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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को ननूरखेड़ा, देहरादून में होमगार्डस एवं नागरिक सुरक्षा के स्थापना दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने रैतिक परेड का निरीक्षण किया एवं होमगार्डस एवं नागरिक सुरक्षा की स्मारिका का विमोचन किया। होमगार्ड जवानों के मानसिक स्वास्थ्य एवं अन्य समस्याओं के लिए बनाये गये एप ‘पहल’ का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सेवा पृथक होमगार्ड श्रीमती कुन्ती देवी को होमगार्ड कल्याण कोष से एक लाख रूपये का चेक एवं ड्यूटी के दौरान मृत होमगार्ड जवान श्री तिलक राज मौर्य की पत्नी श्रीमती प्रीति को होमगार्ड कल्याण कोष से 02 लाख रूपये का चेक प्रदान किया। केन्द्र सरकार द्वारा कुमाऊँ कमाण्डेन्ट, होमगार्डस श्री ललित मोहन जोशी को सराहनीय सेवाओं के लिए गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा सम्मान स्वीकृत किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा श्री ललित मोहन जोशी को यह सम्मान प्रदान किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले जवानों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रशंसा प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर चार घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के 10 जनपदों ऊधमसिंहनगर, पिथौरागढ़, चम्पावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, रूद्रप्रयाग, पौड़ी, उत्तरकाशी और टिहरी में होमगार्ड्स स्वयंसेवकों की एक-एक महिला प्लाटून (कुल संख्या 330) महिला होमगार्ड्स के पदों पर भर्ती की जायेगी। उत्तराखण्ड राज्य में एक जनपद से दूसरे जनपद की अन्तर्जनपदीय ड्यूटी तथा राज्य की सीमा के अन्तर्गत निर्वाचन ड्यूटी एवं रैतिक परेड में तैनात होने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को 180 रुपए प्रतिदिन, प्रति होमगार्ड भोजन भत्ता प्रदान किया जायेगा। होमगार्ड्स ड्यूटी के 24 घण्टे के भीतर घायल/बीमार होने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को पूरे सेवाकाल में चिकित्सालय में भर्ती होने पर अधिकतम 06 माह तक ड्यूटी भत्ता प्रदान किया जायेगा। अवैतनिक प्लाटून कमाण्डर का मानदेय 1000 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये प्रतिमाह, अवैतनिक सहायक कम्पनी कमाण्डर का मानदेय 1200 रूपये से बढ़ाकर 2000 रूपये प्रतिमाह तथा अवैतनिक कम्पनी कमाण्डर का मानदेय 1500 रूपये से बढ़ाकर 2500 रूपये प्रतिमाह दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रसेवा का अद्वितीय उदाहरण अगर कहीं स्पष्ट देखने को मिलता है तो वह हमारे जवानों के बीच आकर ही देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि परेड में जवानों द्वारा मोटरबाईक पर जो साहस, कौशल एवं सन्तुलन का प्रदर्शन किया वो सराहनीय था। होमगार्डस एवं नागरिक सुरक्षा का राज्य में कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान है। कड़ी धूप में यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को जिस तरह हमारे ये जवान नियंत्रित करते हैं, वह सराहनीय है। कोविड महामारी के दौरान होमगार्ड्स जवानों ने जिस निष्काम सेवा से अपने कर्तव्य का निर्वहन किया, वह सबके लिए अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होमगार्डस के जवानों को हर प्रकार का सहयोग देने के लिए तत्पर है। होमगार्ड्स जवानों के एस.एल.आर. प्रशिक्षण हेतु दस हजार कारतूस क्रय किये गये हैं। राज्य सरकार ने अपने इन जवानों की सुविधा के लिए छोटे हथियारों जैसे पिस्टल आदि के क्रय किये जाने हेतु भी स्वीकृति प्रदान की गई है। यातायात को बेहतर बनाये जाने के उद्देश्य से विभाग ने इस वर्ष जो “प्रोजेक्ट पार्क वैल” योजना की शुरूआत की है, इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। होमगार्ड्स स्वयंसेवकों के लम्बित कल्याण कोष के प्रकरणों के निस्तारण हेतु सावधि जमा धनराशि के सम्पूर्ण उपयोग की अनुमति भी प्रदान की है। जून 2022 से होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को महंगाई भत्ता एवं जुलाई 2022 से धुलाई भत्ता भी प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अप्रैल 2017 से एरियर के भुगतान किये जाने हेतु अनुपूरक बजट में 101 करोड़ रुपए का अलग से प्रावधान किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में होमगार्ड्स तथा नागरिक सुरक्षा संगठन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उत्तराखण्ड राज्य के विकास तथा कानून व्यवस्था एवं शान्ति स्थापना के कार्यों में अपना महत्वपूर्ण सहयोग इसी प्रकार प्रदान करते रहेंगे।

इस अवसर पर मेयर देहरादून श्री सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश श्रीमती अनीता मंमगांई, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, श्री खजान दास, श्री प्रमोद नैनवाल, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार, कमाण्डेन्ट जनरल होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा श्री केवल खुराना, डिप्टी कमाण्डेन्ट जनरल होमगार्ड श्री अमिताभ श्रीवास्तव, श्री राजीव बलोनी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें