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केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत किशन राव कराड ने मंगलवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी सरकारी एवं प्राइवेट सेक्टर के बैंकों को निर्देश दिए कि विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से दिए जाने वाले ऋण आवेदनों को शीघ्र से शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि रिजेक्टेड आवेदनों को पुनः समीक्षा कर उनकी कमियों को दूर कर ऋण उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएं। दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकों और प्रशासन द्वारा योजनाओं की जानकारी हेतु जन जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि बैंकों द्वारा आवेदनों के निस्तारित किए जाने की तय समय सीमा के अंतर्गत ही निस्तारित किया जाए। उन्होंने मुद्रा लोन के टारगेट को बढ़ाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बैंकों द्वारा आउटरीच बढ़ाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि बैंकों को एक्टिव रोल निभाना होगा तभी टारगेट को प्राप्त किया जा सकेगा।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना अंतर्गत बैंकों द्वारा निर्धारित लक्ष्य 190000 के सापेक्ष 105352 इकाईयों को रु. 1365.86 करोड़ का ऋण स्वीकृत किया गया है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 55 प्रतिशत है तथा योजनान्तर्गत लगभग 150145 नागरिकों को रोजगार प्राप्त हुआ है। एन. आर. एल.एम योजना अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 10000 के सापेक्ष 9427 इकाईयों को रु. 156.20 करोड का ऋण स्वीकृत किया गया है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 94 प्रतिशत है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत वार्षिक लक्ष्य 1714 के सापेक्ष बैंकों द्वारा 1335 इकाईयों को वित्तपोषित किया गया है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 78 प्रतिशत है तथा मार्जिन मनी वितरण हेतु निर्धारित वार्षिक लक्ष्य रु 51.71 करोड़ के सापेक्ष बैंकों द्वारा रु. 20.58 करोड़ की मार्जिन मनी वितरित है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत 4102 लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत तथा 2494 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया है। पी.एम स्वनिधि योजना अंतर्गत 11082 ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत तथा 10322 ऋण आवेदन पत्रों में ऋण वितरण किया गया है। एन.यू.एल. एम. योजना अंतर्गत 678 ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत किये गये हैं तथा 651 को ऋण वितरित किया गया है।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अति सूक्ष्म (नैनो) उद्यम योजना अंतर्गत 392 ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत किये गये हैं तथा 102 आवेदकों को ऋण वितरित किया गया है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना अंतर्गत 47 ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत किये गये हैं तथा 28 आवेदकों को ऋण वितरित किया गया है। स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति मद में 561. अनुसूचित जनजाति मद में 63 तथा अल्पसंख्यक मद में 33 ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत किये गये है।

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना अंतर्गत वाहन मद में 102 तथा गैर-वाहन मद में 33 ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत किये गये हैं तथा दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना अंतर्गत 92 ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत किये गये हैं। किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्तता योजना अंतर्गत कृषि एवं कृषि अनुषंगी गतिविधियों (Agriculture and Agriculture allied activities) हेतु बैंकों द्वारा 120199 कृषकों को रु 2105.28 करोड़ का ऋण वितरित किया गया है। राज्य में दिनांक 31.11.2021 तक प्रधानमंत्री जन-धन योजना अंतर्गत 29,59,839 प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत 21,30,899 प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना अंतर्गत 4,93,775 तथा अटलपेंशन योजना अंतर्गत 3,39,111 खाते खोले गये है।

प्रथम फेज में उत्तराखण्ड राज्य के समस्त जिलों के 16 ब्लाक में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा CRISIL Foundation (NGO) के सहयोग से वित्तीय साक्षरता केन्द्र स्थापित किये गये हैं, जहां पर विद्यार्थियों, वरिष्ट नागरिकों, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों, किसानों एवं छोटे-छोटे उद्यमियों को वित्तीय साक्षरता विषयक जानकारी प्रदान की जा रही है। पूर्व में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शत प्रतिशत डिजीटाईजेशन हेतु जिला अल्मोड़ा का चयन किया गया था तथा इसी अनुक्रम में डिजीटल लेनदेन को बढ़ावा देने हेतु एक अन्य जिला चमोली का चयन किया गया है।

बैठक में डा.एस.एस. सन्धु, मुख्य सचिव, श्री आनन्द बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव एवं अवस्थापना विकास आयुक्त श्री एल. फैनेई, प्रमुख सचिव (समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण), श्री अमित सिंह नेगी, सचिव (वित्त एवं एम.एस.एम.ई.), श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव (पशुपालन, मत्स्य एवं सहकारिता), श्री शैलेश बगौली, सचिव (शहरी विकास एवं आवास), श्री दिलीप जावलकर, सचिव (पर्यटन), श्री राजेश कुमार, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक, देहरादून, डा. श्री अरुण प्रताप दास, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, देहरादून उपस्थित थे।

*इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा होटल पैसिफिक में आयोजित क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में स्टेट बैंक , पंजाब नेशनल बैंक , बैंक ऑफ बड़ौदा , यूनियन बैंक ऑफ इंडिया , केनरा बैंक , उत्तराखंड ग्रामीण बैंक और राज्य के अन्य बैंक द्वारा हिस्सा लिया गया। कार्यक्रम में 18 स्वयं सहायता समूह के 112 सदस्यों को आमंत्रित किया गया तथा मुख्य अतिथि द्वारा उन्हें 7.25करोड़ रुपे का लोन वितरित किया गया।*

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें