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कैबिनेट मंत्री श्री चन्दन राम दास की अध्यक्षता में मंगलवार को परिवहन आयुक्त कार्यालय, देहरादून में विभागीय समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में परिवहन मंत्री द्वारा राजस्व, सड़क सुरक्षा, डिजीटाईजेशन, निर्माण कार्यों एवं प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निम्नवत् निर्देश दिये गये।

1 वर्तमान में विभाग द्वारा वाहन स्वामियों से भिन्न-भिन्न नामों से (ग्रीन उपकर, प्रवेश उपकर आदि) करो की वसूली की जा रही है। इससे वाहन स्वामियों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। अतः विभाग द्वारा कर ढांचे को तर्कसंगत बनाते हुए उसका सरलीकरण किया जाये।

2 परिवहन मंत्री द्वारा अधिकारियों से अपेक्षा की गयी कि विभाग का उद्देश्य केवल करों की वसूली ही नहीं होना चाहिए अपितु ऐसे प्रयास करने चाहिए कि जनता को परिवहन विभाग की पारदर्शी और त्वरित सेवा सुगमता से प्राप्त हो सके।

3 मार्ग पर भ्रमण के दौरान देखा गया है कि विभाग द्वारा यात्रा मार्गों पर जो चेकपोस्टें स्थापित की गयी है, यहां नेटवर्क कनेक्टिविटी न होने के कारण वाहनों के प्रपत्रों की ऑनलाईन जांच नहीं हो पा रही है, जिससे वाहन स्थानियों को अनावश्यक विलम्ब हो रहा है और चेकपोस्ट पर लाईन भी लग रही है। मा० मंत्री जी द्वारा निर्देश दिये गये कि चैकपोस्टों को ऐसे स्थान पर स्थापित किया जाये जहां कनेक्टिविटी उपलब्ध हो और वाहन स्वामियों को कम से कम परेशानी हो।

4 उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि विभाग द्वारा अधिकतर कार्य ऑनलाईन कर दिये गये हैं परन्तु कार्यों का ऑटोमेशन करते समय यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि उक्त व्यवस्था का लाभ अपेक्षाकृत कम पढ़े-लिखे चालक-परिचालक को मिले और उसे अनाधिकृत व्यक्तियों के पास न जाना पड़े।

5 बकाया राजस्व के मामलों की समीक्षा करते हुए मंत्री जी द्वारा निर्देश दिये गये कि विभाग द्वारा लम्बे समय तक वाहन स्वामियों को मांग पत्र/वसूली पत्र निर्गत नहीं किये जाते हैं, जिसके कारण वाहन स्वामी के प्रति देय धनराशि बढ़ती रहती है और जब विभाग द्वारा वाहन स्वामियों को बकाया जमा करने का नोटिस दिया जाता है, तब वाहन स्वामी बकाया जमा करने में सक्षम नहीं हो पाता है। अतः मा० मंत्री जी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे वाहन के बकाया में आने के एक वर्ष के अन्तर्गत नोटिस जारी करते हुए वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिये गये कि लम्बी अवधि से बकाया के मामलों के निस्तारण के सम्बन्ध में एक कार्ययोजना विकसित की जाये।

6 राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों की बढ़ती संख्या पर चिन्ता व्यक्त करते हुए, मा० मंत्री जी द्वारा कहा गया कि कोई भी दुर्घटना घटित होना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसमें प्रभावित परिवार के साथ-साथ प्रदेश को भी क्षति पहुंचती है। मंत्री जी द्वारा भविष्य में पर्वतीय क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु विशिष्ट कार्ययोजना बनाये जाने पर बल दिया। मा० मंत्री जी द्वारा सभी ब्लैक स्पॉट/ संवेदनशील स्थलों पर कैश बैरियर लगाये जाने, ओवरस्पीड/नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों के विरूद्ध कठोर प्रवर्तन की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देश दिये गये कि समय-समय पर मोबाईल टीम द्वारा चालक की दशा की भी जाँच की जाए कि कहीं चालक अस्वस्थ अथवा थका हुआ तो नहीं है। मा० मंत्री जी द्वारा चालकों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान करने के भी निर्देश दिये गये।

7 कैबिनेट मंत्री जी द्वारा इस बात पर भी बल दिया गया कि किसी भी प्रकार की घटना होने पर सबसे पहले स्थानीय व्यक्ति ही मदद के लिए पहुंचता है, पुलिस, परिवहन अथवा अन्य विभाग के अधिकारी बाद में पहुंचते हैं। अतः विभाग द्वारा फर्स्ट रेस्पोन्डर प्रशिक्षण प्रदान करना चाहिए, ताकि घायलों को तत्काल फर्स्ट एड उपलब्ध कराते हुए, उनकी जान बचायी जा सके।

8 कोविड-19 से प्रभावित चालको/परिचालको/क्लीनर्स को मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा की गयी घोषणा के अनुरूप धनराशि की सभी किश्त प्राथमिकता के आधार पर सम्बन्धित लाभार्थियों के खाते में स्थानान्तरित की जाये।

9 मंत्री जी द्वारा निगम की आय बढ़ाने और यात्रियों को निगम की बेहतर सेवायें उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।

10- यह भी निर्देश दिये गये कि निगम स्तर पर वाहन चालकों एवं परिचालकों के लिए विश्राम स्थल की उचित व्यवस्था की जाये।

11- मंत्री जी द्वारा उत्तराखण्ड परिवहन निगम की सम्पत्तियों/भूमि आदि को अतिक्रमण से बचाने हेतु समस्त उपाय करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये।

12- परिवहन मंत्री द्वारा निगम के कर्मचारियों को समय से वेतन का भुगतान कर निगम की आय बढ़ाने हेतु बस अड्डो पर व्यवसायिक गतिविधियाँ विकसित करने पर भी विचार कर लिया जाए।

बैठक में श्री अरविन्द सिंह ह्याँकी, सचिव, परिवहन, श्री रणवीर सिंह चौहान, परिवहन आयुक्त श्री रोहित मीणा, प्रबन्ध निदेशक, उत्तराखण्ड परिवहन निगम, श्री सनत कुमार सिंह, संयुक्त परिवहन आयुक्त, श्री सुधांशु गर्ग, उप परिवहन आयुक्त, डॉ० अनिता चमोला, सहायक परिवहन आयुक्त, उत्तराखण्ड श्री दीपक जैन, महाप्रबन्धक, उत्तराखण्ड परिवहन निगम के अतिरिक्त परिवहन विभाग एवं परिवहन निगम के मुख्यालय स्तर के अधिकारी उपस्थित थे। परिवहन विभाग एवं परिवहन निगम के जनपदीय अधिकारियों द्वारा वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया गया।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें