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*राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में राज्यपाल ने रैतिक परेड की सलामी ली*

*समारोह में 08 महानुभावों को राज्य गौरव सम्मान से किया गया सम्मानित*

*तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में अग्रणी बनें तथा देश-प्रदेश के विकास में योगदान दें युवा – राज्यपाल*

*हमें वही वस्तुएँ खरीदनी चाहिए, जिनमें हमारे लोगों का परिश्रम निहित हो और जो मेड इन इंडिया हों – राज्यपाल*

*राज्य स्थापना दिवस-2025 रजत जयंती रैतिक परेड में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं-*

*01- प्रदेश की सम्पूर्ण कृषि भूमि का आगामी 05 वर्षों में फेजवाईज सर्वेक्षण कर बन्दोबस्त करवाया जायेगा।*

*02- प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए स्टेट साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी।*

*03- ड्रग्स फ्री देवभूमि के लिए प्रदेश में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार किया जाएगा।*

*04- राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत मानदेय पर रखी गई भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष की स्थापना की जाएगी।*

*05- राज्य में जंगली जानवरों एवं आवास पशुओं से कृषि एवं औद्यानिकी फसलों की सुरक्षा हेतु फार्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी।*

*06- पारंपरिक धारे, नौले आदि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण के लिए विशेष संवर्धन योजना प्रारंभ की जाएगी।*

*07- उच्च शिक्षा शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं में कौशल विकास के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्सेज उपलब्ध कराए जाएंगे तथा सिविल सर्विसेज, बैंकिंग, मैनेजमेंट, नेट आदि परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।*

*08- मानसखण्ड माला मिशन की तर्ज पर ही केदारखण्ड माला मिशन का विकास किया जाएगा।*

*09- आदर्श चम्पावत की भांति आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का विकास किया जाएगा।*

*10- कुमाऊँ के शारदा कॉरीडोर एवं आदि कैलाश तथा गढ़वाल के अंजनीसैण एवं बेलाकेदार क्षेत्र को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।*

*11- प्रत्येक जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज के लिए विशेष क्लीनिक खोले जाएंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग मुफ्त की जाएगी।*

*राजभवन देहरादून 07 नवम्बर, 2025*

उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। राष्ट्रीय गीत ‘‘वंदे मातरम’’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम गीत से हुई। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका-2025’’ का विमोचन एवं रजत जयंती पदक के प्रतीकात्मक चिन्ह का अनावरण किया गया।

कार्यक्रम में पुलिस विभाग द्वारा विशिष्ट साहसिक प्रदर्शन किया गया, इसमें विशेष रूप से मोटरसाइकिल दल द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

राज्यपाल ने उकृष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ एवं ‘पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया। *(सूची संलग्न)*

रजत जयंती समारोह के अवसर पर इस वर्ष का उत्तराखण्ड गौरव सम्मान निशानेबाज पद्श्री जसपाल राणा, उद्यमी एवं समाजसेवी देव रतूड़ी, अभिनेता एवं लेखक स्व. टॉम ऑल्टर, उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी स्व. सुशीला बलूनी, चिपको आंदोलन की जननी स्व. गौरा देवी, भूवैज्ञानिक स्व. खड़ग सिंह वल्दिया, वीरांगना स्व. तीलू रौतेली एवं लेखक स्व. शैलेश मटियानी को दिया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2025 प्रदान किए। उक्त महानुभावों की अनुपस्थिति में यह सम्मान उनके परिजनों द्वारा प्राप्त किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव मना रहे हैं, यह क्षण हमारे लिए खुशी और आत्म-गौरव के पल हैं। राज्यपाल ने सभी अमर शहीदों, आंदोलनकारियों और जन नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदान और संघर्ष से यह राज्य अस्तित्व में आया।

राज्यपाल ने कहा कि जैसे स्वदेशी के मंत्र से देश की आजादी को बल मिला, वैसे ही स्वदेशी के मंत्र से देश की समृद्धि भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने आह्वान किया कि हम वही वस्तुएँ खदीदें जो मेड इन इंडिया हों, जिनमें हमारे युवाओं का श्रम और परिश्रम निहित हो, यही आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा मंत्र है।

