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भाजपा का दृष्टि पत्र जारी, गरीब महिलाओं को साल में तीन गैस सिलेंडर व किसानों को सम्मान निधि देंगे! कांग्रेस व आप ने उठाए सवाल

 

देहरादून। उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के दृष्टि पत्र का बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विमोचन किया। गडकरी ने दृष्टि पत्र को जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इसमें हर वर्ग को ध्यान में रखा गया है। गरीब महिलाओं को एक साल में तीन एलपीजी सिलेंडर फ्री में देंगे। उत्तराखंड में किसानों को सम्मान निधि भी दी जाएगी। विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर भाजपा ने खासकर युवाओं, महिलाओं और किसानों पर फोकस किया है। राजपुर स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि काम किया है और करके दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले सालों में उत्तराखंड को देश के सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का वादा किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए दृष्टि पत्र में विभिन्न विकास योजनाओं को भी शामिल किया गया है। गडकरी ने कहा कि ये देवों और वीर जवानों की भूमि है। यह दृष्टिपत्र उत्तराखंड के विकास की दृष्टि है। पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ ही उत्तराखंड में अच्छा काम हुआ है। हमने सात साल में 50 लाख करोड़ के काम किए हैं। इस देश में पैसे की कमी नहीं है, दृष्टि की कमी है। उन्होंने कहा कि दृष्टि पत्र में उत्तराखंड में पर्यटन व तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं जुटाने के साथ ही ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं देने पर खास फोकस हुआ है। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्व रोजगार और कर्मचारी वर्ग के लिए दृष्टिपत्र में घोषणाएं की गई हैं। दृष्टि पत्र के विमोचन अवसर पर केन्द्रीय मंत्री व प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, वर्चुअल रूप से जुड़े मुख्यमंत्री सिंह पुष्कर धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा, सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल, प्रदेश सह चुनाव प्रभारी आरपी सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन, अनिल गोयल, प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल, शादाब शम्स, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, बलजीत सोनी, सत्यवीर सिंह चौहान व आदित्य कुमार आदि मौजूद रहे।

दृष्टि पत्र के खास बिन्दु
-मोक्षदा तीर्थ यात्रा योजना में वरिष्ठ नागरिकों को 10,000 रु. तक की सब्सिडी दी जाएगी।
– हरिद्वार बनेगा योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी। यहां वेद पाठशालाओं के लिए 1 करोड़ रु. दिए जाएंगे।
– युवाओं को कौशल विकास से स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
– देवभूमि में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
– स्मार्ट विलेज की परिकल्पना को साकार किया जाएगा।
– पूर्व सैनिकों को सीमावर्ती क्षेत्रों में बसने के लिए दी जाएगी मदद।
– 45 नए स्पाट टूरिज्म किए जाएंगे विकसित
– छह हजार केंद्र और छह हजार राज्य सरकार देगी किसान सम्मान निधि
– उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून बनाया जाएगा
-सुरक्षित देवभूमि के लिए हिमा प्रहरी योजना शुरू होगी

पर्वतीय विकासःकृषि भूमि सर्वेक्षण और बीमा में नई ड्रोन नीति लागू।
स्वास्थ्यःपर्वतीय जिलों में तैनाती पर डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन राशि। अस्पतालों व स्वास्थ्य सेंटरों में डॉक्टर्स के रिक्त पदों को भरने का भरोसा। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना। प्रत्येक जिले में एक सचल चिकित्सालय।
चारधाम सर्किटःचारधाम सर्किट से जुड़े सभी तीर्थ केंद्रों का विस्तार। भौतिक बुनियादी ढांचे और परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
कृषिः किसानों के लिए कुल आठ हजार रुपये की सहायता। हर ब्लॉक में किसान मंडी खोली जाएगी।
कानून व्यवस्थाःलव जिहाद कानून को पहले से ज्यादा सख्त बनाया जाएगा। महिला थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उधमसिंहनगर और हरिद्वार में तीन नई सशस्त्र पुलिस बटालियन।
महिलाःनिर्धन परिवारों की महिला मुखियाओं को 3000 रुपये की सहायता राशि। प्रमुख औद्योगिक शहरों में कार्यरत महिलाओं के लिए 10 नए महिला आवास।
मिशन मायापुरीःहरिद्वार को योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बनाने के लिए ठोस रणनीति बनाकर कार्य किया जाएगा। वेद पाठशालाओं के लिए एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में वेद विभाग का विस्तार।
पुलिस बल का उन्नतीकरणःपुलिस कर्मी के ग्रेड-पे मामले का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाएगा। दंगों पर लगाम लगाने के लिए मजबूत पुलिस बल।
कुमाऊं का विकासःकुमाऊं मंडल में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क का निर्माण। पंतनगर में मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल। मानसखंड मंदिर माला मिशनःकुमाऊं के प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार।
भूतपर्व सैनिकःसैनिकों के सम्मान में भव्य सैन्य धाम और संग्राहलय का निर्माण कार्य। सरकारी नौकरी में सैनिकों के लिए आरक्षित सीटों में 70 फीसदी सीट नॉन-लैप्सेबल सीट

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें