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Dehradun. एनफील्ड टी० कम्पनी विकासनगर में अनुमति से अधिक वृक्षों का पातन किये जाने तथा साल वृक्षों का अवैध पातन किये जाने तथा ग्राम सलियावाला तहसील विकासनगर जिला देहरादून के प्लॉट संख्या 262छ एवं 309क में अवैध निर्माण एवं अवैध पातन के सम्बन्ध में प्राप्त शिकायतों के क्रम जिलाधिकारी सोनिका ने गत दिवस उक्त क्षेत्रों के स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उप जिलाधिकारी विकासगनगर को जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच में दोनों ही प्रकरणों में कार्मिकों की संलिप्तता परिलक्षित होने पर जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित कार्मिकों का निलम्बन किया गया है।

एनफील्ड टी० कम्पनी विकासनगर कि प्रकरण में जांच में कार्मिकों की संलिप्ता परिलक्षित होेने पर होने जिलाधिकारी ने तत्कालिक नायब तहसीलदार (से,नि) के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज करने तथा राजस्व उप निरीक्षक जय सैनी को निलम्बित करने के आदेश दिए गए है।

इसी प्रकार सलियावाला तहसील विकासनगर जिला देहरादून के प्लॉट संख्या 262छ एवं 309क में अवैध निर्माण एवं अवैध पातन शिकायतों के सम्बन्ध में जांच में प्रकरण में क्षेत्र में अतिक्रमण एवं निर्माण की सूचना उच्चाधिकारियों को न दिए जाने तथा कार्मिकों की संलिप्ता परिलक्षित होने पर जिलाधिकाारी द्वारा सरदार सिंह चैहान, राजस्व निरीक्षक झाझरा, प्रदीप कुमार तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक झाझरा तथा शोभाराम जोशी, राजस्व उप निरीक्षक झाझरा को अपने दायित्वो का निर्वहन न किये जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है,

इसी  क्रम में एनफील्ड टी० कम्पनी विकासनगर के प्रकरण में उप जिलाधिकारी, विकासनगर  द्वारा अवगत कराया गया है कि जय सिंह सैनी, राजस्व उप निरीक्षक के द्वारा अपनी आख्या में स्थल पर कोई बाग/पेड़ नहीं है का उल्लेख किया गया है, जबकि स्थलीय निरीक्षण के दौरान वन विभाग के टीम द्वारा जंगल साल का होना बताया गया। प्रश्नगत प्रकरण में स्थलीय निरीक्षण ना करते हुए उच्चाधिकारियों को लापरवाही पूर्वक/भ्रामक आख्या प्रेषित की गयी, जिसे तत्कालीन नायब तहसीलदार विकासनगर पंचम सिंह नेगी जो वर्तमान में सेवा निवृत्त हो गये है, उनके द्वारा अपने अधिकारों के विपरित जाते हुए नियम विरूद्ध उक्त अनुमति जारी की गयी है। उप जिलाधिकारी, विकासनगर द्वारा तत्कालीन नायब तहसीलदार तथा तत्कालीन राजस्व निरीक्षक के विरूद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने की संस्तुति की गयी है।

जय सिंह सैनी राजस्व निरीक्षक विकासनगर द्वारा बिना क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक से आख्या प्राप्त कर स्वयं ही अपनी आख्या में स्थल पर कोई बाग/पेड़ नहीं है, का उल्लेख किया गया है, जोकि संदिग्ध प्रतीत होती है, जबकि स्थलीय निरीक्षण के दौरान वन विभाग के टीम द्वारा जंगल साल का होना बताया गया । प्रश्नगत प्रकरण में स्थलीय निरीक्षण ना करते हुए उच्चाधिकारियों को लापरवाही पूर्वक/भ्रामक आख्या प्रेषित की गयी है तथा उप जिलाधिकारी, विकासनगर की हैसियत से नायब तहसीलदार (से.नि) पंचम सिंह नेगी द्वारा समतलीकरण की अनुमति बिना मौका नक्शा/फर्द के दी जानी अपने अधिकारों के विपरित जाते हुए नियम विरुद्ध है ।