राज्यपाल ने राज्य के युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में अग्रणी बनें तथा देश-प्रदेश के विकास में योगदान दें। यही वह मार्ग है जो विकसित उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनेगा- जहाँ विकास और प्रकृति, विज्ञान और संस्कृति, आधुनिकता और परंपरा, तकनीक और मानवता साथ-साथ आगे बढ़ेंगी।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने भव्य परेड की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता, अनुशासन और दूरदर्शी दृष्टिकोण से एक सशक्त और आधुनिक पुलिस बल के रूप में पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा ‘‘ड्रग्स-फ्री उत्तराखण्ड’’ के लक्ष्य की दिशा में पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध निरंतर और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैयार किए गए हैं, जिससे डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में नई क्षमता विकसित हुई है। उन्होंने कम्युनिटी पुलिसिंग पर बल देते हुए कहा कि पुलिस ने जनता के साथ विश्वास, सहयोग और सहभागिता का सेतु मजबूत किया है, जो प्रशंसनीय है।

राज्यपाल ने कहा कि पिछले 25 वर्षों का सफर उत्तराखण्ड के सतत परिश्रम और प्रगति की कहानी है। राज्य की स्थापना के बाद से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, उद्योग, विज्ञान, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड चार धाम यात्रा से आगे बढ़कर वैश्विक वेलनेस डेस्टिनेशन, वेडिंग डेस्टिनेशन, शूटिंग डेस्टिनेशन, योग और आयुर्वेद डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। सैकड़ों युवा अपने गाँव लौटकर आत्मनिर्भरता और स्वावलम्बन का नया अध्याय लिख रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका रीढ़ की भांति रही है। जल, जंगल, पहाड़ और पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं का योगदान उल्लेखनीय रहा है। आज भी वही मातृशक्ति राज्य के विकास की सशक्त धुरी है। स्वयं सहायता समूहों से लेकर नवाचार आधारित स्टार्टअप्स तक, महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानियां लिख रही हैं। उत्तराखण्ड की बेटियाँ शिक्षा, खेल, रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं जो सराहनीय है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह के अंतर्गत रैतिक परेड के दौरान देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों और राज्य आन्दोलन के अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनके प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखण्ड की स्थापना का स्वप्न साकार हुआ और विशेष औद्योगिक पैकेज के माध्यम से राज्य की नींव को मजबूती प्रदान करने का कार्य भी उन्होंने किया। पिछले 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में राज्य के विकास में अपना योगदान देने वाले सभी लोगों का भी उन्होंने आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के इन 25 वर्षों की यात्रा में राज्य ने अनेकों चुनौतियों और समस्याओं का सामना करते हुए आज देश के अग्रणी और सशक्त राज्य के रूप में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। समय-समय पर राज्य को कई प्राकृतिक आपदाओं और कठिन परिस्थितियों से भी जूझना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों में राज्य की कानून-व्यवस्था को बनाए रखना भी अपने आप में एक बड़ी चुनौती रही है। इन कठिनाइयों के बीच उत्तराखण्ड पुलिस ने राज्य की आत्मा की प्रहरी और मूक साधक की भांति प्रत्येक मोर्चे पर डटकर जनसेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उत्तराखण्ड पुलिस ने महिला अपराधों के निराकरण में सराहनीय कार्य किया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी महिला अपराधों एवं पोक्सो अधिनियम के मामलों के निस्तारण में भी उत्तराखण्ड देश में पांचवें स्थान पर रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी लगाम लगाने के लिए तकनीकी क्षमता को और अधिक सशक्त बनाने के साथ ही ‘ड्रग फ्री उत्तराखण्ड’ के संकल्प को एक जन आंदोलन का रूप देना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने पिछले करीब साढ़े चार वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की है। प्रदेश ने किसानों की आय में वृद्धि करने में देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 12.69 प्रतिशत रही है, जो राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक है। राज्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उत्तराखण्ड के चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को देश भर में सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार मिला है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उत्तराखण्ड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। सरकार राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री प्रेमचंद अग्रवाल, श्री खजान दास, श्री दुर्गेश्वर लाल, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ सहित शासन, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य महानुभाव उपस्थित थे।
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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें