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उत्तरकाशी 14 सितंबर 2022 सूचना विभाग।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम,उत्तरकाशी में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए *रक्तवन ग्लेशियर एवं अन्य तीन पर्वत चोटियों पर आरोहण हेतु जा रहे पतंजलि आयुर्वेद, निम एवं आई.एम.एफ. के संयुक्त अभियान दल का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर उन्होंने गंगोत्री धाम में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की एवं मां गंगा का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने करीब 1 किलोमीटर रक्तवन ग्लेशियर जा रहे दल के साथ ट्रैकिंग भी की। उन्होंने आयोजित कार्यक्रम में मां गंगा की निर्मलता,अविरलता और स्वच्छता को लेकर शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की पतंजलि आयुर्वेद, निम एवं आई.एम.एफ. का संयुक्त ट्रैकिंग अभियान उत्तराखंड राज्य एवं भारतवर्ष के लिए मील का पत्थर साबित होगा, इस ट्रैक के माध्यम से आयुर्वेद, जड़ी बूटी एवं वनस्पतियां औषधियों के नए रुप सामने आएंगे। यह अभियान आयुर्वेद, जड़ी बूटी में क्षेत्र में भी सहायता करेगा। उन्होंने कहा भारत ने संपूर्ण विश्व को योग एवं आयुर्वेद कि उपयोगिता को बताया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि हम उत्तराखंड को विश्व की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राजधानी बनाएंगे, उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केदार की भूमि से 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बताया, जिस संकल्प को पूर्ण करने हेतु हम दिन-रात प्रयासरत हैं। इस बार चार धाम यात्रा में अभी तक 32 लाख ( रजिस्टर्ड ) श्रद्धालुओं ने यात्रा की है, मां गंगा एवं बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा सुगम एवं सुरक्षित चल रही है। कावड़ यात्रा के दौरान करीब 4 करोड कावड़िए शिव भक्त उत्तराखंड आए। पहली बार हमारी सरकार ने कावड़ यात्रा में बजट का प्रावधान किया।

योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आध्यात्म एवं सांस्कृतिक राजधानी बनने जा रहा है। उत्तराखंड दुनिया का आयुर्वेद के क्षेत्र में नेतृत्व करें, इसके लिए पतंजलि, सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है, जिसके लिए हम 1 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश करेंगे। उन्होंने कहा युवा राज्य का विकास युवा मुख्यमंत्री से ही संभव हो सकता है। मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में ही देश में सबसे पहले उत्तराखंड राज्य, समान नागरिक संहिता लागू किए जाने पर कार्य कर रहा है।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा इस अभियान के तहत हमारे द्वारा प्रकृति को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा है। उन्होंने कहा निश्चित ही इस अभियान से हम सभी नया आयाम व मुकाम लेकर लौटेंगे, इस ट्रैक के माध्यम से ऐसी वनस्पतियां औषधियां जो किसी सूची में नही है, उन्हें खोजने का काम करेंगे, उन्हें इस यात्रा ट्रैक को शोध आधारित यात्रा बताया।

*उल्लेखनीय है कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी तथा पतंजलि आयुर्वेद, हरिद्वार और भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के संयुक्त रूप से गंगोत्री के रक्तवन ग्लेशियर क्षेत्र में पर्वतारोहण तथा अन्वेषण अभियान 15 दिन तक आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में किया जा रहा है। इस संयुक्त अभियान के दौरान अनाम तथा अनारोहित पर्वत शिखरों का आरोहण तथा हिमालय के इस दुर्गम क्षेत्र में अन्वेषण का कार्य सम्पन्न किया जायेगा। इस इलाके में स्वतन्त्रता के पश्चात 1981 में अन्वेषण का कार्य Joint Indo-French Exploration Team द्वारा किया गया था। इस अन्वेषण दल को अथक प्रयासों के बाबजूद भी आधे इलाके का भ्रमण करने में ही कामयाबी मिल पाई। इसके पश्चात इस इलाके में आजतक कोई भी दल आरोहण व वनस्पति की खोज में नहीं गया है। इस संयुक्त अभियान को संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट, सेना मेडल के अतिरिक्त संस्थान के दो पर्वतारोहण प्रशिक्षक दीप शाही, विनोद गुसांई तथा बिहारी सिंह राणा (IMF Representative) करेंगे। इसके साथ पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में 7 सदस्यीय टीम इस संयुक्त अभियान में प्रतिभाग कर रही है। इस संयुक्त अभियान का प्रमुख उद्देश्य हिमालय के दुर्गम क्षेत्र रक्तवन ग्लेशियर में अवस्थित अनाम तथा अनारोहित 6 हजार मी० से ऊंचे पर्वत शिखरों का आरोहण करने के साथ ही क्षेत्र में अन्वेषण का कार्य करना है । जिसमें इस क्षेत्र में पाये जाने वाले औषधीय पौधों से सम्बन्धित जानकारियों को एकत्रित किया जायेगा। हिमालय में स्थित दुगर्म तथा विषम भौगोलिक क्षेत्र में औषधीय पौधों तथा पर्वतारोहण का संयुक्त सर्वेक्षण करेंगे।*

इस अवसर पर पूर्व जनसंपर्क अधिकारी मुख्यमंत्री किशोर भट्ट, जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला, एसपी अर्पण यदुवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल, अपर जिलाधिकारी तीर्थपाल सिंह, एसडीएम चतर सिंह चौहान, मीनाक्षी पटवाल,जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चौहान, जिला महामंत्री हरीश डंगवाल, लोकेंद्र बिष्ट, प्रधानाचार्य निम कर्नल अमित बिष्ट, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश सेमवाल,सचिव सुरेश सेमवाल,सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी,
उत्तरकाशी

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें