120 बी भादवि, थाना राजपुर
09: मु0अ0सं0: 161/22 धारा: 420, 406, 120 बी भादवि, थाना राजपुर
10: मु0अ0सं0: 93/23 धारा: 406, 420, 120 बी भादवि, थाना राजपुर
11: मु0अ0सं0: 185/23 धारा: 406, 420, 120 बी भादवि, थाना राजपुर
12: मु0अ0सं0: 238/23 धारा: 2/3 गैंगस्टर एक्ट थाना राजपुर

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें