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Deharadoon. जे.पी. गार्डन कारगी चौक देहरादून में देवभूमि किसान विकास निधि लिमिटेड ने अपना 6वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। संस्थान के निदेशक संजय जुयाल ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों समेत उत्तराखंड के जनपदों से सैकड़ों की संख्या में उपस्थित संस्थान के सदस्यों, कार्यकर्ताओं, हितधारकों और आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मा0 वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रेम चंद अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद ब्रह्मकमल सांस्कृतिक टीम के कलाकारों ने मां सरस्वती वंदना की शानदार प्रस्तुति के बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। संस्थान के निदेशक प्रशासन मुकेश भट्ट और निदेशक एचआर सतीश रतूड़ी ने मुख्य अतिथि मा0 वित्त मंत्री श्री प्रेम चंद अग्रवाल और अन्य अतिथिगणों को स्मृत्ति चिन्ह के सााथ शाॅल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान संस्थान की विभिन्न प्रतियोगिताओं में तारगेट अचीव करने वाले सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि ने पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशकों के माता-पिताओं को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में पहुंचे बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने देवभूमि किसान विकास निधि लिमिटेड के निदेशकों, मेंबर्स और सभी हितधारकों को स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में राज्य में कई संस्थाएं काम कर रही है, लेकिन देवभूमि किसान निधि लिमिटेड जो कार्य कर रहा है वह सराहनीय है, इसके लिए संस्थान के सभी संचालक बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आए दिन खबरें आती हैं कि वित्त से जुड़ी संस्थाएं कुछ समय मे ही बड़ी रकमें इकट्ठा करके भाग जाती है, ऐसे दौर में पैरालर बैंकिंग क्षेत्र में देवभूमि किसान विकास निधि लिमिटेड सातवें साल में प्रवेश करके मिसाल कायम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वास है कि संस्थान भविष्य में भी इस विश्वास को निरंतर ईमानदारी के साथ जारी रखेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि स्वरोजगार से ही राज्य में रोजगार के द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि देवभूमि संस्थान आज 500 से अधिक लोगों को रोजगार देकर प्रदेश निर्माण में सहयोगी बन रहा है। हम भगवान से यह कामना करते हैं कि जल्द ही संस्थान का स्वरोजगार का यह आंकड़ 500 से बढ़कर 5000 हो जाए।
श्री अग्रवाल ने कहा कि पैसा लेकर पब्लिक के साथ धोखाधड़ी करने वाले संस्थानों से सचेत रहें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लोग मेहनत से आजीविका चलाते हैं। ऐसे में कोई बाहरी संस्था आकर लोगों के साथ ठगी करे, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दिशा में सरकार ठोस कद उठाएगी।

कार्यक्रम में संस्थान के वित्त निदेशक वित्त संजय जुयाल ने संस्थान के क्रिया कलापों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पैरालर बैंकिंग क्षेत्र में देवभूमि संस्थान की 03 जुलाई 2016 को देहरादून में स्थापना की गई थी। आज संस्थान ने सफलता के 6 साल पूरे कर लिए हैं। बड़ी उपलब्धि यह है कि आज संस्थान के पास 5000 से अधिक खाताधारक जुड़े हैं। यह सब मेहनती कार्यकर्ताओं की बदौलत संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि इस बीच काफी कठिनाईयां आई, लेकिन संस्थान ईमानदारी के साथ काम करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि आज संस्थान 500 से अधिक कार्यकर्ताओं समेत 10 हजार से अधिक मेम्बर्स के साथ राज्य के विभिन्न जनपदों में काम रहा हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान आरडी, एफडी और डेली डिपोजिट के रुप में छोटी-छोटी बचत योजनाएं संचालित कर रहा है। संस्थान आज टीम के साथ 10 से 12 करोड़ रुपये का व्यवसाय कर रहा है।

निदेशक प्रशासन मुकेश भट्ट और निदेशक एचआर सतीष रतूड़ी ने आम जन से संस्थान से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज संस्थान पूरी तरह डिजिटिलाइज है। सभी योजनाएं आन लाइन संचालित हो रही है। घर बैठे ही हितधारक, खाताधारक पैसा जमा करा सकता है। संस्थान एक दिन में ही लोन की सारी फार्मलटीज करके ग्राहकों को त्वरित लोन उपलब्ध करा रहा है। भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार ही ग्राहकों को अधिकतम ब्याज देने का प्रयास किया जा रहा है। आज संस्थान दर्जनों मेच्यूरिटियां भुगतान कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन सुनील सजवाण ने किया।

इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि आदित्य कोठारी, विनोद खंडूरी, प्रमोद कपरूवान, गणेश प्रसाद शास्त्री, अनुराग कुकरेती, मनमोहन लखेड़ा, बंकिम भट्ट, विनीत जगूड़ी, संजय सुयाल, विपिन पैन्यूली, कमलेश्वर प्रसाद, परवीन नेगी, त्रिभुवन पांडेय, रविन्द्र बलूनी, पुष्कर सिंह, रोशन सिंह,

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें