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*मुख्यमंत्री ने बताया प्रदेश के बजट को सर्वस्पर्शी, सर्वग्राही तथा आम जनता का बजट*

*उत्तराखण्ड को आत्मनिर्भर बनाने वाला है यह बजट*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को वित्त मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत बजट को सर्वस्पर्शी सर्वग्राही तथा सबका बजट बताया हैं। उन्होंने बजट को उत्तराखण्ड को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट बताते हुए कहा कि यह बजट नही हमारा संकल्प है। सबके साथ संवाद के माध्यम से इसे जन-जन का बजट बनाने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने में यह बजट शानदार प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह बजट हर प्रकार से हमारे दृष्टिपत्र के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का ही असर है कि जहां 2012 से 2017 के बीच हमें प्रतिवर्ष वार्षिक अनुदान ₹ 5615 करोड़ प्राप्त होता था वही 2017 से 2022 के डबल इंजन युग में औसत वार्षिक अनुदान राशि बढ़कर ₹ 11168 करोड़ हो गयी, जो कि डबल इंजन के दौर में डबल राशि है।
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (25 करोड) तथा सीमात क्षेत्र विकास कार्यक्रम व ग्रामीण कौशल योजना के तहत कुल मिलाकर ₹195 करोड़ कीइस बजट में व्यवस्था की गई हैं।
यूनिफॉर्म सिविल कोड व सुशासन के माध्यम से प्रदेश में सुशासन स्थापित करने तथा पुलिस एवं राजस्व पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु इस बजट में विशेष ध्यान दिया गया है तथा कुल मिलाकर ₹ 35 करोड़ के बजट का प्रावधान इस मद में किया गया है।
गौवंश संरक्षण के लिये गौ सदनों की स्थापना हेतु बजट प्रावधानों में 06 गुना वृद्धि करते हुए 15 करोड़ की व्यवस्था की गयी है। वर्ष में 3 गैस सिलेंडर की भराई मुफ्त कराने के हमारे संकल्प को पूरा करने के लिए इसमें ₹55 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है।
मुफ्त पाठ्य पुस्तक योजना में कक्षा 9 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को इस वर्ष से मुफ्त पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करायी जायेंगी। अभी तक यह सुविधा केवल अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को प्राप्त हो रही थी।

पार्किंग व ट्रैफिक जाम से मुक्ति हेतु बजट पूर्व संवाद में इस समस्या पर हुई चर्चा के क्रम में बजटीय प्रावधान किया गया है। साथ ही कूड़ा प्रबंधन के अंतर्गत हिमालयी राज्य होने के नाते हम पर्यावरण सुरक्षा के प्रति अति संवेदनशील हैं और इस क्रम में कूड़ा कचरा प्रबंधन व निस्तारण हेतु उचित बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विदेश में साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की भारी मांग है और इसको देखते हुए हमने मुक्त विश्विद्यालय में इस विषय हेतु ₹5 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया है।
उत्तराखण्ड दुर्गम हिमालयी राज्य होने के नाते रोपवे परियोजनाएं हमारे लिए अति महत्वपूर्ण हैं। अभी 7 रोपवे परियोजनाओं की प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त 35 नई परियोजनाओं को हम पर्वतमाला परियोजना में लेकर आ रहे हैं।
सरकारी सेवाएं नागरिकों के द्वार योजना के तहत सरकारी सेवाओं की नागरिकों तक डोर स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करने हेतु हमारी सरकार एक यह योजना शुरू करेंगी।
प्रदेश में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिये नर्सरी, उत्पादन हेतु सहायता प्रदान करने तथा उपज को मण्डी तक पहुंचाने हेतु हमारी सरकार एक समग्र कृषि विकास योजना पर कार्य कर रही है और इस हेतु लगभग ₹160 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक व सूचना प्रौद्योगिकी विकास औद्योगिक नीति, एम०एस०एम०ई० को सहायता इज ऑफ डूइंग बिजनेस, गति शक्ति कार्यक्रम तथा ग्रोथ सेण्टर आदि के क्षेत्र में ₹163.00 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है।
लोक कल्याण योजना के तहत वृद्धजन, निराश्रित, विधवा, दिव्यांग तथा आर्थिक रूप से कमजोर किसान व परित्यक्त महिलाओं को पेंशन, व ऐसी ही अनेक लोक कल्याणकारी योजनाओं हेतु हेतु ₹2500.00 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के अन्तर्गत कुमाऊं क्षेत्र के 38 प्रमुख मन्दिरों व पर्यटन स्थलों को इस योजना के तहत विकसित किया जायेगा।
हमारी सरकार ने इस बजट के माध्यम से नगरीय निकायों के बजट में लगभग ₹243 करोड़ की वृद्धि की है तथा त्रिस्तरीय पंचायतों के बजट में लगभग ₹190 करोड़ की वृद्धि की गयी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण एवं युवाओं के पलायान को रोकने हेतु शोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चंपावत परिसर की स्थापना हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹ 05 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें