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*लोकपर्व इगास पर रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित परिवारों के बीच पहुँचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*

*मुख्यमंत्री ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्र भौंर का स्थलीय निरीक्षण*

*मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के साथ किया भोजन, कहा—राज्य सरकार हर संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़ी है*

*प्रभावित परिवारों से की भेंटवार्ता, दी पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता*

*प्रमुख घोषणाएं:*
*-पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए*
*-क्षेत्र में बनाया जाएगा स्थाई हेलीपैड*
*-ग्राम भौंर में आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण किया जाएगा*
*-गांव तक दोपहिया वाहन आवाजाही हेतु मोटर सड़क निर्माण के लिए धनराशि प्रदान की जाएगी*
*-छेनागाड़ बाजार को पुनर्जीवित करने के लिए बनाई जाएगी विस्तृत कार्ययोजना*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी लोकपर्व इगास के अवसर पर आज जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील वसुकेदार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम भौंर पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में आई आपदा से प्रभावित परिवारों से भेंटवार्ता की तथा राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की स्थलीय समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान जान-माल की क्षति उठाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक कुलदीप सिंह नेगी वन श्रमिक एवं सते सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं राहत कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी पीड़ित को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भौंर में आपदा प्रभावितों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके अनुभवों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत सहायता प्रदान की जाए और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, तथा संचार व्यवस्था से जुड़ी सभी क्षतिग्रस्त संरचनाओं का त्वरित पुनर्निर्माण किया गया है ताकि लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने आपदा प्रभावित परिवारों के साथ मध्यान्ह भोजन भी किया और उनके साथ समय व्यतीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक आपदा-संवेदनशील राज्य है, और इसी कारण सरकार ने आपदा प्रबंधन को सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता एवं संवेदनशीलता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित इस क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों पर त्वरित कार्रवाई करने हेतु इस क्षेत्र में स्थाई हेलीपैड निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही ग्रामीणों की मांग पर ग्राम भौंर में आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने शीघ्र ही इस ग्राम तक मोटर सड़क निर्माण करने, जिससे क्षेत्र में दोपहिया वाहन की आवाजाही हो सके इस हेतु एक करोड़ रुपए की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने छेनागाड़ में आपदा के दौरान जिन लोगों ने अपने आवास खोए है उनके विस्थापन करने की योजना बनाने हेतु निर्देश दिए तथा जिन लोगों के वाहन आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए है उनको भी मुआवजा देने की बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत विशेष प्रावधान किए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि कठिन समय में धैर्य बनाए रखें और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित राहत प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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By amit

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