उप जिलाधिकारी, विकासनगर की संस्तुति के आधार पर जय सिंह सैनी, राजस्व निरीक्षक को निलम्बित करते हुए विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही गतिमान की जाती है तथा उप जिलाधिकारी. ऋषिकेश को जाँच अधिकारी नामित किया गया है। जबकि उप जिलाधिकारी विकासनगर को नायब तहसीलदार से.नि पंचम सिंह नेगी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

सलियावाला तहसील विकासनगर के प्लॉट संख्या 262छ एवं 309क में अवैध निर्माण एवं अवैध पातन के सम्बन्ध में उप जिलाधिकारी विकासनगर की आख्या अनुसार स्थल पर किये गये निर्माण कार्य को देखते हुए विदित होता है कि उक्त कार्य काफी समय से चल रहा है, जिसके सम्बन्ध में सम्बन्धित राजस्व निरीक्षक तथा राजस्व उप निरीक्षक के द्वारा अपने उच्चाधिकारियों को इसकी कोई सूचना नही दी गयी। इसके अतिरिक्त तहसील विकासनगर क्षेत्रान्तर्गत हो रही अवैध प्लाटिंग के सम्बन्ध में समस्त राजस्व उप निरीक्षक के आख्या प्राप्त की गयी किन्तु उनके द्वारा उपलब्ध करायी गयी आख्या में भी उक्त निर्माण कार्य के सम्बन्ध में कोई आख्या प्रस्तुत नही की गयी। प्रकरण में सरदार सिंह चैहान, राजस्व निरीक्षक झाझरा,  प्रदीप कुमार तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक झाझरा तथा शोभाराम जोशी, राजस्व उप निरीक्षक झाझरा के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु संस्तुति सहित आख्या प्रेषित की गई है।

उप जिलाधिकारी विकासनगर द्वारा दी गयी संस्तुति के क्रम में सरदार सिंह चैहान, राजस्व निरीक्षक झाझरा, प्रदीप कुमार तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक झाझरा तथा शोभाराम जोशी, राजस्व उप निरीक्षक झाझरा को अपने दायित्वो का निर्वहन न किये जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, निलम्बन अवधि में उक्त तीनो कार्मिको को जिलाधिकारी कार्यालय से सम्बद्ध कर अपर जिलाधिकारी (प्रशा०) कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

निलम्बन जय सिंह सैनी राजस्व निरीक्षक, तहसील विकासनगर को वित्त हस्तपुस्तिका भाग 2 खण्ड 2 से 4 में निहित प्राविधानों के अनुसार नियमित गुजारा भत्ता/अर्द्ध वेतन देय होगा। उप जिलाधिकारी, विकासनगर तत्कालीन नायब तहसीलदार, पंचम सिंह नेगी ( सेवानिवृत्त) के विरुद्ध प्रार्थमिकी दर्ज करवाने के आदेश दिए गए है।
उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एक पक्ष अन्दर आरोप पत्र तैयार कर अधोहस्ताक्षरी के सम्मुख प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगें।

इसी प्रकार निलम्बन अवधि में सरदार सिंह चैहान, राजस्व निरीक्षक, प्रदीप कुमार राजस्व उप निरीक्षक तथा शोभाराम जोशी, राजस्व उप निरीक्षक को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड – 2 भाग 2 से 4 के मूल नियम-53 के प्राविधानो के अनुसार जीवन यापन भत्ता की धनराशि अर्द्ध औसत वेतन पर देय अवकाश वेतन के बराबर देय होगी तथा इन्हे जीवन निर्वाह भत्ता की धनराशि पर महंगाई भत्ता यदि देय है, भी अनुमन्य होगी। उपरोक्त मदो मे भुगतान तभी किया जायेगा जबकि सम्बन्धित उपरोक्त कर्मचारी इस आशय का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार आदि में नही है।
प्रकरण में उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को जांच अधिकारी, नामित करते हुए निर्देशित करते हुए अपचारी कर्मचारियों को आरोपपत्र निर्गत करते हुए पन्द्रह दिन अन्दर जांच कार्य पूर्ण कर के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
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By amit

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