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डीएम  सविन बंसल  जनमानस के साथ धोखाधड़ी करने वाले बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों पर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। जिला अधिकारी को आए दिन निजी बैंकों बैंक द्वारा जनमानस के साथ धोखाधड़ी के प्रकरण प्राप्त हो रहे हैं। जिस पर जिला प्रशासन निरंतर कार्रवाई कर रहा है।

जिला प्रशासन इन दिनों जनहित से जुड़े विषयों पर सख्त रूख अपनाए हुए हैं, जहां जनहित में निरंतर कड़े निर्णय लिए जा रहें हैं वही आदेशों की अहवेलना पर सख्त कार्यवाही भी की जा रही है। ऐसा ही एक अन्य प्रकरण बैंक ऋण से सम्बन्धित व्यथित प्रिया का है जहां आदेशों की ना फरमानी पर एक और बैंक डीएम के कोप भाजन बना  है। जिस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने बैंक शाखा को सील करते हुए ताला झड़ते हुए बैंक की संपत्ति कुर्क कर दी है ।  विगत 11 जुलाई 2025 को जिलाधिकारी के समक्ष आर्थिक तंगी से जूझ रही 4 छोटे बच्चां की मॉ विधवा प्रिया ने गुहार लगाई थी कि पति की मृत्यु के उपरान्त बैंक एक वर्ष से बीमित ऋण का न तो क्लेम दे रहा है तथा सम्पति के कागज भी जब्त किए गए हैं। उन्होंने डीएम से गुहार लगाते हुए का कि उनके पति स्व0 विकास कुमार द्वारा 6.50 लाख का बैंक से ऋण लिया था तथा बैंक के अनुरोध पर ऋण का भी बीमा भी करवाया था। बीमा कम्पनी द्वारा ऋण का बीमा करते समय सभी मानकों /जांच जिसमें शारीरिक तथा अन्य समस्त जांच की औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए ऋण का बीमा किया गया तथा प्रीमियम शुल्क काटते हुए  ऋण भुगतान उनके पति को किया गया।
पति की आकस्मिक मृत्यु उपरांत चार नन्ही बालिकाओं की विधवा मॉ प्रिया ऋण बीमा धोखाधड़ी में सीएसएल बैंक, को प्रशासन द्वारा सील कर ठप्प कर दिया है जल्द ही नीलामी की कार्यवाही की जाएगी। पति प्रिया के पति विकास की मृत्यु उपरांत ऋण बीमा होते हुए भी बैंक  एजेंटस द्वारा उनका घर के कागज जब्त कर लिए थे। व्यथित विधवा प्रिया को बीमा धनराशि नो ड्यूज न देने पर  प्रशासन ने राजपुर रोड स्थित बैंक शाखा पर ताला जडते हुए संपत्ति कुर्क कर दी है।
विधवा महिला फरियादी प्रिया पति विकास कुमार की मृत्यु उपरांत एक वर्ष से  न्याय को भटक रही थी। दंपति द्वारा  सी.एस.एल. फाईनेंस लि0 से 6.50 लाख का ऋण लिया था तथा ऋण का बीमा भी कराया था।  उनके पति की मृत्यु 12 जुलाई 2024 को आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। तभी से बैंक ने प्रिया को परेशान कर रहे थे, बार-बार बैंक के चक्कर कटा रहे थे तथा उनके घर के कागज भी जब्त कर लिए थे। सब जगह से परेशान होकर प्रिया डीएम से गुहार लगाई थी, जिस पर डीएम ने संबंधित बैंक के प्रबंधक की 7.15 लाख की आरसी काट दी। एक सप्ताह का समय दिए जाने के उपरांत भी बैंक द्वारा वसूली में सहयोग न करने तथा न ही महिला को नो ड्यूज नही दे रहे थे। जिस पर जिला प्रशासन द्वारा सीसीएल लिमिटेड की राजपुर रोड शाखा को सील करते संपत्ति कुर्क कर दी है जिसकी नीलाम किया जाएगा।  जिला प्रशासन निरंतर अपने कड़े फैसलों से जहां जनमानस को उनका अधिकार दिला रहा है वहीं जनमानस को अनावश्यक परेशान करने वालों पर भी नकेल कस रहा है, जिससे ऐसा कृत्य करने वालों में प्रशासन का खौफ भी बढा है। बावजूद इसके नये प्रकरण भी सामने आ रहे हैं। जिलाधिकारी सविन के सम्मुख एक ताजा प्रकरण बैंक से आया है जिसमें महिला के पति की मृत्यु हो जाने पर बीमित बैंक ऋण के एवज में सुरक्षा देने के बजाय विधवा महिला को परेशान किया जा रहा था। जिस पर प्रशासन ने बैंक को सील कर दिया है।  जिला प्रशासन के नित नए कड़े व बड़े फैसलों की ऋृंखला जारी है। जिला प्रशासन अपने नए अवतार में है। अब असहाय निर्बल के शोषण की घटनाओं पर प्रशासन अपने प्रचंड रूप में नजर आ रहा है। जनमानस को गुमराह-परेशान करने वालों पर सख्त फैसलों से जहां नकेल कसी जा रही हैं, वहीं जनमानस में भी खुशी की लहर है।  04 बालिकाओं की विधवा मॉ प्रिया ने डीएम से लगाई गुहार, जिस पर प्रशासन ने आरसी काटते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है।

जारी वसूली मांग पत्र धनराशि मु०-6,50,000.00+ 65000.00 संग्रह व्यय अर्थात् कुल धनराशि मु0-7,15,000.00 रु० मात्र का वसूली प्रमाण पत्र वसूली हेतु प्राप्त होने के क्रम में बाकीदार के विरूद्ध नियमानुसार वसूली की कार्यवाही करते हुए समन तामिल कराया गया। जिसमें बाकीदार द्वारा मु0-7,15,000.00 रू0 की धनराशि आर०टी०जी०एस० के माध्यम से तहसीलदार सदर देहरादून के पदेन खाते में  सशर्त हस्तांतरित किये गये थे।  जिसमें धनराशि का उपयोग वसूली प्रमाण पत्र की वसूली में उपयोग करने से बाधित कर दिया गया था। इस नाफरमानी पर जिला प्रशासन द्वारा अग्रिम कार्यवाही करते हुए सी०एस०एल० फाईनेंस लिमिटेड कार्यालय पता 92/72 तृतीय तल वृन्दावन टॉवर न्यू कैन्ट रोड़ हाथीबडकला देहरादून की चल सम्पत्ति को कुर्क करने की कार्यवाही की गई।  किंतु कुर्क की गई चल सम्पत्ति का कुल मूल्य वसूली की जाने वाली धनराशि के सापेक्ष पर्याप्त न होने के कारण बाकीदार फर्म सी०एस०एल० फाईनेंस लिमिटेड कार्यालय- पता 92/72 तृतीय तल वृन्दावन टॉवर न्यू कैन्ट रोड हाथीबडकला देहरादून के बैंक खाते को कुर्क किये जाने हेतु धारा 282 उ०प्र०ज०वि० एवं भू०ब्य० अधिनियम 1950 के तहत निहित अधिकारो का प्रयोग करते हुये ज०वि. आकार-पत्र 71 चल सम्पत्ति कुर्की अधिपत्र जारी किया गया है।   प्रशासन ने वसूली के सम्पूर्ण धनराशि को वसूल करने हेतु बाकीदार के खाते को कुर्क किया  है।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें