ख़बर शेयर करें -

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास देहरादून में उत्तराखण्ड स्वास्थ्य रोजगार सृजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में नियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सी.एच.ओ) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर 13 जिलों में 604 नए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मौजूद सभी नवनियुक्त कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा आम जनमानस के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, साथ ही वेलनेस सेन्टर ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों की अहम भूमिका रही। कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर्स इन सेंटरों के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा देशभर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस प्रकार के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दूर दराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। प्रधानमंत्री जी ने 10 लाख युवाओं को प्रतिवर्ष रोजगार देने का संकल्प लिया है। यह कार्यक्रम उसी संकल्प का एक हिस्सा है। वर्तमान में उत्तराखंड में करीब 1790 हेल्थ एण्ड वैलनेस सेंटर कार्य कर रहे हैं और अब राज्य को 604 नए CHO मिल गये हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। भारत को ’विकसित राष्ट्र“ बनाने के संकल्प की सिद्धि के लिए हर क्षेत्र में नए- नए कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों में जनता के कार्यों के प्रति अधिक तत्परता आई है। “स्टार्टअप इंडिया“ अभियान ने देश के युवाओं के सामर्थ्य को पूरी दुनिया के सामने स्थापित कर दिया है। आज 80,000 से ज्यादा स्टार्टअप भारत में स्थापित किए जा चुके है। देश में रोजगार के कई नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। गाड़ियों से लेकर मेट्रो कोच, ट्रेन के डिब्बे, डिफेंस के साजो- सामान, मोबाइल फोन आदि के निर्यात में तेजी आई है। सभी सेक्टरों में निर्यात तेजी से बढ़ रहा है। आज का युवा स्वयं कार्य करने के साथ कार्य देने वाला भी बनना चाहता है। राज्य सरकार स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न कर रही है, “होम स्टे“ इस क्षेत्र एक बड़ा उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष लगभग 19 लाख व्यक्ति हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों में जांच हेतु आए और 07 लाख लोगों की मुफ्त जांचें की गई है। 5 लाख लोगों को टेली कंसल्टेशन सुविधा के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया है। राज्य सरकार द्वारा “जन आरोग्य अभियान- एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर“ का भी संचालन किया गया, जिसकी भारत सरकार द्वारा भी प्रशंसा की गई। अभियान के अन्तर्गत कार्यरत सी०एच०ओ० द्वारा लगभग 3.50 लाख व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया, जिनकी उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख व स्तन कैंसर, नेत्र जांच की गयी, साथ ही टी०बी० रोग से ग्रसित लोगों का उपचार भी किया गया। राज्य सरकार 2024 तक राज्य को टीबी मुक्त बनाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि नव नियुक्त सी०एच०ओ० हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों में आम लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनी सेवाओं का सफल निष्पादन करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। राज्य सरकार मार्च 2023 तक हेल्थ सेक्टर में 10 हजार लोगों को नौकरी देगी, जिसमें नर्सिंग स्टाफ के 2900 पदों, ए.एन.एम. के 850 पदों, मेडिकल कॉलेजों में 339 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों, एमबीबीएस के 376 पदों, एन.एच.एम. के अंतर्गत 1600 लोगों की भर्ती के साथ ही विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में रिक्त 2000 से अधिक तकनीशियनों के पदों पर भर्ती की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 1800 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं, जिनमें 1200 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तैनात हैं जबकि आज 604 सीएचओ को नवीन तैनाती दी गई है। इसके साथ ही भारत सरकार के मानकों के अनुरूप राज्य के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ की शत प्रतिशत तैनाती कर दी गई है। सभी सीएचओ वेलनेस सेंटरों में स्थानीय लोगों का चिकित्सा परीक्षण करेंगे साथ गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करेंगे। उन्होंने नव नियुक्त सीएचओ को गांवों में जाकर स्वास्थ्य चौपाल लगाकर आम जनता का स्वास्थ्य जांच करने के साथ ही वेलनेस सेंटर पर आने वाले लोगों को योग के प्रति जागरूक किये जाने की बात भी कही।

इस अवसर मेयर श्री सुनील उनियाल गामा, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 हेम चन्द्र, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

Ad Ad Ad Ad

By amit

You missed

*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें