मिलावटखोरों पर आयुक्त विनय शंकर पांडे का शिकंजा,
देहरादून में खाद्य प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
पनीर, दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी; गंदगी मिलने पर तीन रेस्टोरेंट तत्काल बंद
देहरादून। खाद्य पदार्थों में मिलावट और अनलॉक पनीर एवं गैर-दुग्ध उत्पादों के उपयोग पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड ने देहरादून में व्यापक अभियान चलाया। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन श्री विनय शंकर पांडे के सख्त निर्देशों के बाद विभागीय टीमों ने होटल, रेस्टोरेंट, दुग्ध प्रतिष्ठानों एवं अन्य खाद्य कारोबारियों के यहां सघन निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्रोत, बिल, लेबलिंग, पैकेजिंग और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की।
आयुक्त विनय शंकर पांडे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट, अनधिकृत दुग्ध उत्पादों के इस्तेमाल अथवा खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई करने तथा अभियान की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के दौरान देहरादून के प्रमुख होटल एवं रेस्टोरेंटों में खाद्य निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे दुग्ध पदार्थों के वास्तविक स्रोत, कच्चे माल की खरीद एवं बिल, खाद्य पदार्थों की लेबलिंग एवं पैकेजिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि तथा आवश्यक घोषणाओं की जांच की गई। साथ ही किचन में साफ-सफाई एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का भी निरीक्षण किया गया।
विभागीय टीम ने होटल मधुवन, JSR तथा फाइव स्टार होटल सरोवर पोर्टिको के किचन एवं स्टोर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखी पैक्ड इमली की लेबलिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर निर्माता को नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा तैयार दाल के दो तथा चीज का एक नमूना जांच के लिए लिया गया।
इसी क्रम में राजपुर रोड स्थित वन विभाग कार्यालय के बाहर संचालित रेस्टोरेंटों का भी सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दो रेस्टोरेंट के किचन में अत्यधिक गंदगी एवं अस्वच्छ परिस्थितियां पाई गईं। खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार होने तक इन्हें तत्काल बंद रखने के निर्देश दिए गए।
एक रेस्टोरेंट से खुले पनीर के नमूने को उसके वास्तविक घटकों एवं गुणवत्ता की जांच के लिए लिया गया। वहीं एक अन्य प्रतिष्ठान में खाद्य लाइसेंस मौके पर उपलब्ध नहीं पाया गया तथा किचन में भी गंभीर स्तर की गंदगी मिली। संबंधित संचालक को बिना वैध खाद्य लाइसेंस के खाद्य पदार्थों का विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर राजीव पुत्र श्री दरवारी लाल, गढ़वाल भोजनालय तथा लजीज काठी रोल नामक तीन रेस्टोरेंटों को मौके पर बंद कराया गया।
इसके अतिरिक्त सुबह वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम देहरादून श्री रमेश सिंह के नेतृत्व में टीम नेहरू ग्राम एवं 6 नंबर पुलिया क्षेत्र में संचालित दुग्ध प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने पहुंची। संदेह के आधार पर मौके से एक दूध एवं एक पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया। सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विशेष रूप से पनीर, दूध एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता तथा खाद्य प्रतिष्ठानों की स्वच्छता पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि राज्य सरकार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और आम जनता के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है। आयुक्त विनय शंकर पांडे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावट के खिलाफ अपनाई जा रही सख्त नीति उपभोक्ताओं के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रह और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर तत्काल कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में भी जिम्मेदारी और जवाबदेही बढ़ रही है।
अभियान में उपायुक्त गढ़वाल मंडल श्री राजेंद्र रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून श्री मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र श्री रमेश सिंह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश श्री संतोष कुमार सिंह तथा वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर श्री संजय तिवारी सहित खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें मौजूद रहीं।


