ख़बर शेयर करें -

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सुभाष रोड़ स्थित होटल में आयोजित भारतीय जनता पार्टी संयुक्त मोर्चा प्रदेश पदाधिकारी बैठक में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें समाज हित से जुड़े सभी विषयों के माध्यम से समाज के हर वर्ग और हर व्यक्ति तक जुड़ना होगा तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भांति देश और अपने संगठन को और अधिक मजबूत करने के लिए दिन-रात काम करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व का ही प्रतिफल है कि पिछले नौ वर्षों में देश के हर वर्ग तक विकास की धारा पहुंची है। आजादी के बाद के वर्षों की तुलना में पिछले नौ वर्षों के दौरान विकास के सभी मापदंडों के आधार पर हम कह सकते हैं, हमारे देश ने हर क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है, जिसका लोहा आज संपूर्ण विश्व मान रहा है। वर्ष 2014 से देश की जनता ने प्रधानमंत्री श्री मोदी जी पर अपना भरोसा जताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नौ वर्षों में प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने सेना के आधुनिकीकरण से लेकर सीमाओं की सुरक्षा तक, प्रत्येक नागरिक को कोरोना वैक्सीन पहुंचाने से लेकर हथियार और मोबाइल उत्पादन तक, शिक्षा का बजट तीन गुना बढ़ाने से लेकर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाने तक, साढ़े तीन करोड़ से अधिक गरीबों को आवास देने से लेकर 80 करोड़ से अधिक लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने तक, 10 करोड़ उज्जवला गैस कनेक्शन देने से लेकर करोड़ों लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ देने तक, हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किये हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि किस तरह उज्जवला योजना की 10 करोड़ वीं लाभार्थी के अयोध्या स्थित घर पर प्रधानमंत्री ने जाकर स्वयं चाय पी। यह आदरणीय प्रधानमंत्री जी की ’’सबका साथ, सबका विकास’’ की सोच को चरितार्थ करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें भी उत्तराखंड में विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने वाले लाभार्थियों से मिलकर अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है या नहीं, यह जानकारी प्राप्त करने के प्रयास करने होंगे। तीन तलाक खत्म करना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, धारा 370 का खात्मा, काशी विश्वनाथ में भव्य कॉरिडोर का निर्माण, उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण ये कुछ ऐसे महत्वपूर्ण कार्य हैं जिनको आने वाली पीढ़ियां भी हमेशा याद रखेंगी। इसके साथ ही 22 जनवरी को वो घड़ी आने वाली है, जिसका हमें वर्षों से इंतजार था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है, प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज देश में प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। मिशन इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक वैभव पुनः वापस लौट रहा है। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व का एक अग्रणी राष्ट्र बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा से हमारी सरकार भी उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए दिन रात कार्य कर रही है। हमारे कार्यकाल में उत्तराखंड में बहुत से कार्य पहली बार हुए हैं। पहली बार भर्तियों में घोटाले करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कार्रवाई के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया, धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लागू किया गया, लैंड जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, उत्तराखंड में सामान नागरिक आचार संहिता कानून लागू होने जा रहा है, भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्यवाही हो रही है, राजस्व पुलिस की जगह रेगुलर पुलिस की तैनाती की जा रही है, आपदा प्रबंधन पर विश्व स्तरीय कार्यक्रम उत्तराखंड में हुआ, उत्तराखंड, डेस्टिनेशन उत्तराखंड के रूप में निवेश का हब बनने जा रहा है। पिछले जो कार्य 23 वर्षों में नहीं हुए थे, वह हमारी सरकार ने किए हैं और आगे भी करती रहेगी। भू-कानून भी यदि कोई लाएगी तो हमारी सरकार ही लाएगी। पहले भी युवाओं को नकल विरोधी कानून के विरोध में भड़काया गया था, लेकिन अब उनके लोग ही हमारे द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को सही ठहरा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य हित में हमने जो प्रयास किया है, जो मेहनत की है, वो सबके सामने है और हमारा संकल्प है कि हम इस प्रकार के कार्य करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गांव, गरीब, किसान, दलित, पीड़ित, वंचित, शोषित, आदिवासी, युवाओं एवं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लेना होगा। हमें ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ यह संकल्प लेना है कि जब तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक नहीं पहुंच जाता तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे, आराम से नहीं बैठेंगे।

Ad Ad Ad Ad

By amit

You missed

*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें