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देहरा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किये जा रहे बजट में आम जनता के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके लिए बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिसमें उद्योग, व्यापार, होटल, पर्यटन, कृषि आदि विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के बहूमूल्य सुझाव प्राप्त हुए है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य का बजट सामान्य जनता का बजट बने इसके लिए नैनीताल के बाद देहरादून में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकां के सपनों को साकार करने में बजट की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। सरकार जनता के लिये होती है। इसमें जनता को सहभागी बनाने का हमारा प्रयास है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले विषय विशेषज्ञ समाज की क्रीम होती है। वह समाज को दिशा देने का कार्य करते है। इस संवाद कार्यक्रम में प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों का समावेश बजट में किये जाने का उन्होंने भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय कोष को बढ़ाये जाने के लिये कर राजस्व को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ ही अनेक महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में लाया जायेगा। राज्य का जी.एस.टी में केन्द्र सरकार द्वारा दी गई छूट की अवधि समाप्त हो रही है। जिसमें राज्य को 05 हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान है। इसकी भरपाई कैसे हो इस दिशा में भी हमें सोचना है। हमारा राज्य धर्म और आध्यात्म का केन्द्र है। हमें राज्य की इकोलॉजी और इकोनोमी को साथ लेकर चलना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड तब बनेगा जब हम सब अपने दायित्वों का सही ढंग में निर्वहन करें। हमारे उद्योग, व्यापार, होटल आदि बेहतर ढंग से संचालित हो। उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा हमारी सामूहिक यात्रा है। हमारा लक्ष्य उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। हमारे राज्य में उद्योग व्यापार सही ढंग से संचालित हो इसके लिये उनके साथ भी संवाद का कार्यक्रम निरन्तर जारी है। उद्योगां की अधिकांश समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। हमारा मानना है कि राज्य में उद्योग सही ढंग से चलेंगे तो और अधिक उद्योग राज्य में लगेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे उद्यमी हमारे ब्राण्ड अम्बेसडर भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समेकित विकास के दृष्टिगत बोधिसत्व विचार श्रृखंला का भी आयोजन किया गया है। इसमें भी विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों एवं बुद्धिजीवियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव सरकार को दिये है। इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों एवं चिन्तन से जो निष्कर्ष निकलेगा उसकी प्रदेश के विकास में बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि हम सरलीकरण समाधान एवं निस्तारीकरण की प्रक्रिया को कार्य व्यवहार में ला रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के साथ प्रदेश में भी हर क्षेत्र में प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। हम इसके लिये सबको साथ लेकर चल रहे है। सभी की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। हमारी सरकार उद्यमियों के साथ है। हमारे उद्यमी हमारे युवाओं के मददगार बने इसकी उन्होंने जरूरत बतायी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने अपेक्षा की कि जो लोग मेडिकली फिट नही है वे अभी यात्रा पर न आये। यात्रा में भगदड़ अथवा किसी अन्य अव्यवस्था के कारण किसी भी यात्री की मृत्यु नहीं हुई है। इस बार की यात्रा हमारे लिये चुनौती भी है। उन्होंने सभी होटल व ट्रॉसपोर्ट व्यवसायियों आदि से अपेक्षा की है कि यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार करे। अतिथि देवो भवः हमारी परम्परा है। जब हम यहां आने वालों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे तो वे बार-बार यहां आयेंगे तथा देश व दुनिया में राज्य की बेहतर पहचान बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों के साथ ग्राम इकाई मजबूत हो, विकास का लाभ सबको मिले इसके लिये सभी को सहभागी बनना होगा। अकेले सरकार सब कुछ नहीं कर सकती हैं उन्होंने कहा कि इस संवाद में प्राप्त होने वाले सुझाव सर्वस्पर्शी एवं सर्वगा्रही बजट बनाने के साथ ही प्रदेश की व्यवस्थाओं को मजबूत करने में मददगार होंगे।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की पारकल्पना का परिणाम है कि प्रदेश में पहली बार बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसे उन्होंने राज्य हित में युवा मुख्यमंत्री की युवा सोच बताते हुए कहा कि संवाद कार्यक्रम से राज्य का अच्छा बजट बनाने में मदद मिलेगी। समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास की परिकल्पना भी इससे साकार होगी।
इस संवाद कार्यक्रम में जिन्होंने अपने सुझाव रखे उनमें बीज बचाओ अभियान के प्रणेता श्री विजय गड़धारी, पद्मश्री प्रेम चन्द शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान, टिहरी श्रीमती सोना सजवाण, जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, मेयर देहरादून श्री सुनील उनियाल गामा, ऋषिकेश श्रीमती अनिता मंमगाई, मेयर रूड़की अनुज गोयल, मेयर हरिद्वार, प्रान्तीय उद्योग व्यापर मंडल अध्यक्ष श्री अनिल गोयल, सुश्री सोनिया गर्ग, श्री मनुकोचर, सिडकुल मैनिफैक्चर्स एसोसिएशन श्री हरेन्द्र गर्ग, लघु उद्योग संगठन के श्री कैलाश नागला, अध्यक्ष मसूरी होटल एसोसिएशन श्री संजय अग्रवाल, होम स्टे संगठन के श्री हर्षित सहगल, एडवेंचर टूरिज्म के श्री राकेश पंत, ताज होटल गु्रप के श्री जी.के.शर्मा, चार्टट एकाउन्टेंट एसोसिएशन के सी.ए वीरेन्द्र कालरा, सी.ए. राजेश गुप्ता, चारधाम ट्रेवल के श्री अभिषेक अहालूवालिया, रूड़़की इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के श्री केतन भारद्वाज, प्रान्तीय उद्योग व्यापार संगठन के श्री विनय गोयल, डॉ किरन पुरोहित, श्री कुन्दन सिंह पंवार, श्री हरेन्द्र पाल सिंह नेगी, सहित विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों ने अपने सुझाव दिए।
इस अवसर पर विधायक श्री खजान दास, सचिव श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम्, श्री शैलेश बगोली, श्री दिलीप जावलकर आदि भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रो0 दुर्गेश पंत ने किया।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें