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गैरसैंण भराड़ीसैंण में पेश हुआ धामी सरकार का बजट, जानिए खास बातें….

• पॉलीहाउस हेतु रू0 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• मिशन एप्पल योजना के अन्तर्गत रू0 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• राजकीय नियुक्तियों हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। जिस हेतु राज्य लोक सेवा आयोग के अन्तर्गत रू0 133.53 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

2. उद्योग विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 461.31 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• वर्क फोर्स डेवलेपमेंट हेतु 100 करोड़

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु रू0 40 करोड़

• प्रमोशन ऑफ, इंवेस्टमेंट स्टार्ट अप और इंटेरप्रीनियरशिप योजना हेतु रू0 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• विभिन्न नीतियों के तहत उद्योगों को अनुदान हेतु रू0 26 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
पर्यटन विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 302.04 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन विकास परिषद हेतु रू. 63.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। • पर्यटन विकास हेतु अवस्थापना निर्माण हेतु रू. 60.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

• टिहरी झील का विकास के निर्माण हेतु रू. 15.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। चार धाम यात्रा/मार्गों पर आधारभूत सुविधाओं का निर्माण / विकास हेतु रू. 10.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• पर्यटन विभाग अन्तर्गत चारधाम एवं विभिन्न स्थानों हेतु भूमि क्रय हेतु रू. 50 करोड़ का प्रावधान

किया गया है।

4. शिक्षा एवं युवा कल्याण विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 10459.55 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• उत्कृष्ट क्लस्टर विद्यालय हेतु रू0 51 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना में छात्रवृत्ति हेतु रू0 11 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• पी. एम श्री योजना हेतु रू0 92.78 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

5. कृषि विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 1294.15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• मिलेट मिशन हेतु रू0 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• स्थानीय फसलों में प्रोत्साहन हेतु रू0 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

6. स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 4217.87 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• अटन आयुष्मान हेतु रू0 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• मेडिकल कॉलज तथा नर्सिंग कॉलेज के निर्माण हेतु रू0 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

7. समाज कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 2850.24 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• निराश्रित विधवा पेंशन हेतु रू0 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• किसान पेंशन योजना हेतु रू 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। • नंदा गौरा योजना हेतु रू0 282.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान योजना हेतु लगभग रू0 26.72 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना हेतु रू0 23 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना हेतु रू0 19.95 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

विकेन्द्रीकृत विकास

• जिला योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 925.60 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो कि गत वर्ष से लगभग 26 प्रतिशत् अधिक है।

• स्थानीय निकायों के समनुदेशन हेतु रू0 3343 करोड़ का प्राविधान है।

9. लोक निर्माण विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 2791.83 करोड़ का प्रावधान किया गया

• जिसमें रख-रखाव हेत अनुरक्षण मद में वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 430.67 करोड़ के प्रावधान

के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2023-24 में रू0 850.47 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• जिसमें नव-निर्माण करने हेत वृहद्ध निर्माण मद में वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 1244.80 करोड़ के प्रावधान के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2023-24 में रू0 1318.30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

10. ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 1251.33 करोड़ का प्रावधान किया

गया है ।

• लखवाड़ परियोजना के अन्तर्गत रू0 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

11. सिंचाई विभाग के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 1443.42 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

• देहरादून पेयजल हेतु सौंग डैम के अन्तर्गत रू0 110 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 12. अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

• जोशीमठ व अन्य स्थानों में भू-धंसाव व अन्य के अन्तर्गत राहत कार्य हेतु रू0 1000 करोड़ का प्राविधान है।

• जी-20 समिट हेतु रू0 100 करोड़ का प्राविधान I

• राज्य के विभिन्न विभागों में अवस्थापना कार्य हेतु रू0 1300 करोड़ का प्राविधान है।

• अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान हेतु रू0 215 करोड़ का प्राविधान है।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें