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*टनकपुर, काशीपुर व कोटद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास से आमजन को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं: मुख्यमंत्री*

*-मुख्यमंत्री ने देहरादून से टनकपुर, काशीपुर व कोटद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास शिलान्यास समारोह में वर्चुअल रूप से किया प्रतिभाग*

*-मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं रेलमंत्री श्री अश्वनी वैष्णव का आभार प्रकट करते हुए कहा आज देश में बना नया कीर्तिमान*

*-40 करोड़ से अधिक की लागत से होगा उत्तराखंड के इन तीन रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून स्थित विधानसभा भवन से टनकपुर, काशीपुर व कोटद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास शिलान्यास समारोह में वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं रेलमंत्री श्री अश्वनी वैष्णव का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा किये गए 554 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास शिलान्यास के वृहद कार्य ने देश में आज एक और नया कीर्तिमान बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 40 करोड़ से अधिक की लागत से पुनर्विकास के लिए चयनित इन तीनों रेलवे स्टेशनों के पुर्नविकास से कुमाऊं क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मिलने के साथ ही लोगों को स्टेशन पर अत्याधुनिक सुविधाएं भी मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहे हैं तथा भारतीय रेलवे को नए भारत की आकांक्षाओं तथा आत्मनिर्भर भारत की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जहां एक ओर ब्रॉड गेज रेल लाइनों से मानव रहित रेल क्रॉसिंग को खत्म कर भारतीय रेलवे को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित बनाया गया है तो भारतीय रेलवे की रफ्तार भी पहले से कहीं अधिक बढ़ चुकी है। आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के प्रतीक चिन्ह के रूप में वंदे भारत जैसी मेड इन इंडिया ट्रेनें रेल नेटवर्क का हिस्सा बन रही हैं तथा देश के अछूते हिस्सों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तरखंड में बहुत से कार्य हुए हैं। उत्तराखंड में आज पहाड़ तक ट्रेन पहुंचाने का सपना सच होने जा रहा है। प्रधनमंत्री जी की दूरदर्शिता और स्पष्ट विजन के कारण ही आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन का 50 फीसदी से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ की गई अमृत भारत स्टेशन योजना, रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और बदलते भारत का प्रतिबिंब है। आज का नया भारत, एक नई गति और एक नई शक्ति के साथ आगे बढ़ रहा है तथा प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारी सरकार सभी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस प्रकार से न केवल रेलवे, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाया जा रहा है, वह अभूतपूर्व है। आज भारतीय रेल, इसका बदलता स्वरूप, विकसित देशों के रेल नेटवर्क को चुनौती देता है। यह देखकर गर्व की अनुभूति होती है जिसका साक्षात् प्रमाण वन्दे भारत ट्रेन है तथा इस ट्रेन की मांग अब दूसरे देश भी करने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने उत्तराखंड को भी देहरादून से आनंद विहार के मध्य वंदे भारत ट्रेन के संचालन की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि आज रेल आधुनिक हो रही है, सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है, रेलवे स्टेशन ’’मॉडर्न विजन’’ के साथ विकसित किए जा रहे हैं, लेकिन इस विकास के बीच भी, हमने अपनी संस्कृति और विरासत को कतई नहीं भुलाया है, जिसको ध्यान में रखते हुए जिन स्टेशनों के पुनर्विकास की नींव आज रखी गई है। उन्हें स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला के आधार पर विकसित किया जाएगाl
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तमाम योजनाओं को धरातल पर उतारने का निरंतर कार्य कर रही है तथा हम उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को लेकर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर संबंधित पदाधिकारी व अधिकारी उपस्थित रहे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें