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*नवरात्रि के अवसर पर प्रदेश की 824 बहनों को मिली स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में नियुक्ति।*

*मुख्यमंत्री ने मुख्य सेवक सदन में प्रदान किये 187 नियुक्ति पत्र ।*

*स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति से सुदूर गांवों तक पहुंचेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा।*

नवसंवत्सर और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर प्रदेश की 824 बहनों को स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में विभिन्न जनपदों में नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को 187 एएनएम को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। नारी शक्ति उत्सव के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, ग्राम्य विकास एवं कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी एवं परिवहन मंत्री श्री चंदन राम दास भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित सभी एएनएम को बधाई देते हुए कहा कि हमारी इन बहनों को जन सेवा करने का भगवान ने सुनहरा अवसर दिया है, जन सेवा करने से इनको जो संतुष्टि मिलेगी एवं लोगों का जो आशीर्वाद मिलेगा उससे इनका जीवन पूर्णतः सफल होगा। प्रदेश के सुदूर गांवों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले इसके लिए इन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्ति प्रदान की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं व शिशुओं की भी देखभाल करने की इन पर जिम्मेदारी होगी। स्वास्थ्य कार्यकर्ता बहनें अपने क्षेत्र के उपकेन्द्र के आस-पास की आबादी को उपचार प्रदान करने की जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी। प्रसूती माताओं को सहयोग करने के साथ-साथ गर्भावस्था की जाँच, पंजीकरण सहित नवजात शिशु की देखभाल आदि कार्यों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका हमारी एएनएम निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृ शक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश मातृ शक्ति के जीवन में कल्याणकारी परिवर्तन लाने और उनके भविष्य को उत्कृष्ट बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। राज्य में महिलाओं को 30 प्रतिक्षत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। आज हमारी बहन-बेटियों ने हर क्षेत्र में अपना एक अलग स्थान बनाया है और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का जो सरकार ने लक्ष्य रखा है, उसमें हमारी मातृशक्ति का सहयोग एवं आशीर्वाद जरूरी है। उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी विभागों द्वारा आगामी 10 साल के रोडमैप पर कार्य किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज जिन एएनएम को नियुक्ति दी गई हैं, ये सभी अगले पांच सालों तक प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देंगी। अब प्रदेश में 92 प्रतिशत एएनएम उपलब्ध हो गये हैं। जल्द ही मेडिकल कॉलेजों में 171 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जा रही है। इससे अल्मोड़ा, श्रीनगर एवं हल्द्वानी में असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी दूर हो जायेगी। जल्द ही 300 एमबीबीएस डॉक्टर पासआउट हो रहे हैं। उन्हें भी जल्द नियुक्ति पत्र दिये जायेंगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि 2024 तक प्रदेश में शत प्रतिशत एमबीबीएस डॉक्टर की नियुक्ति हो जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य चौपाल लगाये जायेंगे। इसके लिए पूरा रोस्टर बनाया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने सभी नवनियुक्त एएनएम को बधाई देते हुए कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में हमारी ये बहने महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जिस सेवा भाव से स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किये बिना लाखों लोगों की जान बचाई, इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में एएनएम की नियुक्ति होने से, वहां लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी राहत मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री श्री चंदन राम दास ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को अग्रणी बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। युवाओं एवं मातृशक्ति को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने में सतत प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार का कल एक साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है, इस दौरान जनहित में अनेक निर्णय लिये गये हैं। समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए कार्य किये गये हैं।

इस अवसर पर कुलपति हे.न.ब. चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमचंद्र पाण्डे, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आशुतोष सयाना, अपर सचिव स्वास्थ्य श्रीमती अमनदीप कौर एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें