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*धामी सरकार सख्त, मिलावटखोरी पर शिकंजा, यात्रियों की सेहत से खिलवाड नहीं सहेंगे*

*चारधाम, मानसखंड, कैलास मानसरोवर यात्रा व पर्यटन सीजन को लेकर FDA अलर्ट मोड में*

*स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के निर्देश पर अपर आयुक्त के नेतृत्व में FDA टीम का हरिद्वार-हल्द्वानी व उधमसिंहनगर में ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान*

चारधाम यात्रा, मानसखंड यात्रा, कैलास मानसरोवर यात्रा और आगामी पर्यटन सीजन को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मिलावटखोरों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम हो रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) डॉ आर राजेश कुमार के निर्देश पर अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में FDA की टीम कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के दौरे पर रवाना हो गई है। टीम ने अपने पहले दिन हरिद्वार से लेकर हल्द्वानी व उधमसिंहनगर तक ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाया। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा आयुक्त डॉ आर राजेश कुमार के निर्देश पर उनका यह दौरा मुख्य रूप से यात्रा मार्गों पर खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और नकली दवाओं की रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा को लेकर है।

*हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, चार ढाबों पर कार्रवाई*

आज अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी एवं संयुक्त आयुक्त डॉ. आर.के. सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग स्थित सजनपुर और चिडियापुर क्षेत्र के ढाबों व भोजनालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गम्भीर अनियमितताएं पाए जाने पर मामा भांजा गढ़वाली ढाबा, न्यू स्टार गढ़वाली ढाबा और हिमालयन भोजनालय के फूड लाइसेंस 7 दिन के लिए निलंबित कर दिए गए। इन ढाबों में खुले वॉशिंग एरिया, सड़ी-गली खाद्य सामग्री, खुले मसालों का उपयोग, गंदगी व बदबूदार किचन आदि प्रमुख कमियां पाई गईं। वहीं सजनपुर स्थित खैरा पंजाबी ढाबा को आवश्यक दस्तावेज न देने और खाद्य सामग्री की गलत ढंग से स्टोरेज करने पर नोटिस जारी किया गया। सभी संचालकों को 7 दिन के भीतर सुधार कर अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर स्थायी लाइसेंस रद्द कर, एफएसएस एक्ट 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

*हल्द्वानी व उधमसिंहनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई*

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी और संयुक्त आयुक्त डॉ. आर.के. सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हल्द्वानी और उधमसिंहनगर जनपदों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान खाद्य सामग्री विक्रेताओं, मिठाई दुकानों, होटल-ढाबों और मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई। टीम ने कई स्थानों पर साफ-सफाई में लापरवाही, एक्सपायरी उत्पादों की बिक्री, लाइसेंस की अनुपलब्धता और खाद्य मानकों के उल्लंघन जैसी गंभीर अनियमितताएं पाईं। कई दुकानों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने व कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के निर्देश पर प्रदेश प्रशासन, विशेषकर FDA, यात्रा मार्गों पर खाद्य और औषधि सुरक्षा को लेकर एक्शन मोड में है। स्वास्थ्य सचिव/ आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के निर्देश पर अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी पूरी टीम के साथ दोनों मंडलों के दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान निरीक्षण दलों के साथ बैठकें, स्थानीय व्यापारियों, ढाबा संचालकों, होटल मालिकों व आम नागरिकों से संवाद स्थापित भी किया जा रहा है। उनका उद्देश्य सभी को खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि “हमें सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को स्वच्छ और मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री मिले, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सुखद हो।”

ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि विभागीय निरीक्षकों, खाद्य व औषधि निरीक्षकों की यात्रा मार्गों पर तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स को पूरी तरह एक्टिव मोड में लाया गया है, ताकि मौके पर ही खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच की जा सके। उन्होंने चेकिंग टीमों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जग्गी ने बताया कि पर्वतीय मार्गों में भेजे जाने वाले खाद्य पदार्थों, मिठाइयों, डेयरी उत्पादों और पेय सामग्रियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नकली दवाओं की आपूर्ति रोकने के लिए छापेमारी अभियान और अधिक तेज कर दिए गए हैं।

*मुख्यमंत्री धामी ने दिए सख्त निर्देश*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चारधाम यात्रा, मानसखंड यात्रा और कैलाश मानसरोवर यात्रा न केवल हमारी आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं। इन यात्राओं के दौरान प्रदेश में लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, इसलिए उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रा मार्गों पर कहीं भी मिलावटी खाद्य सामग्री, नकली दवाइयां या अस्वच्छ खानपान की सुविधा न मिले। पर्यटन सीजन के दृष्टिगत भी हम पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि यात्रियों और आम जनता की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

*मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स और निगरानी टीमें*

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य में मिलावट रहित और शुद्ध खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और FDA पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं। अपर आयुक्त के नेतृत्व में टीम को गढ़वाल व कुमाऊँ मंडल के दौरे पर रवाना किया गया है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर यात्रा मार्ग पर मेडिकल और खाद्य सुरक्षा सुविधाएं सक्रिय रहें। FDA द्वारा मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स और निगरानी टीमें लगातार सक्रिय हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सभी जिलों में जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें